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अमरनाथ यात्रा पर मंडरा रहा आतंकी हमले का खतरा, पहाड़ों पर छिपे हैं आतंकी!

अमरनाथ यात्रा को लेकर मल्टी एजेंसी सेंटर की ओर से जारी किए गए स्पेसिफिक अलर्ट के मुताबिक जम्‍मू-कश्मीर के गांदरबल और कंगन इलाके की पहाड़ियों में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया रिपोर्ट सामने आई है.

अमरनाथ यात्रा पर मंडरा रहा आतंकी हमले का खतरा, पहाड़ों पर छिपे हैं आतंकी!
अमरनाथ यात्रा पर मंडरा रहाहै आतंकी हमले का खतरा. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी बालटाल रूट से आयोजित होने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षाबलों को निशाना बना सकते हैं.

अमरनाथ यात्रा को लेकर मल्टी एजेंसी सेंटर की ओर से जारी किए गए स्पेसिफिक अलर्ट के मुताबिक जम्‍मू-कश्मीर के गांदरबल और कंगन इलाके की पहाड़ियों में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया रिपोर्ट सामने आई है. बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दो रूटों में से बालटाल रूट एक है. इस रूट पर 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है

 


1 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 15 अगस्‍त तक चलेगी. फाइल फोटो 

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को ही आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजाम को लेकर किसी भी तरह के संतुष्टि के भाव के खिलाफ अधिकारियों को चेताया और तीर्थयात्रियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसपीओ) को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है. गृह मंत्री शाह की अगुवाई में हुई समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए आतंरिक सुरक्षा के विशेष सचिव एपी माहेश्वरी ने कहा कि मंत्री ने निर्देश दिया कि पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा बलों या ड्यूटी स्टाफ द्वारा कभी भी संतुष्टि का भाव नहीं आना चाहिए.

उन्होंने बताया, ‘‘कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए. एसपीओ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर इंतजामों की निगरानी करनी चाहिए.’’ माहेश्वरी ने कहा, ‘‘उन्होंने (शाह ने) हिंसा मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क रहने और सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए.’’ उन्होंने बताया कि मंत्री ने काफिलों की आवाजाही के लिए मानक संचालन प्रक्रिया की अहमियत पर बल दिया और खासकर काफिलों को वक्त पर रवाना करने पर जोर दिया.