Budget 2019 को निरस्त करने के लिए याचिका दायर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा...

याचिकाकर्ता का कहना है कि संविधान में पूर्ण बजट और लेखानुदान पेश करने का ही प्रावधान है. अंतरिम बजट का कोई प्रावधान नहीं है.

Budget 2019 को निरस्त करने के लिए याचिका दायर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा...
1 फरवरी को पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था. (फाइल)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट को निरस्त करने के लिये दायर एक याचिका सोमवार को खारिज कर दी. इस याचिका में दावा किया गया था कि संविधान में अंतरिम बजट का कोई प्रावधान नहीं है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा की याचिका खारिज करते हुये कहा कि वे इस पर विचार करने की इच्छुक नहीं हैं. मनोहर लाल शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से यह याचिका दायर की थी. शर्मा ने अपनी याचिका में कहा था कि संविधान में पूर्ण बजट और लेखानुदान पेश करने का ही प्रावधान है.

चुनाव वर्ष के दौरान सीमित अवधि के दौरान सरकारी खर्च के लिये लेखानुदान का प्रावधान है जबकि बाद में निर्वाचित सरकार पूर्ण बजट पेश करती है. लोक सभा में एक फरवरी को अंतिरम बजट पेश किया गया था जिसमे मध्यम वर्ग और किसानों के लिये अनेक राहतों की घोषणा की गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित एक मुद्दे को लेकर वित्त मंत्री अरूण जेटली के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने पर पिछले साल दिसंबर में मनोहर लाल शर्मा पर 50,000 रूपए का जुर्माना भी किया था.

असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए 3000 रुपये पेंशन देने वाली योजना शुरू, ये है उम्र सीमा

इस बजट में कई घोषणाएं की गई हैं. पहली घोषणा के तहत किसानों को साल में 6000 रुपये पेंशन देने का ऐलान किया गया है. इससे करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा मिलेगा. दूसरा लाभ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को दी गई है. 18 साल से 40 साल उम्र तक के कारगारों को कुछ रुपये जमा करना होगा. 60 साल के बाद उन्हें हर महीने 3000 रुपये का पेंशन मिलेगा. इसके अलावा 5 लाख तक टैक्सेबल इनकम को कर मुक्त कर दिया गया है. मतलब, किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा.

(इनपुट-एजेंसी से भी)

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.