बाटा शोरूम ने कैरी बैग के लिए 3 रुपए वसूले, ग्राहक की शिकायत पर लगा 9 हजार जुर्माना

चंडीगढ़ कंज्यूमर फोरम ने बाटा को फटकार लगाई. कैरी बैग के लिए 3 रुपए अलग से चार्ज करने के लिए अलग अलग तरीकों से 9000 रुपए का ज़ुर्माना लगाया है.

बाटा शोरूम ने कैरी बैग के लिए 3 रुपए वसूले, ग्राहक की शिकायत पर लगा 9 हजार जुर्माना

चंडीगढ़: बाटा के शोरूम को एक ग्राहक से कैरी बैग के लिए अतिरिक्‍त 3 रुपए वसूलना भारी पड़ गया. मामला चंडीगढ़ के सेक्‍टर 22 स्‍थित एक बाटा शोरूम का है. चंडीगढ़ कंज्यूमर फोरम ने बाटा को फटकार लगाई. कैरी बैग के लिए 3 रुपए अलग से चार्ज करने के लिए अलग अलग तरीकों से 9000 रुपए का ज़ुर्माना लगाया है. कंज्यूमर फोरम ने बाटा शोरूम द्वारा शिकायतकर्ता दिनेश प्रसाद को न सिर्फ कैरीबैग के लिए चार्ज किए 3 रुपए लौटाने के निर्देश दिए हैं, बल्कि शिकायतकर्ता को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के लिए तीन हजार रुपए मुआवज़ा और एक हजार रुपए केस खर्च देने के आदेश दिए हैं. फोरम ने शोरूम को उसके यहां आने वाले सभी ग्राहकों को फ्री में कैरी बैग मुहैया करवाने के आदेश दिए है.

सेक्टर-23 निवासी दिनेश प्रसाद ने बाटा शोरूम से फरवरी, 2019 में जूते खरीदे थे. इसके लिए शिकायतकर्ता ने शोरूम मालिक को 402 रुपए दिए. शोरूम मालिक ने दिनेश से कैरी बैग के अलग से तीन रुपए वसूल किए. शिकायतकर्ता ने जब कैरी बैग के लिए वसूले गए रुपए मांगे तो शोरूम मालिक ने मना कर दिया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने कंज्यूमर फोरम में इसकी शिकायत कर दी. एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने बताया कि अलग अलग ब्रैंडस द्वारा कैरी बैग के लिए अल्ग से चार्ज करने पर कंज्यूमर फोरम पहले भी सख्ती दिखा चुका है, लेकिन बड़े-बड़े ब्रैंडस इन आदेशों को तब तक गंभीरता से नहीं लेते जब तक उस पर्टीकुलर ब्रैंड का मामला डिस्ट्रिक कंज्यूमर डिस्पयूट रेडरेसल फोरम ने न जाए.

पहले भी आदेश हो चुका है जारी
उन्‍होंने बताया बाटा से पहले कंज्यूमर फोरम लाइफस्टाइल और वेस्टसाइड के खिलाफ डाली शिकायत में ये आदेश जारी कर चुका है. जिसमें शिकायतकर्ता पंकज चांदगोठिया को फोरम ने मुआवज़ा भी दिया और साथ ही लाइफस्टाइल और वेस्टसाइड को बाटा की तरह ही उनके शोरूम से सामान खरीदने वाले सभी ग्राहकों को फ्री में कैरी बैग देने के आदेश दिए थे.

बाटा की दलील कागज का बना, इस‍लि‍ए वसूले पैसे
वकील पंकज चांदगोठिया ने बताया कि कंज्यूमर फोरम में सुनवाई के दौरान बाटा शोरूम की तरफ से जबाब में दलील दी गई कि वे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल नहीं करते. लेकिन कैरी बैग जो शिकायतकर्ता को दिया गया है वह पेपर का बना हुआ है और मंहगा है, इसलिए शिकायतकर्ता से उसका चार्ज लिया गया. दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फोरम ने शोरूम द्वारा शिकायतकर्ता को बैग के वसूल किए हुए तीन रुपए वापस देने और अपने यहां आने वाले हर ग्राहक को फ्री में कैरी बैग देने के आदेश दिए हैं और इसके साथ ही शिकायतकर्ता को इस दौरान हुई परेशानी के लिए तीन हजार रुपए मुआवजा और एक हजार रुपए केस खर्च देने को कहा है. कंज्यूमर फोरम ने बाटा शोरूम को फोरम के लीगल एड अकाउंट में भी पांच हजार रुपए जमा करवाने के लिए कहा है.

कंज्‍यूमर फोरम ने कहा, प्रचार करते हो और पैसे भी लेते हो
कंज्यूमर फोरम ने ये भी कहा कि एक तो बाटा और अन्य ब्रैंडस कैरीबैग पर अपने ब्रैंड का विज्ञापन करते है और उसके बाद कैरीबैग देने पर ग्राहकों से पैसे भी वसूलते है. कंज्यूमर फोरम ने ब्रैंडस दृारा ग्राहकों से कैरीबैग के लिए अलग से चार्ज करने को 'अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस' बताया. फिलहाल फोरम के आदेश के बाद बाटा ग्राहकों से कैरीबैग के लिए अलग से चार्ज नहीं कर रहा है. बाटा से खरीददारी करने वाले डॉ. रजनीश ने बताया कि बाटा दृारा कैरीबैग के लिए अलग से कुछ भी चार्ज नहीं किया गया है. उन्‍होंने कहा कि फोरम के इस आदेश से बड़े बड़े ब्रैंडस ने कैरीबैग का हवाला देकर लूट मचा रखी थी. उस पर नकेल कसेगी.