Yoga in Corona: योग से कम होगा कोरोना का प्रकोप?

एक अदृश्य वायरस ने पूरी दुनिया को खौफ के साए में जीने के लिए मजबूर कर दिया है. कोरोना काल में जहां हर कोई हताश है, वहीं संसार को सेहत के सूत्र में पिरोने वाला योग एक बेहतर विकल्प है. 'योग मेडिसिन' से दुनिया निरोग होगी.

Written by - Ayush Sinha | Last Updated : Apr 19, 2021, 06:30 AM IST
  • कोरोनाकाल में योग करो ना!
  • योग अपनाएं, कोरोना भगाएं
Yoga in Corona: योग से कम होगा कोरोना का प्रकोप?

नई दिल्ली: भारत देश के साथ साथ पूरी दुनिया जिस सबसे बड़े दुश्मन का सामना कर रही है, वो एक छोटा सा वायरस कोरोना है. जिसने बड़े बड़े देशों को घुटनों पर ला दिया. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भारत भी पूरी क्षमता के साथ कोरोना का मुकाबला कर रहा है और कोरोना से मुकाबले में योग बड़ा मददगार साबित हो सकता है.

कोरोना के खिलाफ अहम हथियार है 'योग'

किस तरह योग कोरोना को हराने में कारगर है, इसकी पूरी जानकारी आपको देते हैं. सच्चाई ये ही है कि कोरोना से सबसे ज्यादा खतरा श्वसन तंत्र को होता है. योग शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है.

प्राणायाम के जरिए श्वसन तंत्र मजबूत होता है और कोरोना का खतरा काफी कम हो जाता है. इसीलिए कोरोना काल में जानकार भी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का सुझाव दे रहे हैं.

इम्यूनिटी बढ़ाने वाले योग

- अनुलोम-विलोम
- भस्त्रिका प्राणायाम
- भ्रामरी प्राणायाम
- कपालभाति
- सूर्य नमस्कार

अनुलोम विलोम से आपको सामान्य रूप से होने वाली सर्दी खांसी और जुकाम तक नहीं होती है. दरअसल अनुलोम विलोम प्रणायाम को करने से श्वसन क्रिया बेहतर हो जाती है.

अनुलोम-विलोम

आराम से एक जगह पर बैठ जाएं
आंखों को बंद करें और योग शुरू करें
दाहिनी नाक से श्वास लें, बायीं नाक बंद रखें
बायीं नाक से श्वास छोड़ें, दाहिनी नाक बंद रखें
बायीं नाक से श्वास लें, दाहिनी नाक से छोड़ें

भस्त्रिका प्राणायाम के जरिए भी आप कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बचे रहेंगे. भस्त्रिका प्रणायाम को करने से शरीर की कोशिकाएं स्वस्थ बनी रहती हैं और श्वसन क्रिया से जुड़ी कोई भी बीमारी आपको नहीं होगी.

प्राणायाम

आराम से एक जगह पर ध्यान मुद्रा में बैठें
आंखों को बंद करें और अपनी पीठ सीधी रखें
धीरे-धीरे गहरी सांस लें, धीरे-धीरे सांस छोड़ें
सांस लेते वक्त सकारात्मक ऊर्जा पर ध्यान दें
सांस छोड़ते समय बीमारी को दूर करने की सोचें

 

भ्रामरी

आराम से शांत जगह पर बैठें
अंगूठे और उंगलियों से कान और आंखें बंद करें
नाक से सांस लें और मुंह बंद रखें
मधुमक्खी की तरह गुनगुनाते हुए सांस छोड़े
एक दिन में 5-7 बार भ्रामरी करें

कपालभाति एक प्रचलित प्राणायाम है. इस प्राणायाम को करने की प्रक्रिया में सांस लेते हैं और छोड़ते हैं. रोजाना करीब पांच मिनट तक इस प्रणायाम को करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और आप किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचे रहेंगे.

कपालभाति

आराम से एक जगह पर ध्यान मुद्रा में बैठें
आंखों को बंद करें, पीठ सीधी रखें
दोनों नाक से गहरी-गहरी सांस लें
पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए सांस छोड़े
सामान्य, मध्यम और तीव्र गति से कर सकते हैं

सूर्य नमस्कार से शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है. शरीर में रक्त का संचरण सुचारू रूप से होता है और इसे करने वालों का कार्डियोवेस्कुलर स्वास्थ्य अच्छा रहता है. हर व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास अवश्य करना चाहिए.

योग भगाए कोरोना रोग!

कोरोना संक्रमण सबसे पहले श्वसन तंत्र पर असर डालता है. जैसे नाक, विंड पाइप, फेफड़ों को ज्यादा खतरा है. श्वसन तंत्र की मजबूती सबसे ज्यादा जरूरी है. ऐसे में भस्त्रिका प्राणायाम और अनुलोम विलोम करें. नियमित योग से शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) में बढ़ोतरी होगी. WBC बढ़ने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी.

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फेफड़ों की मजबूती के लिये गोमुखासन करें. सूर्य नमस्कार से श्वसन और पाचन में सुधार लाता है. ताड़ासन, शशकासन से पाचन प्रणाली ठीक होती है. और हार्ट पेशेंट, डायबिटिक के लिये बेहद जरूरी है.

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