चीनी सामानों का बहिष्कार करो: 10 जून से शुरू होगा बड़ा अभियान

भारत को अपना कमाई का जरिया समझने वाले चीन को जल्द ही हाई वोल्टेज झटका लगने वाला है. क्योंकि हिन्दुस्तान में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए अभियान जोर पकड़ने लगा है. ऐसे में 'वोकल फॉर लोकल' मिशन को कामयाबी जरूर मिलेगी..

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 8, 2020, 07:04 AM IST
    • 10 जून से बड़ा अभियान शुरू करेगा CAIT
    • CAIT के इस कदम से चीन को तगड़ा झटका
    • बन गई है सूची, अब लगेगी चीन की 'लंका'
चीनी सामानों का बहिष्कार करो: 10 जून से शुरू होगा बड़ा अभियान

नई दिल्ली: चीन चाहें कितनी भी चालबाजी कर ले, लेकिन भारत के सामने उसकी एक नहीं चलने वाली है. सीमा पर बढ़ रही तनातनी का खामियाजा उसे व्यापार में भारी नुकसान उठाकर भुगतना पड़ेगा. क्योंकि भारत ने भी ये ठान लिया है कि जैसे को तैसा..

10 जून से बड़ा अभियान शुरू करेगा CAIT

चीन की करतूत के चलते भारत के लोगों में चीन को लेकर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) यानी CAIT आगामी 10 जून से चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए बहुत बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है. इस अभियान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को काफी मजबूती मिलेगी जिसका नाम आत्मनिर्भर भारत है. इसके तहत 'वोकल फॉर लोकल' को गतिशील करने में मदद मिलेगी.

CAIT के इस कदम से चीन को तगड़ा झटका

निश्चित तौर पर कंफेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स यानी कैट के इस अभियान से चीन को गहरी चोट पहुंचेगी. वो इसलिए, क्योंकि चीन ने अपना सबसे बड़ा बाजार इंडिया को बनाया है. जिसे देखते हुए, यदि चीनी सामानों के बहिष्कार का अभियान सफल हुआ तो चीन तो तगड़ा झटका लगना तय है. CAIT ने इस बात की भी जानकारी दी है कि उन्होंने इस मिशन को कामयाब बनाने के लिए साल 2021 तक का लक्ष्य भी रखा है.

इस लक्ष्य के तहत साल 2021 के दिसंबर माह तक चीनी सामानों के हिन्दुस्तान द्वारा आयात में करीब 1.5 लाख करोड़ रूपये कम कर दिए जाएं. यानी आने वाले 2021 के अंत तक ये टारगेट रखा गया है कि भारत करीब 1.5 लाख करोड़ रूपये के सामानों को खरीदना बंद कर दे.

बन गई है सूची, चीन की लगेगी 'लंका'

जैसा कि CAIT ने जानकारी दी है उसके अनुसार चीन से आने वाले करीब 3 हजार उत्पादों की ऐसी लिस्ट भी बना ली गई है, जिन सामानों के आयात न होने पर इंडिया पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि वो सभी वस्तुएं पहले से ही भारत में बन रही हैं.

इस अभियान के मद्देनजर CAIT के पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी बात कही. उन्होंने इस अभियान की जानकारी साझा करते हुए ये बताया कि इसके (अभियान) तहत CAIT भारत के व्यापारियों से इश बात का निवेदन करेगा कि वो चीनी सामानों को ना बेचे. साथ ही व्यापारियों और लोगों से ये भी आग्रह किया जाएगा कि चीनी वस्तुओं के जगह वो पर स्वदेशी सामानों को बेचे और खरीदें. CAIT के पदाधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 'लोकल पर वोकल' को सफल बनाने में CAIT एक अहम भूमिका निभाएगा.

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निश्चित तौर पर चीन ने जिस स्तर पर भारत में व्यापार का जाल फैलाया है, इसमें एक रात या दिन में बदलाव नहीं लाया जा सकता है. लेकिन ऐसे अभियानों के जरिए चीनी सामानों का बहिष्कार करके भारत को मजबूत और चीन को उसकी हैसियत जरूर दिखाई जा सकती है.

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