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चीन के विरोध के बाद भी नहीं माना अमेरिका, दक्षिण चीन सागर में उतारा युद्धपोत

इसे दोनों देशों के बीच वर्तमान व्यापार युद्ध को लेकर चीन को दबाव में लाने की कोशिश के रूप में देखते हैं. 

चीन के विरोध के बाद भी नहीं माना अमेरिका, दक्षिण चीन सागर में उतारा युद्धपोत
.(फाइल फोटो)

बीजिंग: चीन ने दक्षिण चीन सागर में उसके दावे वाली एक प्रवाल भित्ति के समीप से एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज के गुजरने को सोमवार को ‘भड़काऊपूर्ण कृत्य’ करार दिया और कहा कि वह नौवहन की आजादी को उसकी संप्रभुता को धत्ता बनाने के बहाने के रूप में इस्तेमाल करने के अमेरिका के प्रयास का कड़ा विरोध करता है. अमेरिकी सेवेंथ फ्लीट के प्रवक्ता कमांडर क्ले डॉस ने यहां मीडिया को बताया कि अमेरिकी विध्वंसक अत्यधिक समुद्री दावों को चुनौती देने तथा अंतराष्ट्रीय कानून के अनुसार जलमार्ग तक पहुंच को सुरक्षित रखने के लिए प्रीबल जहाज स्कारबोरो रीफ के 12 नौटिकल मील दायरे से गुजरा.

हाल के महीनों में दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले क्षेत्रों से गुजरने वाला यह दूसरा अमेरिकी नौसैनिक जहाज है. बुधवार को अमेरिकी नौसेना के प्रमुख ने कहा कि ऐसे अभियानों पर लोगों का जरूरत से ज्यादा ध्यान जाता है. चीनी अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी जंगी जहाजों की उपस्थिति हाल ही में ज्यादा हो गयी है.

वे इसे दोनों देशों के बीच वर्तमान व्यापार युद्ध को लेकर चीन को दबाव में लाने की कोशिश के रूप में देखते हैं. अमेरिका दक्षिण चीन सागर में नौवहन की आजादी पर जोर देने के प्रयास के तहत वहां बार बार अपने नौसैनिक जहाजों और विमानों के जाने का बचाव करता रहा है. वहां चीन के साथ ही वियतनाम, मलेशिया, फिलीपीन, ब्रुनेई और ताईवान भी दावा करते हैं.

अमेरिकी जहाज की उपस्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्त लु कांग ने कहा कि प्रीबल चीन सरकार की अनुमति के बगैर प्रवाल भित्ति के आसपास के समुद्री क्षेत्र से गुजरा. उन्होंने कहा, ‘‘चीनी नौसैनिक जहाज की पहचान की गयी है, उसका सत्यापन किया गया और कानून के अनुसार उसे चेतावनी दी गयी.

मैं कहना चाहूंगा कि अमेरिकी जहाज के कृत्य से चीन की संप्रभुता, संबंधित समुद्री क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा तथा अच्छी व्यवस्था का उल्लंघन हुआ है.’’ उन्होंने कहा कि चीन उसकी निंदा करता है और कड़ा विरोध करता है.