लोकसभा सीट 2019: जगतसिंहपुर सीट पर दिलचस्प हो गई है चुनावी जंग

बीजेडी ने यहां से मौजूदा सांस कुलमणि समल को टिकट न देकर राजश्री मलिक को टिकट दिया है. बीजेपी ने बीभू प्रसाद तराई और कांग्रेस ने प्रतिमा मलिक को टिकट दिया है. 

लोकसभा सीट 2019: जगतसिंहपुर सीट पर दिलचस्प हो गई है चुनावी जंग
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: ओडिशा की जगतसिंहपुर लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को वोड टाले जाने हैं. बीजेडी ने यहां से मौजूदा सांस कुलमणि समल को टिकट न देकर राजश्री मलिक को टिकट दिया है. बीजेपी ने बीभू प्रसाद तराई और कांग्रेस ने प्रतिमा मलिक को टिकट दिया है. इस सीट पर बीएसपी ने विभूति भूषण माझी को टिकट दिया है. 

2014 में इस सीट पर बीजेडी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. बीजेडी के कुलमणि समल को यहां से 6,24,492 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर कांग्रेस रही थी जिसके उम्मीदवार विभू प्रसाद तराई को 3,48,098 हो चुकी है. बीजेपी इस सीट पर तीसरे नंबर पर बैधर मलिक को यहां 1,17,448 सीट मिले थे. यह दिलचस्प है कि सीपीआई चौथे नंबर पर रही. हालांकि 2009 में सीपीआई ने जीत दर्ज की थी.

जगतसिंहपुर सीट का राजनीतिक इतिहास 
इस सीट का इतिहास बताता है कि यहां कांग्रेस और बीजेडी ने की जीत का आंकड़ा करीब-करीब बराबर रहा है. इस सीट पर सीपीआई की मौजूदगी काफी अहम रही है. सीपीआई यहां से तीन बार चुनाव जीत चुकी है.

जगतसिंहपुर लोकसभा सीट पर पहला चुनाव 1977 में हुआ था. इस चुनाव में इंदिरा विरोधी लहर का असर इस सीट पर भी देखने को मिला और यहां से जनता पार्टी को जीत मिली. इसके बाद 1980 और 1984 में यह सीट कांग्रेस ने हासिल की. 1989 के चुनाव में इस सीट पर पहली बार सीपीआई को कामयाबी हासिल की. 1991 में सीपीआई की जीत का सिलसिला जारी रहा. 1996 और 1998 में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की. 

इसके बाद अगले दो चुनाव 1999 और 2004 में इस सीट पर बीजू जनता दल ने जीत हासिल की लेकिन 2009 में एक बार फिर यह सीट बीजेपी ने हासिल कर ली.