80s Ramanand Sagar Ramayan: 80 के दशक में जब भारत में टीवी नया-नया आया था, तब रामानंद सागर की ‘रामायण’ ने वो जादू चलाया, जो आज तक कोई शो नहीं चला पाया. ये सिर्फ एक टीवी सीरियल नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीयों के दिलों की धड़कन बन गया था. जब रविवार की सुबह इसका टेलीकास्ट होता था, तो पूरे देश की सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था. लोग अपने सारे काम छोड़कर टीवी के सामने बैठ जाते थे. कई घरों में तो लोग टीवी पर फूल चढ़ाते थे और अगरबत्ती जलाते थे. ‘रामायण’ ने उस दौर में हर उम्र के इंसान को एक धागे में बांध दिया था.
Serial Ramayan Vs Film Ramayana: भारतीय दर्शकों के लिए 'रामायण' सिर्फ एक महाकाव्य ही नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ा अनोखा अनुभव है. जब साल 1987 में रामानंद सागर की 'रामायण' पहली बार दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुई, तो उसने घर-घर में एक अलग ही माहौल बना दिया. वहीं अब नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' भी जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. लेकिन उससे पहले आइए बताते हैं दोनों 'रामायण' के बीच में क्या फर्क है.
Srimad Bhagavatam Part 1 Movie: इन दिनों चारों तरफ सिर्फ रणबीर कपूर की ‘रामायण’ का बज बन हुआ है, जो ट्रेलर रिलीज होने के बाद और ज्यादा बढ़ गया है. इसी बीच रामानंद सागर के पोते ने एक बड़ा ऐलान कर हर किसी को हैरान कर दिया. वे बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ की विशाल गाथा लेकर आ रहे हैं, जिसको 7 पार्ट्स में बनाया जाएगा.
90s की फेमस रामानंद सागर की 'रामायण' तो आपने देखी ही होगी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 'रामायण' रीजनल यानी हरियाणवी भाषा में बने तो कैसी होगी? ऐसी ही एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसकी भाषा हरियाणवी है. इसे देखने के बाद लोग इस पर रिएक्ट करना शुरू कर चुके हैं.
TV Serial Ramayan Audience Craze: 90s में दूरदर्शन पर टेलीकास्ट होने वाला सीरियल ‘रामायण’ सिर्फ एक टीवी शो नहीं था, बल्कि 90 के दशक में एक ऐसा तूफान था जिसने पूरे देश में एक नई लहर ला दी थी. रामानंद सागर के इस शो को लोग सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि उसे जीते थे. कहा जाता है कि रविवार की सुबह जब ‘रामायण’ सीरियल आता था, तो सड़कें सुनसान हो जाती थीं और पूरा देश टीवी के सामने बैठ जाता था. इस शो का क्रेज इतना था कि लोग अपने सभी काम शो की टाइमिंग से पहले निपटा लेते थे, जिससे वो आराम से बैठकर इसे देख सकें.
Where is Ramayan Jatayu Now: रामानंद सागर के टीवी सीरियल ‘रामायण’ में एक से बढ़कर एक कलाकार नजर आए, जिन्होंने अपनी बेहतरीन एक्टिंग और सरल रूप से दर्शकों का दिल जीत लिया. राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल और सीता के किरदार में नजर आने वाली एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया, दोनों को आज भी लोग भगवान मान कर पूजने लगते हैं. वहीं इसी सीरियल से लक्ष्मण, रावण, विभीषण, हनुमान और राजा दशरथ समेत कई किरदारों के कलाकारों को एक नई पहचान मिली.
80s Ramanand Sagar Mythological Serial: इंडियन टेलीविजन के इतिहास में माइथोलॉजिकल शोज का एक अलग ही स्थान रहा है. इन शोज ने न सिर्फ दर्शकों को एंटरटेन किया, बल्कि हमारे देश के कल्चर को भी घर-घर तक पहुंचाया. जब भी इस कैटेगरी की बात होती है, तो सबसे पहले सीरियल ‘रामायण’ का नाम सामने आता है, जिसने टीवी इंडस्ट्री में इतिहास रच दिया. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक माइथोलॉजिकल शो ऐसा भी रहा है, जिसे बनाने से रामानंद सागर ने इनकार कर दिया था. आइए बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में
Ramanand Sagar Serial Ramayan : इंडियन टेलीविजन की हिस्ट्री में कई माइथोलॉजिकल सीरियल टेलीकास्ट हुए, जिन्होंने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. 80 के दशक में रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ ने देशभर में खूब पॉपुलैरिटी हासिल की थी. इस शो के हर किरदार को दर्शकों ने दिल से अपनाया था, जिसमें राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान को लोगों से खूब प्यार मिला. लेकिन एक और ऐसा किरदार था, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया. उनकी एक्टिंग इतनी शानदार थी कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी उसी रूप में देखने लग गए.
Ramanand Sagar Ramayan: इंडियन टेलीविजन के इतिहास में अगर किसी शो ने सबसे गहरी छाप छोड़ी है, तो वो रामानंद सागर का सीरियल ‘रामायण’ है, जो साल 1980 में टेलीकास्ट हुआ था. वहीं इस माइथोलॉजीकल सीरियल ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि कई आम लोगों की जिंदगी पूरी तरह से बदल दी. लेकिन इस शो की सबसे खास बात ये थी कि इसमें कई ऐसे चेहरे थे, जो पहले बिल्कुल आम जिंदगी जी रहे थे फिर बाद में उन्हें इस शो ने पहचान दिलाने में मदद की.
Serial Ramayan Vs Film Ramayana : इंडियन टेलीविजन और सिनेमा में माइथोलॉजिकल कहानियों की हमेशा से एक खास जगह रही है. इन कहानियों ने न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया है, बल्कि हमारी संस्कृति को भी घर-घर तक पहुंचाया है. खासकर ‘रामायण’ जैसे महाकाव्य पर आधारित सीरियल्स ने दर्शकों के दिलों में अपनी कभी न मिटने वाली छाप छोड़ी. समय-समय पर कई कलाकारों ने रावण जैसे शक्तिशाली और मुश्किल किरदार को पर्दे पर उतारा, लेकिन कुछ ही ऐसे एक्टर रहे हैं जिनका चेहरा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है. यही वजह है कि आज भी पुराने और नए किरदारों की तुलना होती रहती है.
रामानंद सागर की माइथोलॉजिकल टीवी सीरीज ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है. इस शो ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि इसमें काम करने वाले कलाकारों को भी घर-घर में पहचान दिलाई थी. इसी शो में एक ऐसे एक्टर भी थे, जिन्होंने एक नहीं बल्कि तीन अलग-अलग किरदार निभाकर दर्शकों को चौंका दिया. आइए बताते हैं कि इस समय ये कलाकार कहां और किस हाल में बसर कर रहा है.
Ramanand Sagar Ramayan: रामानंद सागर के माइथोलॉजिकल सीरियल 'रामायण' को ऑनएयर हुए 39 साल हो गए हैं. इस शो में भगवान राम और सीता के किरदारों में अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया को लोगों का इतना प्यार मिला कि वो उन्हें आज भी पूजते हैं. इस धार्मिक शो का इतने साल बाद भी लोगों के बीच वैसा ही क्रेज है जितना पहले था. लेकिन, क्या आपको पता है इस पौराणिक सीरियल की शूटिंग में लोग इतने ज्यादा डूब गए थे कि कई तरह के चमत्कार भी उन्हें देखने को मिले थे.
Where is Ramayan Kumbhkaran? टीवी का वो दौर आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है, जब हर रविवार सुबह पूरा देश एक साथ बैठकर सीरियल ‘रामायण’ देखा करता था. उस समय के किरदार इतने दमदार थे कि आज भी लोग उन्हें उनके रोल के नाम से ही पहचानते हैं. इन्हीं में से एक किरदार ‘रामायण’ के कुंभकर्ण का था. उन्होंने भारी-भरकम शरीर, गूंजती आवाज और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया था. कम समय के स्क्रीन टाइम के बावजूद इस कलाकार ने ऐसा असर छोड़ा कि आज भी लोग उन्हें भूल नहीं पाए हैं. लेकिन आज वो कहां और किस हाल में बसर कर रहे हैं, आइए बताते हैं.
Where is Ramanand Sagar Ramayan Janak?: बहुत ही कम ऐसे टीवी शोज होते हैं जिनके किरदार और एक्टर लोगों के जहन में सालों साल तक जिंदा रहते हैं. ऐसा ही एक पौराणिक शो आज से करीबन 39 साल पहले आया था. जिसे रामानंद सागर ने बड़े ही प्यार से बनाया था. 1987 में आए इस माइथोलॉजिकल सीरियल की कहानी से लोग ऐसे जुड़े उसके किरदारों को भगवान मानकर पूजने लगे. लेकिन, समय के साथ इन सितारों के लुक में काफी बदलाव आ गया है. तो चलिए आज हम इसी सीरियल के एक और किरदार के बारे में आपको बताते हैं.
Where Is Ramanand Sagar Serial Shabari?: रामानंद सागर का पौराणिक सीरियल 'रामायण' की यादें आज भी लोगों के जहन में जिंदा है. जब भी लोगों का मन 'रामायण' देखने को होता है तो वो इसी 39 साल पुराने सीरियल को देखना पसंद करते हैं. इस सीरियल की शूटिंग से लेकर शो में किरदारों के रोल मिलने के किस्से काफी फेमस हुए. कई सितारों ने तो सीरियल में एक नहीं बल्कि कई किरदार एक-दो से ज्यादा बार निभाए. तो चलिए आज हम आपको इसी सीरियल के एक किरदार और कैसे रोल मिला इसके बारे में बताते हैं.
Where is Ramayana Serial Dasharatha?: जब भी माइथोलॉजिकल शो की बात आती है तो रामानंद सागर का सीरियल 'रामायण' सबसे पहले दिमाग में आता है. 39 साल पुराने शो का ऑरा ऐसा है जिसे जितनी बार भी देखो मन भरने का नाम नहीं लेता. ये शो, इसके किरदार और लोगों की इस सीरियल से भावनाएं ऐसी जुड़ी, कि लोग इस सीरियल के लोगों को सही के भगवान मानकर पूजने तक लगे थे. वैसे तो इस शो के सारे किरदार काफी मशहूर हुए थे. लेकिन, आज हम आपको राजा दशरथ का रोल निभाने वाले एक्टर के बारे में बताएंगे कि उन्हें ये रोल कैसे मिला और वो अब किस हाल में हैं.
Where Is Serial Ramayan Surpanakha?: 80s में छोटे पर्दे पर कई माइथोलॉजिकल शो टेलीकास्ट होते थे, जो आम लोगों को सामाजिक तौर पर विकसित और कुछ सीख देते थे. रामानंद सागर की ‘रामायण’ भी ऐसे ही एक माइथोलॉजिकल स्टोरी का हिस्सा है. इस सीरियल में रावण की बहन ‘शूर्पणखा’ का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस ने अपने अभिनय से सभी को हैरान कर दिया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस किरदार को पर्दे पर उतारने वाली एक्ट्रेस अब किस हाल में और कहां है?.
80 के दशक में टीवी पर एक से बढ़कर एक कहानियों को छोटे पर्दे पर उतारा गया था, जो कि लोगों को सामाजिक तौर पर जागरूक करती थी. यही वो दौर है जिसमें रामानंद सागर ने ‘रामायण’ को एक सीरियल के तौर पर पेश किया था, जो कि पिछले 39 सालों से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. वहीं इस सीरियल में ‘जामवंत’ का किरदार निभाने वाले एक्टर श्रीकांत राजशेखर उपाध्याय सालों से गायब हैं, आइए जानते हैं कि एक्टर के साथ क्या हुआ.
टीवी इंडस्ट्री के लिए शोक की खबर है. नए साल का दूसरा महीना ही चल रहा है कि टीवी इंडस्ट्री के दिग्गज सितारे रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है.
रामानंद सागर की 'रामायण' भारतीय टेलीविजन का एक ऐसा मील का पत्थर है, जिसने दर्शकों के दिलों पर ऐसी छाप छोड़ी, जो आज भी है. दूरदर्शन पर प्रसारित इस धारावाहिक ने वाल्मीकि रामायण पर आधारित कहानी को घर-घर पहुंचाया. 29 दिसंबर को रामानंद सागर की जयंती है.
'रामायण' और 'लव-कुश' जैसे कई बेहतरीन धारावाहिक बनाने वाले रामानंद सागर का एक और शो है, जिसे दर्शकों से खूब प्यार मिला. हम जिस शो की बात कर रहे हैं, लोग आज तक उसकी दमदार कास्ट और कहानी भूल नहीं पाए. भारत का एक ऐसा शो जो 32 पुराना है.
रामानंद सागर की 'रामायण' में अपने किरदार हनुमान से एक्टर दारा सिंह ने सभी का दिल जीत लिया था. दारा सिंह ने इस किरदार को इतनी सच्चाई से निभाया था, कि वो अपने डायलॉग को नींद में भी बोल सकते थे. वहीं उनकी राह पर चलते हुए बेटे विंदू ने भी 'रामायण' में यह रोल किया.