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2019 का रण जीतने के लिए पीएम मोदी के 6 'सिक्सर', विपक्ष 'क्लीन बोल्ड'

सरकार ने आम चुनाव से पहले शुक्रवार को पेश अपने आखरी बजट प्रस्तावों में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए कई बड़ी घोषणएं की हैं. 

2019 का रण जीतने के लिए पीएम मोदी के 6 'सिक्सर', विपक्ष 'क्लीन बोल्ड'
चुनावी वर्ष में पीएम मोदी ने सभी वर्गों को खुश करने की कोशिश की है.

नई दिल्ली: सरकार ने आम चुनाव से पहले शुक्रवार को पेश अपने आखरी बजट प्रस्तावों में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए कई बड़ी घोषणएं की हैं. चुनावी वर्ष में पीएम मोदी ने सभी वर्गों को खुश करने की कोशिश की है. बजट के जरिये मोदी सरकार ने जो '6 सिक्सर' लगाए हैं, उससे विपक्ष भी भौचक रह गया है. तो आइए एक-एक करके उन सभी छह सिक्सर के बारे में जानते हैं. 

छोटे किसानों को 6,000 रुपये का नकद समर्थन
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि नाम से एक नई योजना के तहत छोटे किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये की नकद सहायता देने का ऐलान किया. इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना 75,000 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ेगा. यह सहायता दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को उपलब्ध होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे. किसानों को सालभर में दो- दो हजार रूपये की तीन किस्तों में कुल 6,000 रुपये उनके खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे. इसे दिसंबर 2018 से लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि जल्द ही पहली किश्त किसानों के खाते में डाली जाएगी. इसे मोदी सरकार का सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. 

मजदूरों के लिए मेगा पेंशन योजना 
अंतरिम बजट में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ‘‘श्रम योगी मानधन योजना’’ की घोषणा की गई है. इसके तहत श्रमिकों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी. योजना के तहत श्रमिकों को मासिक 100 रुपये का योगदान करना होगा. इसके साथ ही 100 रुपये की राशि सरकार की तरफ से भी दी जायेगी. इससे 10 करोड़ श्रमिकों को फायदा होगा. इसे दूसरा सबड़े बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. इस योजना में कोई भी मजदूर 29 साल की उम्र तक शामिल हो सकता है और उसे 100 रुपये प्रति माह जमा कराने होंगे, जबकि जो मजदूर इसमें 18 साल की उम्र में शामिल होंगे, उसे 55 रुपये प्रति माह जमा कराने होंगे। 
 
नौकरी-पेशा को छूट 
मोदी सरकार ने ने मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा तबके की मांग को स्वीकार करते हुये पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय को टैक्स फ्री कर दिया है. वित्त मंत्री गोयल ने कहा कि पांच लाख रुपये तक की आमदनी वालों को अब कर देने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे लोग जिनकी सालाना आय 6.5 लाख रुपये तक है और उन्होंने जीवन बीमा, पांच साल की सावधि जमा तथा अन्य कर बचत वाली योजनाओं में निवेश किया है तो उन्हें भी अपनी पूरी आय पर छूट मिल सकती है. सरकार के इस कदसे से तीन करोड़ मध्यम वर्ग करदाताओं, स्वरोजगार करने वालों और वरिष्ठ नागरिकों को कुल मिलाकर 18,500 करोड़ रुपये तक का लाभ मिलेगा. चिकित्सा बीमा और पेंशन योजना में निवेश करने वालों को मिलाकर लाभार्थियों की संख्या और बढ़ जाएगी. इसके अलावा, सरकार ने ग्रेज्युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख कर दी है. इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) नियम के तहत पात्रता 15,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रतिमाह वेतन की गई. 

 

 

गांव और गाय पर फोकस
इसके अलावा, सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए आबंटन बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये कर दिया. इससे गाय संसाधनों का सतत अनुवांशिक उन्नयन करने और गायों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह आयोग गायों के लिए कानूनों और कल्याण योजना को प्रभावी रूप से लागू करने की भी देखभाल करेगा. इसके अलावा मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के बारे में सतत ध्यान केंद्रित करने के लिए सरकार ने अलग से मत्स्य पालन विभाग का सृजन करने का निर्णय किया है. कृषि क्षेत्र में संकट से निपटने के लिए गोयल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए भी दो प्रतिशत की ब्याज सहायता की घोषणा की, जबकि समय पर ऋण भुगतान के लिए उन्हें भी तीन प्रतिशत अधिक सहायता की पेशकश की गई है. 1 लाख डिजिटल गांव बनाने की बात बजट में की गई है. 

जवानों का बढ़ा जोश 
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को घोषणा की कि 2019-20 में रक्षा बजट तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है और पहली बार यह इस आंकड़े को पार कर रहा है. वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के लिए सरकार पहले से ही 35,000 करोड़ रूपये से अधिक आवंटित कर चुकी है. सरकार सभी सेनाकर्मियों की सैन्‍य सेवा वेतनमान (एमएसपी) में महत्‍वपूर्ण रूप से बढ़ोतरी और अत्‍यधिक जोखिम से भरे क्षेत्रों में तैनात नौसेना और वायुसेना कर्मियों को विशेष भत्‍ते दिये जाने की घोषणा कर चुकी है.  

आयुष्मान भारत योजना 
केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 2019-2020 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 61,398 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान की घोषणा की जिसमें 6400 करोड़ रुपये केंद्र की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के लिए आवंटित किये गए हैं. आने वाले वित्त वर्ष के लिए स्वास्थ्य आवंटन पिछले दो वित्त वर्ष में सर्वाधिक है. केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के लिए 6400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को इसकी शुरुआत की थी. योजना में हर साल देश में 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य है और इसमें सालाना पांच लाख रुपये तक के अस्पताल के इलाज खर्च के बीमा का प्रावधान है. आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 10 लाख लोगों का इलाज हुआ है. यह दुनिया की सबसे बड़ी चिकित्सा लाभ योजना है.