close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान में कांग्रेस ने 3 महिलाओं पर लगाया दांव, देखें पहली लिस्ट में 19 सीटों के दावेदार

भरतपुर से पूर्व आईआरएस अधिकारी अभिजीत कुमार जाटव को पार्टी ने टिकट दिया है. जाटव के लिए पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी पैरवी कर रहे थे.

राजस्थान में कांग्रेस ने 3 महिलाओं पर लगाया दांव, देखें पहली लिस्ट में 19 सीटों के दावेदार
पहली लिस्ट में कांग्रेस ने राजस्थान की 19 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है.

जयपुर: कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में राजस्थान से उतरने वाले 19 चेहरे तय कर दिए हैं. एआईसीसी ने गुरुवार देर रात 11 बजकर 6 मिनट पर 31 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में राजस्थान की 19 सीट के साथ गुजरात और यूपी की छह-छह सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया. 

हालांकि इस लिस्ट में मौजूदा अशोक गहलोत सरकार के किसी भी मंत्री का नाम शामिल नहीं है लेकिन सबसे चर्चित चेहरों की बात करें तो राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह और वैभव गहलोत को माना जा रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत पहली बार चुनाव लड़ेंगे. वैभव गहलोत को जोधपुर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह के सामने टिकट दिया गया है. पार्टी ने इस लिस्ट में अनुसूचित जाति के चार प्रत्याशियों के नाम भी दिए हैं जिनमें से दो प्रत्याशी सामान्य सीटों पर उतारे गए हैं. इसमें कोटा से राम नारायण मीणा और टोंक-सवाई माधोपुर सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा का नाम शामिल है.

जयपुर में भी सबको चौंकाते हुए पार्टी ने ज्योति खंडेलवाल पर भरोसा जताया है. ज्योति खंडेलवाल लोकसभा चुनाव के नजरिए से पार्टी के लिए फ्रेश चेहरा हैं. हालांकि, राजधानी के लोग महापौर के रूप में एक बार ज्योति खंडेलवाल को प्रत्यक्ष चुनाव में जिता चुके हैं और उनके कामकाज की शैली से भी वाकिफ हैं. जानकारों की मानें तो जयपुर के चुनाव में अब ब्राह्मण बनाम वैश्य के मुकाबले के रूप में चुनावी संग्राम देखने को मिल सकता है.

कांग्रेस ने बीकानेर आरक्षित सीट से पूर्व आईपीएस मदन गोपाल मेघवाल, चूरू से रफीक मंडेलिया, झुंझुनू से पूर्व विधायक श्रवण कुमार को प्रत्याशी बनाया है. कभी अटल बिहारी वाजपेई सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहे सुभाष महरिया के कांग्रेस में आने के बाद सीकर से लोकसभा चुनाव में टिकट दिया गया है. भरतपुर और धौलपुर की दो सीट ऐसी हैं जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं और दोनों ही सीटों से जाटव समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है. 

भरतपुर से पूर्व आईआरएस अधिकारी अभिजीत कुमार जाटव को पार्टी ने टिकट दिया है. जाटव के लिए पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी पैरवी कर रहे थे. करौली-धौलपुर सीट से जिला परिषद सदस्य संजय कुमार जाटव पर कांग्रेस ने भरोसा जताया है. अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित दौसा सीट पर विधायक मुरारी लाल मीणा की पत्नी सविता मीणा को टिकट दिया गया है. 

पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा की टिकट को लेकर काफी कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन गुरुवार देर रात जारी हुई इस लिस्ट में नागौर से ज्योति मिर्धा का नाम शामिल है. पाली से एक बार फिर पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ पर कांग्रेस ने दांव खेला है. बाड़मेर-जैसलमेर से कभी बीजेपी के टिकट पर सांसद रहे मानवेंद्र सिंह को कांग्रेस ने टिकट दिया है. 

जालौर से पूर्व विधायक और उप-मुख्य सचेतक रहे रतन देवासी को कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है. पूर्व मंत्री और सांसद रहे रघुवीर मीणा को उदयपुर आरक्षित सीट से एक बार फिर से टिकट दिया गया है. हालांकि रघुवीर मीणा विधानसभा चुनाव हार गए थे लेकिन पार्टी ने उनके कद को देखते हुए एक बार फिर से मीणा पर ही भरोसा जताया है. बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से एआईसीसी के सचिव रहे और पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा पर पार्टी ने भरोसा जताया है. 

चित्तौड़गढ़ सीट से गोपाल सिंह इडवा को कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है. ईडवा इससे पहले राजसमंद से भी सांसद रह चुके हैं. कोटा सीट से राम नारायण मीणा को कांग्रेस ने टिकट दिया है. मीणा अभी पीपल्दा सीट से विधायक हैं और पहले विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. खास बात यह है कि राम नारायण मीणा ने पीपल्दा में विधानसभा चुनाव सामान्य सीट पर जीता था और इस बार लोकसभा में भी उन्हें सामान्य सीट से ही कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है. राम नारायण मीणा का मुकाबला बीजेपी के मौजूदा सांसद ओम बिड़ला से होगा.