इन 3 नॉन-मुस्लिम भारतीय ने 3 राज्य सरकारों के सांप्रदायिक फैसले पर कसवाई लगाम

Supreme Court stays directive for displaying names of eatery owners: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और मध्य प्रदेश की भाजपा शासित सरकारों के कांवड़ यात्रा में पड़ने वाले भोजनालयों और दुकानों के मालिकों के नाम प्रदर्शित करने संबंधी निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी है. सरकार के इस फैसले को TMC सांसद महुआ मोइत्रा, दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद और मानवाधिकार कार्यकर्त्ता आकार पटेल ने चुनौती दी थी.
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 इन 3 नॉन-मुस्लिम भारतीय ने 3 राज्य सरकारों के सांप्रदायिक फैसले पर कसवाई लगाम
Image Credit: आकार पटेल, महुआ मोइत्रा और प्रोफेसर अपूर्वानंद

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Hussain Tabish

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हुसैन ताबिश जी न्यूज़ में एसोसिएट न्यूज़ एडिटर हैं. उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क पर ख़बरों से खेलने का 18 सालों का अनुभव है. Zee से पहले वो HT Media, Amar Ujala, Prasar Bharti, Raj Express, Forward Press, Mahanagar Media Network Ltd, BIG Pvt. Ltd. और देशबंधु अखबार में सेवाएं दे चुके हैं. वह ICSSR फंडेड रिसर्च प्रोजेक्ट में रिसर्च एसोसिएट रह चुके हैं. बिहार में मुस्लिम महिलाओं में शिक्षा का निम्न स्तर, अकुशल मजदूरों के पलायन और इंसेफेलाइटिस पर रिपोर्टिंग के लिए उन्हें फेलोशिप मिल चुका है. शिक्षा से एम.फिल और पी.एचडी हुसैन ताबिश पत्रकार के अलावा एक मीडिया शोधार्थी, शिक्षक और प्रशिक्षक भी हैं, फिर भी खुद को जर्नलिज्म का इंटर्न मानते हैं. राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, जेंडर सेंसिटिविटी, सोशल जस्टिस और माइनॉरिटी इश्यूज उनके प्रिय विषय हैं.(उनतक पहुँचने का पता mohammad.tabish@India.com