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उन्‍नाव रेप केस पीड़िता की चिट्ठी मामले पर SC में सुनवाई आज, यूपी सरकार से मांगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

दो सप्‍ताह पहले पीड़ित परिवार की ओर से भेजे गए पत्र के सीजेआई के सामने पेश होने में देरी के मामले का संज्ञान लेते हुए सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्‍ट्री से रिपोर्ट मांगी है कि और पूछा है कि यह पत्र मिलने के बाद इसे रजिस्‍ट्री ने कितने दिनों में आगे बढ़ाया. 

उन्‍नाव रेप केस पीड़िता की चिट्ठी मामले पर SC में सुनवाई आज, यूपी सरकार से मांगी प्रोग्रेस रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : उन्‍नाव रेप केस में पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को भेजे गए पत्र के संबंध में आज सुनवाई होगी. दो सप्‍ताह पहले पीड़ित परिवार की ओर से भेजे गए पत्र के सीजेआई के सामने पेश होने में देरी के मामले का संज्ञान लेते हुए सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्‍ट्री से रिपोर्ट मांगी है कि और पूछा है कि यह पत्र मिलने के बाद इसे रजिस्‍ट्री ने कितने दिनों में आगे बढ़ाया. 

सीजेआई रंजन गोगोई ने रजिस्ट्री से पूछा कि 12 जुलाई को भेजी गई चिट्ठी उनके पास बढ़ाने में देर क्यों हुई? रजिस्ट्रार जनरल से पीड़ित परिवार की चिंताओं पर एक नोट भी पेश करने को कहा है. सीजेआई ने रंजन गोगोई ने बुधवार को कहा, 'दुर्भाग्यवश, यह पत्र अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन समाचार पत्रों में ऐसे खबर प्रकाशित की गई है कि मानो मैंने इस पत्र को पढ़ लिया है.' उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम चार बजे तक यह पत्र उनकी जानकारी में नहीं लाया गया.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि इस मामले को एक अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया जाता है. पीठ ने कहा, ''हम इस अत्यधिक विस्फोटक स्थिति के बारे में कुछ करेंगे." सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़ित से संबंधित दुर्घटना के बारे में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

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दरअसल, मंगलवार को उन्नाव रेप पीड़ित के एक्सीडेंट के बाद ये पत्र सामने आया था. आपको बता दें उन्नाव रेप की पीड़िता और उसकी मां ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सहित सात लोगों के पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आरोपियों के गुर्गों के द्वारा धमकाने का आरोप लगाया था. 

12 जुलाई को लिखा पत्र
पत्र के जरिए पीड़िता की मां और पीड़िता ने एक बार फिर इंसाफ की गुहार लगाई है. ये पत्र 12 जुलाई को लिखा गया है, इस पत्र में पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोपियों द्वारा सुलह न करने पर जेल भिजवाने की धमकी का जिक्र किया है.

न्याय के लिए 7 लोगों को भेजा था पत्र
12 जुलाई 2019 को लिखे गए इस पत्र को पीड़ित परिवार की तरफ से यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ में सीबीआई के प्रमुख और पुलिस अधीक्षक (उन्नाव) को यह पत्र भेजा गया है.

आरोपियों के परिजनों ने घर आकर दी थी धमकी
उन्होंने पत्र में लिखा है कि 7 जुलाई 2019 को आरोपी शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर आकर धमकी दी गई. पत्र में सुलह न करने की स्थिति में फर्जी मुकदमे में फंसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी दी गई.