विशेष दर्जा जम्मू कश्मीर की समस्याओं की जनक, केवल 100 राजनीतिक घरानों को इससे लाभ

 नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह क्या सोचतें हैं कि अनुच्छेद 370 को भंग कर देंगे और हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे.. उन्हें यह काम करने दो, इससे हमारी आजादी का रास्ता बनेगा .

 विशेष दर्जा जम्मू कश्मीर की समस्याओं की जनक, केवल 100 राजनीतिक घरानों को इससे लाभ
फाइल फोटो

नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवीन्द्र रैना ने अनुच्छेद 370 और 35ए सहित ‘विशेष दर्जा’ को राज्य की सभी समस्याओं का जनक करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका लाभ राज्य के केवल 100 राजनीतिक घराने उठा रहे हैं जबकि आम लोगों के लिये यह नुकसानदेह है .

रैना ने कहा, ‘‘ अनुच्छेद 370 और 35ए त्रुटिपूर्ण प्रावधान हैं. अगर अनुच्छेद 370 को देखें तब इसके बगल में अस्थायी एवं संक्रमणकालीन प्रावधान के रूप में उल्लेख किया गया है.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ राज्य में केवल 100 राजनीतिक घराने हैं जिन्हें अनुच्छेद 370 का फायदा मिला है.’’ रैना ने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक घरानों ने पिछले छह..सात दशकों में अनुच्छेद 370 एवं ऐसे अन्य प्रावधानों की आड़ में लोगों को लूटने का काम किया है .

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे में जब इन प्रावधानों को निरस्त करने की बात होती है तब ये राजनीतिक घराने अनुच्छेद 370 और 35ए के नाम पर उन्माद फैलाने का प्रयास करते रहते हैं. लेकिन यह समझने की जरूरत है कि इससे आम लोगों को नुकसान ही है .

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पूरे देश में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्गो को आरक्षण का प्रावधान समान रूप से लागू है लेकिन जम्मू कश्मीर में ऐसा नहीं है. गुर्जर एवं बक्करवाल समुदाय के लोगों को समान सुविधाएं नहीं प्राप्त हैं. राज्य की महिलाएं अगर किसी दूसरे प्रदेश में शादी करती हैं तब उन्हें अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है. प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक कोई व्यवस्थित कानून नहीं है .

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ इसका लाभ किसे है? इसका लाभ सिर्फ गिने चुने राजनीतिक घरानों को है.’’ गौरतलब है कि भाजपा ने सोमवार को जारी अपने संकल्प पत्र में अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है . इस पर नेशनल कांफ्रेंस एवं पीडीपी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि न समझोगे तो मिट जाओगे ए हिन्दोस्तां वालों, तुम्हारी दास्तां भी न होगी दस्तानों में.

वहीं, नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह क्या सोचतें हैं कि अनुच्छेद 370 को भंग कर देंगे और हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे.. उन्हें यह काम करने दो, इससे हमारी आजादी का रास्ता बनेगा .

बहरहाल, रैना ने कहा कि विशेष दर्जा जम्मू कश्मीर की सभी समस्याओं का जनक है और इसके कारण ही राज्य में अलगाववाद को शह मिल रही है.

राज्य में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव नहीं कराने पर कई दलों की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग को तय करना है कि चुनाव कब होंगे . हमारी पार्टी चुनाव के लिये तैयार है . हालांकि पुलवामा आतंकी हमले, जम्मू बस स्टैंड धमाके एवं पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलीबारी के कारण उत्पन्न स्थितियों में संभवत: आयोग ने एकसाथ चुनाव नहीं कराने का निर्णय किया होगा .

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा. पार्टी राज्य में अपने दम पर सत्ता में आयेगी. ’’ उन्होंने दावा किया कि जम्मू कश्मीर समेत पूरे देश में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को बड़ा जनादेश मिलेगा.