Tejas Mark 1A Jet Latest News: देश में तेजस मार्क 1ए फाइटर जेट उड़ाने वाले पायलटों की ट्रेनिंग भी पूरी हो गई है. जबकि वे जेट अभी भी निर्माण की प्रक्रिया में हैं. वायुसेना सवाल पूछ रही है कि आखिर उसका इंतजार कब खत्म होगा.
IAF Group Y Airmen Recruitment 2026: ଆପଣ କ'ଣ ଭାରତୀୟ ବାୟୁସେନାରେ କାମ କରିବାର ଆଶା ରଖିଛନ୍ତି କି ? ଆପଣ ସ୍ଥାୟୀ ଏୟାରମ୍ୟାନ୍ ପଦବୀ ପାଇଁ ଅପେକ୍ଷା କରୁଛନ୍ତି? ଯଦି ହଁ, ତେବେ ଗ୍ରୁପ୍ Y ନନ୍-ଟେକ୍ନିକାଲ୍ ମେଡିକାଲ୍ ଆସିଷ୍ଟାଣ୍ଟ ଟ୍ରେଡ୍ ପାଇଁ ନିଯୁକ୍ତି ପାଇଁ ଯୋଗ୍ୟ ପ୍ରାର୍ଥୀମାନେ ଆବେଦନ କରିପାରିବେ।
Indian Army Preparedness Against China: भारत अब चीन-PAK के बढ़ते खतरों से निपटने से गहन तैयारियों में लगा है. वह तीनों सेनाओं को अब ऐसे हथियारों से लैस करने जा रहा है, जिसके बाद दुश्मनों के लिए दुस्साहस करना दूभर हो जाएगा. खास बात ये है इनमें से अधिकतर हथियारों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा.
NEET Re-Exam 2026: एयरफोर्स के स्पेशल प्लेन गजराज से NEET का प्रश्नपत्र पटना लाया गया. पटना पहुंचने के बाद प्रश्नपत्रों का सुरक्षित वितरण शुरू किया गया और उन्हें संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया.
IAF Plane Crash: असम के जोरहाट एयरबेस पर शनिवार को भारतीय वायुसेना का AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया. ताजा जानकारी के मुताबिक, इस क्रैश में भारतीय वायु सेना के 5 कर्मी शहीद हो गए है. जानकारी के अनुसार, को-पायलट बच गया है और उसका इलाज किया जा रहा है. भारतीय वायु सेना ने क्रैश की वजह का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं. आइए जानते हैं इस विमान के बारे में...
नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े इंतजाम किए हैं. प्रश्नपत्रों की ढुलाई में पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली जाएगी, जबकि CRPF, BSF और CISF की तैनाती पर भी विचार हो रहा है.
Indian Army: ग्लोबल डिप्लोमेसी और मिलिट्री के अखाड़े में भारत इस वक्त सुपरहीरो वाले रोल में है. आज भारत सिर्फ अपनी सरहदों पर ही पहरा नहीं दे रहा, बल्कि दुनिया के नक्शे पर कई ऐसे देश हैं जिनकी सुरक्षा की गारंटी सीधे नई दिल्ली से तय होती है. आधुनिक हथियारों की सप्लाई, घातक सैन्य ट्रेनिंग से लेकर दुश्मनों की पल-पल की खुफिया जानकारी देने तक, भारत अपने पड़ोसियों के लिए एक अभेद्य लोहे की दीवार बन चुका है. आइए देखते हैं कि कैसे भारत अपने मित्र देशों की सुरक्षा को संभाल रहा है और चीन की नींद उड़ा रहा है...
भारतीय वायुसेना ने टेक्निकल ब्रांच में भर्ती के लिए नई GATE स्कोर योजना शुरू की है. अब योग्य उम्मीदवार बिना AFCAT लिखित परीक्षा दिए सीधे AFSB टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट हो सकेंगे.
ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ: ଆଜି 'ଅପରେସନ ସିନ୍ଦୂର'ର ପ୍ରଥମ ବାର୍ଷିକୀ। ଏହା ଗତ ବର୍ଷ ଏହି ଦିନରେ ଭାରତୀୟ ସେନା ଦ୍ୱାରା ପିଓକେ ଏବଂ ପାକିସ୍ତାନରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ ଏବଂ ସେମାନଙ୍କର ପ୍ରମୁଖ ଘାଟି ବିରୁଦ୍ଧରେ କରାଯାଇଥିବା ଏକ ନିର୍ଣ୍ଣାୟକ ସାମରିକ ଅଭିଯାନ ଥିଲା। ଏପ୍ରିଲ ୨୨ରେ ପହଲଗାମ ଆତଙ୍କବାଦୀ ଆକ୍ରମଣର ଜବାବରେ ଏହି ଅଭିଯାନ କରାଯାଇଥିଲା, ଯେଉଁଥିରେ ପା
Purvanchal Expressway: यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आज फाइटर विमानों का एयर शो होगा. सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अरवल कीरी करवत गांव के पास बने एयर स्ट्रिप पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी. सुखोई, मिराज, तेजस और जगुआर के 9 फाइटर जेट रिहर्सल के लिए यहां पहुंच गए हैं. ये आधुनिक लड़ाकू विमान टेकऑफ और लैंडिंग का प्रदर्शन करेंगे. वीडियो देखिए...
GE Aerospace और Indian Air Force (IAF) के बीच एक अहम समझौता हुआ है, जिसके तहत भारत में F404-IN20 इंजन के लिए डिपो सुविधा स्थापित की जाएगी. ये इंजन HAL Tejas लड़ाकू विमान को शक्ति प्रदान करते हैं. इस पहल को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
IAF Airbus A321 Netra Program: इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसका नया AESA रडार होगा. जो Uttam रडार तकनीक पर आधारित है. विमान के ऊपर लगा बैलेंस बीम रडार पहले से बड़ा होगा. इसमें लगभग दोगुने Transmit/Receive मॉड्यूल (TRM) होंगे. इससे रडार की रेंज, सटीकता और छोटे या छुपे हुए टारगेट पकड़ने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी.
IAF Firefighting Robot: ये फायरफाइटिंग रोबोट बिना इंसान के चलने वाली मशीनें हैं. जो आग बुझाने का काम करती हैं. ये अधिक तापमान, धुएं और खतरनाक हालात में भी काम करने के लिए डिजाइन किये गए हैं. इनका इस्तेमाल एयरक्राफ्ट हैंगर, फ्यूल डिपो और गोला-बारूद भंडारण क्षेत्रों में किया जाएगा. जहां आग लगने की स्थिति में बड़ा नुकसान होने का खतरा रहता है.
IAF MiG-29 ASRAAM Integration: ASRAAM मिसाइल यूरोप की कंपनी MBDA द्वारा बनाई गई है. यह पहले से HAL Tejas और Jaguar जैसे विमानों पर इस्तेमाल हो रही है. अब इसे MiG-29 UPG वर्जन में जोड़ा जाएगा. इस मिसाइल की रेंज 25 किमी से अधिक है. जो मौजूदा R-73 missile से काफी ज्यादा है.
Airbus A400M Atlas India: भारतीय वायुसेना 60 से 80 मीडियम ट्रांसपोर्ट विमान खरीदने की योजना पर काम कर रही है. इसी बीच एयरबस ने संकेत दिए हैं कि A400M को मदरशिप कॉन्फिगरेशन में बदला जा सकता है. इस कॉन्सेप्ट के तहत विमान अपने कार्गो बेस से 300 किमी से अधिक रेंज वाली लोइटरिंग म्यूनिशन (ड्रोन जैसे हथियार) लॉन्च कर सकेगा.
IAF Vayu Baan Program: इस सिस्टम में एक छोटा और ऑटोमैटिक ड्रोन हेलीकॉप्टर से छोड़ा जाएगा. ड्रोन अपने आप टारगेट की पहचान करेगा. उसका लाइव वीडियो भेजेगा. इसके बाद उस पर सटीक हमला करेगा.
IAF DAD Unit Launch: यह पहल आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत की गई है. ताकि भारत को रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर कम निर्भर रहना पड़े. DAD का फोकस नई तकनीक विकसित करने, इनोवेशन बढ़ाने और अहम रक्षा प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने पर रहेगा.
IAF Garud Special Forces Drone: इस ड्रोन का कुल वजन करीब 25 किलो होगा. जिसे दो बैग में आसानी से ले जाया जा सकेगा. यह ड्रोन 16000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर उड़ान भर सकेगा. बिना रनवे के कहीं से भी टेकऑफ और लैंडिंग कर पाएगा. ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत इसकी निगरानी क्षमता है. इसमें हाई-टेक कैमरे लगे होंगे.
Indian Air Force Airlift Crisis: भारतीय वायुसेना के पास करीब 17 IL-76 विमान हैं. जो लंबे समय से सेना के लिए भारी सामान, सैनिकों और राहत सामग्री को तेजी से पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं. इन विमानों की उम्र अब काफी ज्यादा हो चुकी है. इससे इनके रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है.
Tejas Mk2 Deep Strike capability: डीप स्ट्राइक का मतलब दुश्मन की सीमा के काफी अंदर जाकर उसके अहम ठिकानों पर हमला करना है. इसमें कमांड सेंटर, एयरबेस, मिसाइल साइट और लॉजिस्टिक हब जैसे ठिकाने शामिल होते हैं. ऐसे हमलों का उद्देश्य दुश्मन की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. युद्ध शुरू होने से पहले ही बढ़त हासिल करना होता है.
IAF Forest Fire Operation: वायुसेना ने पासीघाट के मेबो और सिगार इलाकों में आग पर काबू पाने के लिए Mil Mi-17V-5 हेलीकॉप्टर तैनात किया. हेलीकॉप्टर ने कई बार उड़ान भरकर कुल 66 हजार लीटर पानी गिराया. इससे आग को फैलने से रोकने में मदद मिली.
5th Gen Fighter India: स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत को लंबी अवधि के लिए आधुनिक स्टेल्थ क्षमता देना है. इस प्रोजेक्ट का पहला प्रोटोटाइप 2028 में तैयार होने की उम्मीद है. पहली उड़ान साल 2029 में होने का टारगेट है. प्रोडक्शन अगले दशक की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है. इस बीच खरीदे गए विदेशी स्टेल्थ जेट केवल अस्थायी समाधान का काम करेंगे.