बीजेपी के प्रति नर्मी के साथ मायावती का कांग्रेस पर कड़क हमला

बीएसपी सुप्रीमो ने सावरकर मुद्दे पर चल रहे बवाल में और घी डाल दिया है. कांग्रेस के लिए उनके दुहरे चरित्र वाले आरोप का जवाब देना आसान नहीं होगा..  

बीजेपी के प्रति नर्मी के साथ मायावती का कांग्रेस पर कड़क हमला

नई दिल्ली. राहुल के सावरकर वाले बयान पर जमकर राजनीतिक घमासान जारी है. आरोप-प्रत्यारोपों के इस दौर में बीएसपी अध्यक्षा का बयान भी कांग्रेस के लिए न केवल नसीहत है बल्कि इस पार्टी के ऐतिहासिक दुहरे चरित्र का आइना भी है.

क्या कहा मायावती ने

सावरकर मुद्दे पर बीएसपी अध्यक्षा मायावती ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है. मायावती के अनुसार - ''महाराष्ट्र में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हो रहा है. यदि कांग्रेस सावरकर विरोधी है तो महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ हाँथ क्यों मिलाया?'' इस सिलसिले में आज 15 दिसम्बर 2019 को आया मायावती का ट्वीट कांग्रेस के दर्द को बढ़ाने वाला है. एक तरफ तो शिवसेना ही उस पर सावरकर को लेकर तंज कस रही है दूसरी ओर बीएसपी ने भी उसके दोगलेपन की खुली मिसाल दे डाली है.

क्यों कहा मायावती ने ऐसा 

मायावती के प्रदेश में तो उनकी दुश्मन नंबर वन वाली पार्टी बीजेपी ही है. ऐसे में सावरकर को लेकर कांग्रेस पर हल्ला बोलना एक अलग कहानी कहता है. मायावती के लिए उनका अपना प्रदेश उत्तरप्रदेश ही सबसे अहम है. उत्तरप्रदेश तो क्या सारे देश में कांग्रेस आज एक डूबती नाव से ज्यादा नहीं है. ऐसे में बीजेपी के दुश्मन नंबर वन पर मायावती का निशाना जहां बीजेपी के लिए अच्छी खबर है, वहीं इससे मायावती के मन में बीजेपी के प्रति भावी सद्भाव का श्रीगणेश होता भी नज़र आता है. 

महाराष्ट्र सरकार की नैया में छेद करने वाला कदम 

हालाँकि मायावती ने बड़ी समझदारी से महाराष्ट्र सरकार में फूट डालने वाला कार्ड खेला है. वैसे भी सावरकर के मुद्दे पर शिवसेना और कांग्रेस की खटपट की आवाज़ साफ सुनाई देने लगी है. ऐसे में मायावती भी प्रदेश में भाजपा के लिए राह आसान करती नज़र आती हैं. इस बयान के माध्यम से बीएसपी सुप्रीमो ने महाराष्ट्र सरकार की नैया में छेद करने की अपनी कोशिश को अंजाम दे दिया है.

शिवसेना पर भी साधा निशाना 

मायावती ने एक तीर से दो शिकार किये. एक तरफ तो कांग्रेस के दुहरेपन को बेनकाब किया वहीं महाराष्ट्र सरकार में उसकी प्रमुख साथी पार्टी शिवसेना को भी आड़े हाथों लेने से वे नहीं चुकीं. माया ने अपने ट्वीट में आगे कहा - ''शिवसेना तो अपने सदाबहार एजेंडे पर अभी भी चल रही है इसलिए वो नागरिकता संशोधन बिल पर भी केन्द्र सरकार के साथ रही. लेकिन अब वह सावरकर को लेकर कांग्रेस पर निशाना लगाने से नहीं चूक रही है.'' 

आर्टिकल 370 मुद्दे पर की थी सरकार की सराहना 

मायावती का संकेत स्पष्ट है. अपने सभी प्रत्यक्ष और अदृश्य मंशाओं के साथ वह बीजेपी को नाराज़ करके नहीं चलना चाहतीं. उन्होंने अपने एक हालिया ट्वीट में कहा था कि कश्मीर में धारा 370 हटाने के केंद्र सरकार के निर्णय का सही लाभ वहां के लोगों को आने वाले दिनों में मिलने वाला है. संविधान की सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक न्याय की इच्छा को सारे देश में बराबर लागू करने के लिए जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 व 35ए को हटाने की मांग देश में काफी समय से चल रही थी. 

विवाद का मूल परिदृश्य 

हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'भारत बचाओ रैली' में राहुल गांधी ने कांग्रेस के मंच से कहा था - ''मेरा नाम 'राहुल सावरकर' नहीं है, जो मैं माफी मांगूंगा.'' ये बात राहुल ने अपने 'रेप इन इंडिया' वाले बयान पर बीजेपी की माफी मांगने वाली मांग के जवाब में कही थी. राहुल के इस बयान ने  बीजेपी के क्रोध को बढ़ाया ही, साथ ही महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ गठबंधन के आलिंगन में बंधी शिवसेना को भी नाराज़ कर दिया है.