पाकिस्तान में मचा हाहाकार! न खाने को, न पकाने को

जब से पाकिस्तान की सत्ता इमरान खान के हाथ में आई है अवाम परेशान है. आसमान छूती महंगाई ने पहले ही लोगों की कमर तोड़ रखी थी, अब दो जून की रोटी का मुश्किल से जुगाड़ करने वाले आम पाकिस्तानी को रोटी पकाने की दिक्कत हो रही है. क्योंकि पकाने के लिए उसके पास गैस नहीं है.

पाकिस्तान में मचा हाहाकार! न खाने को, न पकाने को

नई दिल्ली: नए पाकिस्तान का सपना दिखाकर सत्ता में आए इमरान खान से लोगों का मोहभंग हो चुका है. एक साल से भी ज़्यादा वक्त सत्ता में रहते हुए इमरान खान ना तो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कदम उठा पाए ना ही कर्जा कम कर पाए और ना ही लोगों को सस्ती रोटी दे पाए. बल्कि अब तो लोगों के लिए रोटी पकाने के भी लाले पड़ गए हैं. क्योंकि पाकिस्तान में कुकिंग गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है.

महंगी रसोई गैस ने लोगों की कमर तोड़ी

लोगों की साफतौर पर शिकायत है कि वो बिल भरते हैं टैक्स भरते हैं लेकिन गर्मी में उन्हें बिजली नहीं मिलती तो सर्दियों में गैस की सप्लाई बंद हो जाती है. इसी साल जुलाई में महंगी रसोई गैस और आटे की बढ़ती कीमतों की वजह से पाकिस्तान में 7 से 8 रुपए में मिलने वाले नान और रोटी की कीमत 12 से 15 रुपए तक पहुंच गई थी. 

पाकिस्तान में सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही परेशानी नहीं है. कारोबारियों को भी गैस की सप्लाई ना होने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. गैस की सप्लाई बंद होने से फैक्ट्री में काम बंद हो गया है जिससे मज़दूर बेरोजगारी का शिकार होना शुरू हो गए हैं.

गैस की आपूर्ति नहीं कर पा रही सरकार

चाहें कुकिंग गैस हो या फैक्ट्रियों को दी जाने वाली गैस या फिर सीएनजी, सरकार किसी भी तबके को गैस की आपूर्ति नहीं कर पा रही है. गैस और सीएनजी की बंदी से आम नागरिक और मिल मालिक परेशान है तो सीएनजी नहीं होने से सड़क पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी कम हो गया है. जिससे किराये आसमान पर पहुंच गए हैं और गाड़ियां कम होने से लोग समय पर ऑफिस नहीं पहुंच पा रहे हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में 6 अरब घन फीट गैस की ज़रूरत है जबकि सप्लाई 4 अरब घन फीट की हो रही है. पाकिस्तान में रसोई में काम आने वाली गैस की आपूर्ति घर-घर में पाइप के जरिए होती है. सर्दी के मौसम में देश में गैस की मांग बढ़ जाती है. इसके बावजूद मांग के मुताबिक गैस का इंतजाम समय पर नहीं किया गया. अब सरकार गैस का आयात बढ़ाने की कवायद में जुटी है. हालात ये है कि कराची और लाहौर जैसे शहरों में बारह-बारह घंटों तक घरों में गैस की आपूर्ति नहीं की जा रही है. छोटे शहरों में हालात और भी बुरे हैं.

होटलों में खाने वालों की मुसीबत बढ़ी

दिक्कत इस वजह से और भी बढ़ गई है कि जो गैस सप्लाई हो रही है उसका प्रेशर बहुत कम है. आंच तेज नहीं होने से घरों के साथ साथ होटलों के तंदूर भी ठंडे पड़ गए हैं. इससे होटलों में खाने वालों की मुसीबत बढ़ गई है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक गैस के भारी भरकम बिल भरने के बावजूद लोग घरों में लकड़ी जलाकर काम चला रहे हैं.

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अपने मुल्क की असल समस्याओं की ओर ध्यान न देकर इमरान खान भारत से जुड़े मामले उठाकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते रहे हैं. लेकिन अब जनता भी इस बात को समझने लगी है कि जहां जरूरी है सरकार वहां खर्च नहीं कर के ऐसी जगह कर रही है जिससे जनता की सुविधाओं का वास्ता नहीं. उधर IMF ने कहा है कि पाकिस्तान आने वाले सालों में भी संकटों से घिरा रहेगा. इसके अलावा पाकिस्तान के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की काली सूची में जाने का खतरा भी बना हुआ है. गर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है और तब पहले से ही कंगाल इस देश के लिए संभल पाना बेहद मुश्किल होगा.

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