क्‍या वाकई ICJ में कुलभूषण मामले की सुनवाई के दौरान पाकिस्‍तानी जज को हार्ट अटैक आया था?

जस्टिस जिलानी से कहा गया कि वे आराम करें. डॉक्‍टरों ने कहा कि उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी. 

क्‍या वाकई ICJ में कुलभूषण मामले की सुनवाई के दौरान पाकिस्‍तानी जज को हार्ट अटैक आया था?
(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) में पाकिस्तान के न्यायाधीश तसद्दुक हुसैन गिलानी को दिल का दौरा पड़ गया, लेकिन डॉक्‍टरों ने इस बात से इनकार कर दिया है कि उन्‍हें हार्ट अटैक आया था.

जस्टिस जिलानी से कहा गया कि वे आराम करें. डॉक्‍टरों ने कहा कि उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी. पाकिस्तानी न्यायाधीश गुरुवार को अदालत में आएंगे. उनके परिवार ने WION को यह जानकारी दी.

पाकिस्तान के Abb Takk news की खबर के मुताबिक, 69 साल के तसद्दुक हुसैन गिलानी को अस्पताल ले जाया गया. सूत्रों ने कहा कि उन्हें अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है. ICJ ने सोमवार को जाधव के मामले में चार दिवसीय सुनवाई शुरू की थी.

इससे पहले सोमवार को भारत ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) से अनुरोध किया कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण जाधव को दिये गये मृत्युदंड को निरस्त किया जाए और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिये जाएं. भारत ने कहा कि यह मामला कानूनी प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा नहीं करता. 

सेवानिवृत्त भारतीय नौसैन्य अधिकारी जाधव (48) को ‘‘जासूसी और आतंकवाद’’ के आरोपों में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद मौत की सजा सुनाई थी. जाधव की सजा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

भारतीय नागरिक जाधव तक राजनयिक संपर्क की अनुमति देने से बार बार इंकार करके वियना संधि के प्रावधानों का पाकिस्तान द्वारा ‘‘खुला उल्लंघन’’ करने पर भारत मई 2017 में आईसीजे की शरण में गया था.

आईसीजे में भारत और जाधव का प्रतिनिधित्व कर रहे पूर्व सॉलीसिटर जनरल हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान की सैन्य अदालतें इस अदालत में भरोसा उत्पन्न नहीं कर सकतीं और उन्हें इस मामले में पुनर्विचार करने का निर्देश देकर दोषमुक्त होने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए. भारत जाधव की दोषसिद्धि को निरस्त करने तथा यह निर्देश देने का अनुरोध करता है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए.

आईसीजे मुख्यालय में यहां सोमवार को चार दिवसीय सुनवाई ऐसे समय शुरू हुई है जब जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद द्वारा किये गये आतंकी हमले में 41 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है.