पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई कर रहा पाकिस्तान

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाया पाकिस्‍तान बस किसी तरह से भारत को नुकसान पहुंचाता है. पाकिस्तान अब पंजाब में माहौल खराब करने की कोशिश में लगा हुआ है.  

पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई कर रहा पाकिस्तान

अमृतसर: आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के वास्ते पंजाब के युवा ही उसका शिकार हो रहे हैं. पंजाब से हाल ही में खालिस्तान समर्थित दो आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके खुलासों ने पुलिस और जांच एजेंसियों की नींदें उड़ा दी है. दरअसल, गिरफ्तार किए गए खालिस्तानी आतंकवादियों ने पुलिस की पूछताछ में यह कबूला कि पड़ोसी देश पंजाब में मानव रहित ड्रोन(UAV) के जरिए हथियारों की सप्लाई की जा रही है. 

पंजाब में हो रही है ड्रोन से हथियारों की सप्लाई

पंजाब के अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस डीएसपी बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि 22 सितंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तकरीबन 4 आतंकवादियों को हिरासत में लिया गया था. जब आतंकवादियों से पूछताछ की जा रही थी तो जानकारी मिली कि 2 पाकिस्तानी ड्रोन अमृतसर जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं. खोजबीन के बाद ड्रोन के कुछ हिस्सों को बरामद कर लिया गया है. इन बरामद किए गए ड्रोन्स की वहन क्षमता तकरीबन 5-6 किलोग्राम है.

झब्बाल इलाके में चालू है हथियारों का खेल

भारत के खिलाफ सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साजिश करने और नाकाम होने के बाद पाकिस्तान को आखिरकार आतंक का सहारा ही तो था. मालूम हो कि जर्मनी में बैठे आतंकी गुरमीत सिंह बग्गा और रणजीत नीटा की शह पर कुछ दिनों पहले पाकिस्तान से पंजाब में ड्रोन के जरिए झब्बाल इलाके में हथियार गिरा कर उनका सप्लाई किया गया था. सितंबर महीने में तकरीबन हर 4 दिन के अंतराल में 8 बार पंजाब सीमा में ड्रोन से हथियारों की सप्लाई कई गई है.

इसे पकड़ने वाला कोई यंत्र नहीं किया गया इजात

इस मामले को लेकर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने यह कहा कि पंजाब में पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवादी मंसूबों को हवा देने की कोशिश में लगा रहता है. पड़ोसी देश से ड्रोन की मदद से हथियार भेजे जा रहे हैं, लेकिन राज्य की पुलिस और बीएसएफ के पास ड्रोन को पकड़ने का कोई यंत्र नहीं और ना ही कोई तरीका अभी इजात किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि इसको लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द ही गृह मंत्रालय से बात करने वाले हैं.