जामिया प्रदर्शनः कमल हासन ने किया पुलिस कार्रवाई का विरोध

चेन्नई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हासन ने जामिया में हुए बवाल पर पर पुलिस ऐक्शन का विरोध किया और कहा कि स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में सिर्फ पढ़ने नहीं जाते हैं. उन्होंने कहा, युवाओं को उन लोगों से जरूर सवाल करना चाहिए जो सत्ता में बैठे हैं. अगर उनके सवालों को दबाया जाता है तो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है. 

जामिया प्रदर्शनः कमल हासन ने किया पुलिस कार्रवाई का विरोध

चेन्नईः जामिया मीलिया इस्लामिया में हुई हिंसा की आंच देश के कई हिस्सों में महसूस की जा रही है. नागरिकता संशोधन कानून पर हुए इस बवाल पर ऐक्टर से नेता बने मक्कल नीधि मय्यम अध्यक्ष कमल हासन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि देश में लोकतंत्र आईसीयू में है और वह इस कानून के खिलाफ अपनी लड़ाई कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएंगे.

चेन्नई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हासन ने जामिया में हुए बवाल पर पर पुलिस ऐक्शन का विरोध किया और कहा कि स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में सिर्फ पढ़ने नहीं जाते हैं. उन्होंने कहा, युवाओं को उन लोगों से जरूर सवाल करना चाहिए जो सत्ता में बैठे हैं. अगर उनके सवालों को दबाया जाता है तो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है. 

मैं पर्मानेंट स्टूडेंट हूं
हासन ने कहा कि इस तरह के वाकयों से चिंता होती है, यह एक चेतावनी की तरह होती है और ऐसे वाकये होते ही जाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आपको सवाल उठाने के लिए स्टूडेंट होना जरूरी नहीं होता. हासन ने कहा, आपको उनके लिए आवाज उठाने के लिए स्टूडेंट होने की जरूरत नहीं. मैं इस सोसायटी में एक पर्मानेंट स्टूडेंट हूं. नागरिकता संशोधन कानून पर उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पार्टी या राज्य से इतर है. यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई सही रास्ते पर और सही तरीके से जारी रहेगी. वह कानूनी तरीके से इसे आगे बढ़ाएंगे.

ट्वीट कर ट्रोल हुईं हुमा कुरैशी
जामिया में घटी हिंसक झड़प को लेकर सोशल मीडिया पर हर कोई अपना विचार रख रहा है. ऐसे में बॉलिवुड सितारों ने भी आगे बढ़कर इन मुद्दों पर अपनी राय रखी है. फिलहाल जामिया वाले बवाल पर अपने कॉमेंट की वजह से काफी चर्चा में हैं ऐक्ट्रेस हुमा कुरैशी. हुमा ने एक-एक कर कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आमित शाह से सवाल किया है. हुमा कुरैशी ने अपने ट्वीट के जरिए कहा है, यह सही नहीं है. हमारे पास एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र है.

छात्रों के साथ पुलिस जिस तरह हिंसा भरा दुर्व्यवहार कर रही है वह भयानक है. देश के नागरिकों को शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है. पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह, क्या अब कोई ऑप्शन नहीं बचा है? हुमा ने अपने इस ट्वीट को पिन टु टॉप कर रखा है.

हुमा ने पुलिस की कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए तंज भरे लहजे में कहा है, 'आप कुल्हाड़ी लेकर इन छात्रों को काटना क्यों नहीं शुरू कर देते? आपका जमीर बचा है या मर चुका है? हुमा के इस ट्वीट पर ट्विटर यूज़र उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.