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नौकरीपेशा को बजट से बड़ी उम्मीद, टैक्स फ्री हो सकती है 5 लाख तक की आय

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब से कुछ घंटो बाद पेश करेंगी. यह पहला मौका होगा जब निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. बजट आने से पहले ही इस बार टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

नौकरीपेशा को बजट से बड़ी उम्मीद, टैक्स फ्री हो सकती है 5 लाख तक की आय

नई दिल्ली : Budget 2019 : मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब से कुछ घंटो बाद पेश करेंगी. यह पहला मौका होगा जब निर्मला सीतारमण बजट (Budget 2019)  पेश करेंगी. बजट आने से पहले ही इस बार टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार इस बार के बजट में सरकार 80C में टैक्स छूट की सीमा को 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक कर सकती है. सरकार की तरफ से ऐसा किया जाता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा सर्विस क्लास को होगा. 1 फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट में सरकार की तरफ से 5 लाख तक की आय वालों के लिए रीबेट का ऐलान किया गया था. लेकिन इस बार इससे भी बड़ी रियारत की उम्मीद की जा रही है.

80C का दायरा बढ़ा सकती है सरकार
सूत्रों का कहना है कि इस बार के बजट में सरकार आयकर अधिनियम के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट की सीमा बढ़ा सकती है. अभी आप टैक्स छूट के साथ 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं. लेकिन इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा सकता है. इसके अलावा भी सरकार नौकरीपेशा को खुश करने के लिए कई और छूट देने का मन बना रही है.

यह हो सकता है नया टैक्स स्लैब
अभी इनकम टैक्स नियम के अनुसार टैक्सपेयर्स को 2 लाख 50 हजार रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता. लेकिन, अब इसे सीधे तौर पर बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो धारा 80C में निवेश के साथ टैक्सपेयर्स को कुल 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

होम लोन के ब्याज भी छूट संभव
होम लोन पर ब्याज छूट बढ़कर 2.5 लाख तक होने की संभावना जताई जा रही है. अभी यह सीमा 2 लाख रुपये है. यदि सरकार की तरफ से यह ऐलान किया जाता है तो टैक्स पेयर्स को पहले से ज्यादा टैक्स छूट का लाभ मिलेगा.

इसलिए बदल सकता है टैक्स स्लैब
नौकरीपेशा लोगों की तरफ से पिछले काफी समय से टैक्स स्लैब में बदलाव की मांग की जा रही है. इसका दूसरा कारण यह है कि जीडीपी ग्रोथ पिछले पांच साल के निचले स्तर पर है. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.8 प्रतिशत पर थी. अगले वित्त वर्ष में सरकार ने इसके 7 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद जताई है. इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाए जाने पर अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. लेकिन सरकार के ऊपर बोझ बढ़ जाएगा.

बजट से अलग-अलग वर्ग को उम्मीदें

बजट में किसानों का 'कल्याण
- किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन देने का ऐलान संभव
- 1 लाख तक के कर्ज़ को ब्याज मुक्त किया जा सकता है
- मुनाफाखोरी रोकने के लिए फसल बीमा योजना में बदलाव संभव
- किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने पर कमद
- सूखे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा कोष का बजट बढ़ सकता है

बजट से कारोबारियों को उम्मीद
- बिना गारंटी 50 लाख रुपये तक का कर्ज़ संभव
- 10 लाख तक दुर्घटना बीमा का ऐलान हो सकता है
- 'राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति' लाई जा सकती है
- 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' का दायरा बढ़ सकता है
- स्टार्ट-अप पर लगने वाले एंजल टैक्स में राहत संभव
- LLP फर्म पर टैक्स 30% से घटकर 25% हो सकता है
- जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर इंपोर्ट ड्यूटी में राहत संभव

बजट में बुजुर्गों को 'आर्थिक' रोशनी
- वरिष्ठ नागरिकों के टैक्स स्लैब में बदलाव हो सकता है
- 80 साल की उम्र वालों की टैक्स छूट सीमा 5 लाख संभव
- इलाज पर होने वाले खर्च में छूट की सीमा बढ़ सकती है
- जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर TDS में छूट मिल सकती है
- अटल पेंशन, प्रधानमंत्री मानधन पेंशन योजना का दायरा बढ़ सकता है
- सेविंग स्कीम में निवेश सीमा और ब्याज दर बढ़ सकती है

युवाओं को बजट से क्या चाहिए ?
- एजुकेशन लोन में राहत मिले
- औसत छात्रों के लिए लोन लेना आसान हो
- एजुकेशन लोन की ब्याज़ दरों का अंतर ख़त्म हो
- स्किल डेवलपमेंट, रोज़गार की गारंटी पर फोकस
- सरकारी नौकरियों में हों नई भर्तियां
- नौकरियों के अच्छे मौके मिलें
- रोज़गार और स्टार्ट अप में फ़ायदा मिले
- आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को मिले मदद
- खेल से जुड़े सामान सस्ते होने चाहिए