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World Cup final: अगर दोनों टीमों के बाउंड्री काउंट भी बराबर होते, तो कैसे होता फैसला

विश्व कप फाइनल में खिताब के विजेता का फैसला बाउंड्री काउंट से हुआ. लेकिन यह टाई होने पर भी आगे फैसला कैसे होता यह आईसीसी तय कर चुकी है.

World Cup final: अगर दोनों टीमों के बाउंड्री काउंट भी बराबर होते, तो कैसे होता फैसला
विश्व कप फाइनल मैच में टाई को लेकर नियमों पर आपत्तियां जताई जा रही हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आईसीसी विश्व कप-2019 (ICC World Cup 2019)  के फाइनल मैच में रोमांच की इंतिहा हो गई थी. किसी ने भी नहीं सोचा था कि मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर भी टाई होगा. इस स्थिति में विजेता का फैसला बाउंड्री काउंट से हुआ जिसमें इंग्लैंड ने बाजी मारी. किसी भी टीम ने खेल के दौरान यह नहीं सोचा होगा कि बाउंड्री ज्यादा लगाई जाएं जिससे कि फैसला टीम के हक में जाए. वहीं शायद यह नियम बनाने वालों ने भी न सोचा होगा कि बाउंड्री काउंट का नियम इस तरह और इतनी आलोचना का शिकार हो जाएगा. लेकिन मैच के बाद टीम दोनों ही टीमों के कप्तान को कहना पड़ा कि वे इस मामले कुछ नहीं कर सकते थे. बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि अगर मैच में बाउंड्री काउंट भी टाई होता तब फैसला किस तरह से होता. 

क्या है आईसीसी का टाई मैच नियम
आईसीसी के मुताबिक अगर मैच टाई होता है तो फैसला सुपर ओवर से होगा. इस सुपर ओवर को पहले वह टीम फेंकेगी जो दूसरी पारी में फील्डिंग कर रही थी. बल्लेबाजी करने वाली टीम के अधिकतम तीन बल्लेबाज बैटिंग कर सकेंगे. यानि अगर बॉलिंग करने वाली टीम ने दो विकेट गिरा दिए तो वह सुपर ओवर वहीं समाप्त हो जाएगा. सुपर ओवर में फील्ड रिस्टिक्शंस वही होंगे जो मैच के आखिरी (50वें) ओवर में थे. दोनों टीमों के एक-एक रीव्यू भी मिलेगा. अंत में जिस टीम ने सुपर ओवर में जिस टीम ने ज्यादा रन बनाए होंगे वही विजेता होगी. 

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फिर अगर सुपर ओवर भी टाई हुआ तो
यहीं बाउंड्री काउंट का नियम आता है. सुपर ओवर के टाई होने की स्थिति में बाउंड्री काउंट से फैसला होगा. जैसा कि फाइनल में हुआ. आईसीसी नियम के मुताबिक जिस टीम ने 50 ओवर और सुपर ओवर सहित सबसे ज्यादा बाउंड्री ( चौके और छक्के मिलाकर) लगाई होंगी वही टीम विजेता होगी. यही नियम विश्व कप फाइनल में निर्णायक रहा. यहां इंग्लैंड ने कुल 26 बाउंड्री लगाई थीं. जबकि न्यूजीलैंड का बाउंड्री काउंट 17 था. 

अगर बाउंड्री काउंट समान होते तो
यहां भी आईसीसी ने एक और विकल्प दिया है. अगर टोटल बाउंड्री काउंट बराबार होते तो जीत का फैसला सुपर ओवर के बाउंड्री को नजर अंदाज कर मुख्य मैच में लगाई गई कुल बाउंड्री से होता. यहां इंग्लैंड ने नाम 24 बाउंड्री थी वहीं न्यूजीलैंड का बाउंड्री काउंट 16 रहता. 

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हर हाल में बाउंड्री काउंट समान हो तो कैसे होगा फैसला
यहां पर (जब मुख्य मैच सहित कुल बाउंड्री काउंट दोनों ही समान हों तो फैसले के लिए सुपर ओवर देखा जाएगा. शुरुआत आखिरी गेंद से होगी  आखिरी गेंद पर जिस टीन ने ज्यादा रन बनाए हों उसे विजेता घोषित किया जाएगा. यदि यहां भी टाई की स्थिति हुई तो फिर पांचवी गेंद, चौथी गेंद फिर तीसरी दूसरी और अंत में पहली गेंद तक इस क्रम में विजेता का फैसला होगा. इसके बाद आईसीसी के नियम में यह स्पष्ट नहीं है कि अगर हर गेंद पर रनों की संख्या बराबर रही तो फिर फैसला कैसे होगा.