WION Global Summit- हमने लंबे समय तक आदर्शवादी एजेंडा अपनाया: पूर्व आर्मी चीफ बिक्रम सिंह

Zee Media के अंतरराष्‍ट्रीय चैनल WION के Global Summit में बोलते हुए उन्‍होंने ये बात कही.

WION Global Summit- हमने लंबे समय तक आदर्शवादी एजेंडा अपनाया: पूर्व आर्मी चीफ बिक्रम सिंह
पूर्व आर्मी चीफ बिक्रम सिंह.

दुबई: आतंकवाद के मुद्दे पर पूर्व आर्मी चीफ बिक्रम सिंह ने कहा कि हमने लंबे समय तक आदर्शवादी एजेंडा अपनाया. Zee Media के अंतरराष्‍ट्रीय चैनल WION के Global Summit में बोलते हुए उन्‍होंने ये बात कही. इस दौरान पैनल डिस्‍कशन में उनके साथ पाकिस्‍तान में भारत के उच्‍चायुक्‍त रहे जी पार्थसारथी, हुसैन हक्‍कानी (हडसन इंस्‍टीट्यूट में डाइरेक्‍टर, अमेरिका), कंवल सिब्‍बल (पूर्व विदेश सचिव) और माइकल कुगेलमन (दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ) मौजूद रहे.

दक्षिण एशिया में शांति स्‍थापना के लिए राज्‍य पोषित आतंकवाद का समूल विनाश ("Uprooting state-sponsored terrorism: An imperative for peace in South Asia") विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में बिक्रम सिंह ने कहा, ''हमने लंबे समय तक आदर्शवादी एजेंडा अपनाया. आप बार-बार गाल आगे कर थप्‍पड़ नहीं खा सकते. आतंकवाद के केंद्र को और समस्‍याएं खड़ी करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. हमें पाकिस्‍तान से निपटना चाहिए.''

अमेरिका में पाकिस्‍तान के राजदूत रहे हुसैन हक्‍कानी ने कहा कि सब-कनवेंशनल युद्ध की रणनीति अब फेल हो गई है. एक देश किसी दूसरे को राज्‍य पोषित आतंकवाद बढ़ावा देने की बात करता है लेकिन दूसरे ऐसे ही किसी देश को अपने स्‍वार्थ के लिए ऐसा नहीं कहता. इस मामले में सामंजस्‍य होना जरूरी है.

जी पार्थसारथी ने पाकिस्‍तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हर देश के पास एक सेना है लेकिन पाकिस्‍तान में सेना के पास एक देश है. आज बांग्‍लादेश की विकास दर पाकिस्‍तान से अधिक है क्‍योंकि उसने विकास पर बल दिया. पैनल डिस्कशन में कंवल सिब्‍ब्‍ल ने कहा कि 1990 से पाकिस्‍तान के आतंकवाद को प्रश्रय देने की दर में इजाफा हुआ है. माइकल कुगेलमन ने कहा कि इस पर पाकिस्‍तान मिलिट्री के मसले पर गौर करने की जरूरत है.

लोकतंत्र में हर किसी के भावनाओं की कद्र होनी चाहिए: सद्गुरु
आध्‍यात्मिक गुरू और ईशा फाउंडेशन के संस्‍थापक सद्गुरु ने WION Global Summit में कहा कि जहां इंसानी संघर्ष उत्‍पन्‍न होने की स्थिति हो वहां व्‍यवहारिक कठिनाइयों को दूसरे तरीके से संभालने की जरूरत है. इसके साथ ही कहा कि लोकतंत्र में सबकी भावनाओं और विचारों को महत्‍व दिया जाना चाहिए. हालांकि कई बार ऐसा करना मुश्किल होता है.

उन्‍होंने जोर देकर कहा कि दक्षिण एशिया का भविष्‍य सतत विकास में ही निहित है. उन्‍होंने कहा कि इस क्षेत्र में दुनिया के 33 प्रतिशत कुपोषित रहते हैं. इसके साथ ही जोड़ा कि सबसे ज्‍यादा कमजोर बच्‍चे इसी क्षेत्र के हैं. अंतरराष्‍ट्रीय पत्रकार रिज खान के साथ बात करते हुए उन्‍होंने ये बात कही. उन्‍होंने ये भी कहा कि वह इस बात से इत्‍तेफाक रखते हैं कि पाकिस्‍तानी लोग भी कश्‍मीरी लोगों की बेहतरी की आकांक्षा रखते हैं. उन्‍होंने कहा, ''जब हम समस्‍या में निवेश करते हैं, तो समस्‍याएं बढ़ती हैं.''

बढ़ रहा भारत का कद
इससे पहले Zee Media के अंतरराष्‍ट्रीय चैनल WION के Global Summit का उद्घाटन करते हुए मुख्‍य अतिथि और गेस्‍ट ऑफ ऑनर शेख नहयान मुबारक अल नहयान ने कहा कि दक्षिण एशिया की अर्थव्‍यवस्‍था में भारत का महत्‍व बढ़ रहा है और इसके साथ ही वैश्विक मामलों में इसके बढ़ते कद के मद्देनजर रणनीतिक दृष्टिकोण की जरूरत है. भारत की यह स्थिति दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं को उत्‍पन्‍न करती है. शेख नहयान संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) सरकार की कैबिनेट के अहम सदस्‍य हैं और टोलेरेंस मंत्री हैं. इसके साथ ही शेख नहयान ने कहा कि इस क्षेत्र के व्‍यापारिक और आर्थिक वातावरण, वृद्धि और विकास के माहौल को बनाने के लिए सभी स्‍तरों पर प्रयास करने होंगे. यूएई के भारत और अन्‍य एशियाई देशों के साथ अच्‍छे रिश्‍ते हैं. क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा में इसका अहम रोल है.

दक्षिण एशिया की ताकत, संभावनाओं और भविष्‍य (Unleashing the Power of South Asia) पर WION 20 फरवरी को दुबई में एक कांक्‍लेव का आयोजन कर रहा है. शेख नहयान ने कांक्‍लेव के मकसद को सराहा. उन्‍होंने इस आयोजन के लिए Zee Media और WION का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इसके जरिये आप शांति और सतत विकास को प्रोत्‍साहित कर रहे हैं.

UAE के साथ हमारे संबंध खास हैं: नवदीप सूरी
इस आयोजन में संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत नवदीप सूरी ने कहा कि यहां बन रहा हिंदू मंदिर और अपराधियों के यहां से पकड़कर भारत भेजे जाने से पता चलता है कि भारत और यूएई के संबंध बेहद खास हैं. उन्‍होंने कहा कि दो अक्‍टूबर को बुर्ज खलीफा पर महात्‍मा गांधी की छवि को उकेरना दोनों देशों के खास रिश्‍तों को दर्शाता है.

भारत के लिए यूएई की अहमियत बताते हुए नवदीप सूरी ने कहा कि भारत-यूएई द्विपक्षीय व्‍यापार पिछले साल तक 52 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. अमेरिका के बाद यूएई दूसरा सबसे बड़ा एक्‍सपोर्ट साझीदार है. यूएई में 33 लाख भारतीय रहते हैं. भारत के बाहर ये भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी है. दुबई के बारे में उन्‍होंने कहा, ''कोई भी ऐसा बड़ा मिडिल ईस्‍ट देश नहीं होगा जिसका कोई न कोई ऑफिस दुबई में नहीं हो.''