ब्रिटेन के चुनावी रण में मोदी-मोदी की गूंज!

ब्रिटेन के आम चुनाव में प्रवासी भारतीय कितना अहम हो गए हैं, इसका उदाहरण देखने को मिला है. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अपनी महिला मित्र कैरी सायमंड्स के साथ यहां एक प्रमुख हिंदू मंदिर में दर्शन करने पहुंचे और नया भारत बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन में उनके साथ मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया. यहां देखें- 5 बड़े कनेक्शन

ब्रिटेन के चुनावी रण में मोदी-मोदी की गूंज!

नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चुनाव के लिए भारतीयों को खुश करने की ठान ली है. चुनाव प्रचार के दौरान बोरिस जॉनसन कई बार अपने मतदाताओं के बीच इस खास अंदाज में पहुंचे. इसमें सबसे खास बात ये है कि हिंदुस्तानी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए उन्हें मंदिर मार्ग पर भी जाना पड़ा. इस दौरान उनके साथ उनकी महिला मित्र कैरी सायमंड्स भी थीं, जो साड़ी पहनकर प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं.

1). जय स्वामी नारायण

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 7 दिसंबर को लंडन के स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे थे. माथे पर तिलक, गले में माला और साथ में उनकी गर्लफ्रेंड कैरी सायमंड्स भी पारंपरिक हिंदुस्तानी महिला की पोशाक में थीं. इसके अलावा बोरिस जॉनसन 9 दिसंबर को लंडन के इस्कॉन मंदिर भी गए. यहां भी उन्होंने हिंदू परंपरा के मुताबिक पूजा-पाठ की और मंदिर में मौजूद कृष्ण के भक्तों से बातचीत भी की.

2). ब्रिटेन का 'रण' जीतने के लिए जरूरी 'टेंपल रन'?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस दौरान कहा कि 'ये मंदिर लंदन 2012 ओलंपिक के समय ब्रिटेन का एक गौरवशाली लैंड मार्क था जो हमारे देश की विविधताओं को प्रदर्शित कर रहा था. हमारे देश को ये हिंदू समुदाय के द्वारा दिया गया सबसे बड़ा उपहार है. लंदन और यूके खुश किस्मत है कि आप हमारे साथ हैं. ब्रिटेन में रहने वाले सभी भारतीयों ने हमारे लिए जो भी किया है, उसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करना चाहता हूं. यूनाइटेड किंगडम आपके बिना अधूरा रहता मैं भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए अगले साल के शुरुआत में भारत का दौरा करना चाहता हूं. प्रधानमंत्री मोदी लिविंग ब्रिज की बात करते हैं, वो लिविंग ब्रिज आपलोग हैं.'

कुछ ही घंटों के बाद ब्रिटेन में चुनाव होने वाले हैं. पूरी दुनिया में भारतीय मूल के लोग जहां भी रह रहे हैं, वहां उनका दबदबा है. पिछले दिनों बोरिस जॉनसन खरगोश, भेड़ और गायों के साथ भी दिखे. फुटबॉल खेला, अस्पताल में नर्सों का हाल-चाल जानने के लिए पहुंचे और टायर बदलने का भी काम किया.

3). बोरिस का इंडिया कनेक्शन

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था, उनके माता-पिता दोनों ब्रिटिश ही थे. बोरिस के पास अमेरिका और ब्रिटेन दोनों की नागरिकता है. भारत से उनका गहरा नाता है, उनकी पत्नी मरीना व्हीलर क्यूसी भारतीय सिख हैं. उनकी बेटी पूरी तरह से भारतीय हैं, इन्हीं संबंधों के कारण वह हमेशा इंडिया आते जाते रहे हैं. अपने इस रिश्ते के चलते उन्होंने कई भारतीय शादियों में भी शिरकत की. खास बात ये है कि वो जब भी अपने परिवार के साथ इंडिया आते थे, वो दिल्ली या मुंबई में ठहरना पसंद करते थे.

इसके अलावा ब्रिटेन में सत्ता संभालने के बाद बोरिस ने अपने मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के तीन सदस्यों को जगह दी थी. प्रीति पटेल को गृहमंत्री के पद पर नियुक्त किया गया था, इसके अलावा आलोक शर्मा और ऋषि सुनक को अहम पद पर तैनात किया गया था. जाहिर है, बोरस का भारत से नाता किसी से छिपा नहीं है.

4). हिंदुओं को मनाने में जुटी विपक्षी लेबर पार्टी

ब्रिटेन की प्रमुख विपक्षी लेबर पार्टी भी हिंदुओं को मनाने में जुटी है. लेकिन चुनाव प्रचार की शुरुआत में इस पार्टी ने कश्मीर से धारा-370 हटाए जाने पर भारत के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था. इसे लेकर ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों में नाराजगी है. लेबर पार्टी के इस प्रस्ताव को ब्रिटेन में रह रहे मुस्लिमों को अपनी ओर करने की कोशिश के रूप में देखा गया. लेकिन विवाद बढ़ने पर लेबर पार्टी ने घोषणापत्र में जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए भारत से माफी मांगने का वादा किया है.

5). आकंड़ों से समझिए ब्रिटेन में हिंदू वोटर का 'नंबर गेम'

ब्रिटेन के ज्यादातर हिंदू अभी तक लेबर पार्टी को ही वोट देते आए हैं, लेकिन अब वे कंजरवेटिव के नजदीक दिख रहे हैं.

ब्रिटेन में आजकल एक चुनावी गीत भी चर्चा में है. इस ELECTION CAMPAIGN SONG को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी के समर्थन में जारी किया गया है. इसमें बोरिस जॉनसन के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिखाया गया है. जिस तरीके से इसमें हिंदी का प्रयोग किया गया है, ऐसा लग रहा है कि बोरिस जॉनसन इंग्लैंड में नहीं, बल्कि भारत में चुनाव लड़ रहे हैं. इसकी वजह ये है कि ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय... संख्या बल के साथ-साथ...आर्थिक रूप से भी बेहद मज़बूत हैं ।