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कर्नाटक की मांड्या सीट पर बड़ा उलटफेर, इस अभिनेत्री ने सीएम के बेटे को दी शिकस्त

मांड्या लोकसभा सीट पर यह चर्चा का विषय था कि ‘‘डोड्डा गौदारा मौमागा’’ (देवगौड़ा के पौत्र) या ‘‘मंड्या दा सोसे’’ (मंड्या की बहू) के बीच बाजी कौन मारेगा. 

कर्नाटक की मांड्या सीट पर बड़ा उलटफेर, इस अभिनेत्री ने सीएम के बेटे को दी शिकस्त
निखिल (31) पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के परिवार से तीसरी पीढ़ी के नेता हैं और सुमालता (55) अभिनेता-नेता दिवंगत एमएच अंबरीश की पत्नी हैं.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के शुरुआती रुझान और नतीजे 2019 (Lok Sabha Election Results 2019) आने लगे हैं. लोकसभा चुनाव में दूसरी बार बीजेपी 'मोदी लहर' के साथ प्रचंड जीत से केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है. इन सबके बीच कर्नाटक की हाई प्रोफाइल मांड्या लोकसभा सीट पर चुनावी रुझान काफी चौंकाने वाले सामने आए हैं. मांड्या लोकसभा सीट पर बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुमालता अम्बरीष 1,26436 वोटों से आगे चल रही हैं. सुमालता के सामने राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल गौड़ा कांग्रेस-जेडीयू के संयुक्त प्रत्याशी हैं.

मांड्या लोकसभा सीट से कौन जीतेगा. वोक्कालिगा के गढ़ में यह लाख टके का सवाल है. इस लोकसभा सीट पर यह चर्चा का विषय था कि ‘‘डोड्डा गौदारा मौमागा’’ (देवगौड़ा के पौत्र) या ‘‘मंड्या दा सोसे’’ (मंड्या की बहू) के बीच बाजी कौन मारेगा. खेतों से लेकर चाय की दुकान तक हर जगह चर्चा है कि जेडीएस के उम्मीदवार की हालत बहुत अच्छी नहीं है. मांड्या को ‘‘सक्कारे नाडू’’ (गन्ने की भूमि) के तौर पर जाना जाता है और कावेरी की राजनीति का यह गढ़ है और वर्तमान चुनाव ने इसे सनसनीखेज नाटक से कम नहीं बना रखा है.

 

 

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के परिवार की तीसरी पीढ़ी से हैं निखिल
चुनाव मैदान में करीब 22 उम्मीदवार हैं लेकिन सीधा मुकाबला कांग्रेस-जेडीएस के संयुक्त उम्मीदवार निखिल और भाजपा समर्थित सुमनलता के बीच है. निखिल (31) पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के परिवार से तीसरी पीढ़ी के नेता हैं और सुमालता (55) अभिनेता-नेता दिवंगत एमएच अंबरीश की पत्नी हैं. मांड्या के मतदाता स्पष्ट रूप से बंटे हुए हैं और दोनों उम्मीदवार अपने परिवार की राजनीतिक विरासत पर निर्भर हैं. 

बता दें कि कांग्रेस के नेता अ्म्बरीश का निधन नवंबर 2018 में हो गया था. इस सीट से सुमालता टिकट की दावेदार थीं. लेकिन, कांग्रेस और जेडीयू गठबंधन के कारण इस सीट से निखिल को उम्मीदवार बनाया गया.