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लोकसभा चुनाव 2019: नवादा के बाद गया में भी वोट का बहिष्कार, सुबह से नहीं पहुंचा कोई मतदाता

लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान में गया के बांके बाजार प्रखंड के लुटूआ पंचायत में स्थित बूथ संख्या 243 पर वोट का बहिष्कार किया गया है.

लोकसभा चुनाव 2019: नवादा के बाद गया में भी वोट का बहिष्कार, सुबह से नहीं पहुंचा कोई मतदाता
गया के बूथ संख्या 243 पर एक भी मतदान नहीं डाला गया.

गयाः लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण में बिहार के गया लोकसभा सीट पर मतदान अब अंतिम दौर पर है. गया में कई बूथों पर छिटपुट घटनाओं की खबर मिली, साथ ही ईवीएम खराब होने की शिकायत भी की गई. लेकिन इसके बाद वोटिंग जारी रही. लेकिन नवादा और गया में कुछ बूथों पर मतदाताओं ने वोट बहिष्कार का ऐलान किया है.

गया के बांके बाजार प्रखंड के लुटूआ पंचायत में स्थित बूथ संख्या 243 पर वोट बहिष्कार की बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि सुबह से अब तक इस बूथ पर कोई मतदाता नहीं पहुंचा है. गया का लुटूआ पंचायत नक्सली प्रभावित क्षेत्र है. यहां कुल 423 मतदाता हैं. लेकिन यहां एक भी मतदाताओं ने वोट पोल नहीं किया.

बताया जा रहा है कि नवादा के रोह प्रखंड की तरह लुटूआ पंचायत में ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि रोड नहीं तो वोट नहीं, लोगों ने तख्ती लगा कर वोट बहिष्कार का ऐलान किया. ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से मतदान करते आ रहे हैं, लेकिन गांव की समस्या का कोई निदान नहीं निकाला गया है. नेता हर बार आते हैं और खोखले वादे करते हैं. साथ ही प्रशासन भी झूठे आश्वासन देती है.

ग्रामीणों ने कहा सड़क नहीं होने से गांव के अंदर कोई वाहन तक नहीं पहूंच पाता है. बीमार को खाट के सहारे कंधों पर अस्पताल ले जाना पड़ता है. कई लोग इलाज में देरी की वजह से जान तक गवां चुके हैं. ऐसे में अब वोट देने का कोई मतलब नहीं रह जाता है.

Voters boycott vote on Gaya booth number 243 in bihar first phase lok sabha Elections

इसी तरह नवादा नवादा लोकसभा क्षेत्र के रोह प्रखंड अंतर्गत बजवारा गांव स्थित बूथ संख्या 29 पर सुबह से मतदान नहीं किया जा रहा है. हालांकि अब मतदान का समय अंतिम दौर पर है, लेकिन अभी तक स्थिति वही बनी हुई है. 

ग्रामीणों ने बताया कि रोड की मांग को लेकर स्थानीय सांसद, डीएम और मुख्यमंत्री तक को आवेदन दिया गया था. लेकिन यहां न किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही जिलाधिकारी ने किसी तरह की तत्परता दिखाई. सीएम की ओर से भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया. इसलिए अब हम लोगों ने वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है.