जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल: शशि थरूर ने कहा- फिलहाल सिर्फ UP की कमान संभालेंगी प्रियंका गांधी

थरूर ने कहा कि यह पार्टी को तय करना है कि आने वाले वक्त में प्रियंका गांधी को पार्टी में क्या भूमिका देनी है. 

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल: शशि थरूर ने कहा- फिलहाल सिर्फ UP की कमान संभालेंगी प्रियंका गांधी
फाइल फोटो

जयपुर: ZEE लिटरेचर फेस्टिवल में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तप्रदेश का महासचिव बनाए जाने को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा, फिलहाल प्रियंका गांधी को केवल पूर्वी यूपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है क्योंकि कांग्रेस का फोकस फिलहाल उत्तरप्रदेश पर है. उन्होंने यह भी कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में यूपी में कांग्रेस की लोकसभा सीटों पर इसका असर जरूर पड़ेगा.

थरूर ने कहा कि यह पार्टी को तय करना है कि आने वाले वक्त में प्रियंका गांधी को पार्टी में क्या भूमिका देनी है. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का राजीतिक भविष्य काफी उज्जवल है और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भी काफी जोश है लेकिन यह सब भारतीय वोटर्स के हाथ में है कि वह प्रियंका गांधी को लेकर किस तरह फैसला करती है.

किसानों की कर्जमाफी जरूरी
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि किसानों का कर्जमाफ करना जरूरी है. उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी कर्जमाफी करके सिर्फ एक बैंडेज लगाने जैसा काम कर रही है, लेकिन किसानों को बड़े स्तर पर राहत देना जरूरी है. कांग्रेस पार्टी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का भी अध्ययन कर रही है. आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जांएगी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही पीएम उम्मीदवार
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पीएम उम्मीदवार से जुड़े सवाल पर कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिलता है तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही कांग्रेस की तरफ से पीएम होंगे, लेकिन अगर बहुमत नहीं मिलता है और सहयोगी दलों की मदद से केंद्र में सरकार बनती है, तो सहयोगी दलों के विचार-विमर्श के बाद ही पीएम तय होगा.

सीबीआई को राजनीतिक फुटबॉल बनाया
सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति अभी तक नहीं होने के सवाल पर शशि थरूर ने कहा कि भाजपा ने सीबीआई को राजनीतिक फायदे के लिए फुटबाल बना दिया है. सीबीआई की स्वायतत्ता पर भी भाजपा ने सवाल खड़े कर दिए हैं. अभी राज्य सरकारे भी कहने लग गई है कि हम सीबीआई जांच के लिए मामले क्यों भेंजे, जब सीबीआई पर कोई भरोसा ही नहीं रह गया है.