महाराष्ट्र: NCP-कांग्रेस गठबंधन में इतने सीटों पर फंसा पेंच, प्रफुल्ल पटेल बोले- 'सब ठीक हो जाएगा'

 प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की 40 लोकसभा सीटों पर एनसीपी और कांग्रेस के बीच सहमति बन गई है, बची हुई आठ सीटों पर भी जल्द की आखिरी निर्णय ले लिया जाएगा. 

महाराष्ट्र: NCP-कांग्रेस गठबंधन में इतने सीटों पर फंसा पेंच, प्रफुल्ल पटेल बोले- 'सब ठीक हो जाएगा'
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस+एनसीपी गठबंधन पर हामी भरी है.

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में साफ कर दिया है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी और कांग्रेस महाराष्ट्र में मिलकर चुनाव लड़ेगी. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस+एनसीपी गठबंधन मिलकर मैदान में उतरेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की 40 लोकसभा सीटों पर एनसीपी और कांग्रेस के बीच सहमति बन गई है, बची हुई आठ सीटों पर भी जल्द की आखिरी निर्णय ले लिया जाएगा. महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं. यहां कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन का सामना बीजेपी और शिवसेना के गठजोड़ से हो सकता है. हालांकि शिवसेना ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वह बीजेपी के साथ ही मिलक चुनाव लड़ेगी. शिवसेना के नेता लगातार बयान दे रहे हैं कि वह बीजेपी से अलग जाकर लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं.

प्रफुल पटेल ने कहा कि दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे पर अपने जैसी विचारधारा वाली पार्टियों से चर्चा कर रही है. पटेल ने बताया, ‘कांग्रेस और राकांपा ने आगामी 2019 लोकसभा चुनावों के लिए महाराष्ट्र में सीटों के बंटवारे पर चर्चा में प्रगति की है.’ 

उन्होंने कहा, 'हमारा हमेशा से यह मानना है कि एक जैसी विचारधारा वाली पार्टियों को एक-साथ आना चाहिए. मुझे विश्वास है कि गठबंधन को बड़ी सफलता मिलेगी.' 

पटेल ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर कहा, 'हम बी आर आंबेडकर की विचारधारा में विश्वास रखने वाले दलों को एक साथ लाना चाहते हैं.' सूत्रों ने बताया कि नेताओं ने चुनावों के मद्देनजर बीड समेत कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतभेदों को हल करने पर भी चर्चा की. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस और राकांपा का केंद्रीय नेतृत्व सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय लेगा. 

उन्होंने कहा, 'अब गेंद केंद्रीय नेताओं के पाले में है. दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे के संबंध में अपनी रिपोर्टों को अपने-अपने केंद्रीय नेताओं को सौंपेगी. इसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.'