close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

सचिन और ब्रायन लारा का बड़ा खुलासा, एक-दूसरे के खिलाफ बनाते थे ये प्लान

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि ब्रायन लारा को छेड़ना, सोते टाइगर को जगाने जैसा था. हम ऐसा बिलकुल नहीं करते थे. 

सचिन और ब्रायन लारा का बड़ा खुलासा, एक-दूसरे के खिलाफ बनाते थे ये प्लान
ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा. ये वो दो नाम हैं, जिनके नाम क्रिकेट के अनगिनत रिकॉर्ड हैं. 1990 के दशक में यह चर्चा कभी नहीं थमी कि सचिन और लारा में से ज्यादा महान कौन है? आखिर ये दोनों जब एकदूसरे के खिलाफ खेलते थे, तब ड्रेसिंगरूम में क्या बातें होती थीं या क्या प्लान बनाए जाते थे. सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा दोनों ने ही रविवार को आईपीएल (IPL) मैच से पहले इसका खुलासा किया. इस बातचीत में ब्रायन लारा ने सचिन तेंदुलकर को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज भी बताया. 

सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा की यह बातचीत टीवी चैनल स्टार स्पोर्टस पर हुई. एंकर ने एक ही सवाल दोनों बल्लेबाजों से पूछा. उन्होंने लारा से पूछा कि जब मैच भारत से हो और टीम में सचिन भी हों तो उन्हें रोकने के लिए क्या प्लान बनाया जाता था. इस सवाल पर लारा ने कहा, ‘सचिन दि बेस्ट (The Best) बल्लेबाज हैं. उनके खिलाफ कोई भी प्लान बनाना मुश्किल था. इसलिए हम आपस में बस यही कहते कि सचिन को फुल बल्ले से मत खेलने दो, बल्कि उन्हें आधे बल्ले से खेलने दो.’

यह भी पढ़ें: World Cup 2019: टीम इंडिया का ‘नंबर-4’ बना चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द, चयन कल

लारा ने अपने इस प्लान को समझाते हुए कहा कि सचिन तेज, मीडियम पेस और स्पिन बॉलिंग, तीनों के खिलाफ बेहतरीन थे. इसलिए हम कोशिश करते थे कि वे सामने की तरफ कम शॉट खेलें. ऐसा करने में उन्हें आउट करने की संभावना कम हो जाती थी. इसलिए हम ऐसी बॉलिंग और फील्डिंग सजाते थे कि वे विकेट से पीछे ज्यादा खेलें. इसका मतलब वे बैट के बीचोंबीच शॉट नहीं खेलते थे, बल्कि आधे बल्ले से गेंद को हिट या ग्लांस करते थे.’ आखिर यह प्लान कितनी मर्तबा काम करता था? इस सवाल पर लारा ने कहा कि यह तो सचिन ही बता पाएंगे. इसके बाद सचिन ने कहा कि कई बार. 
 

इसके बाद सचिन से लारा के बारे में प्लान पूछा गया. इस पर सचिन ने कहा, ‘हम आपस में यही कहते थे कि लारा को प्रवोग मत करो, यानी उन्हें उकसाओ मत. उन्हें अपने हिसाब से खेलने दो. वे जब रन बना लेंगे तो खुद ही आउट हो जाएंगे. लारा टाइगर हैं. अगर उसे उकसाया या चैलेंज किया तो यह खिलाड़ी दोगुना खतरनाक हो जाता है. तब वे यह सोचकर मैदान पर उतरते हैं कि चलो इन्हें बताया जाए कि लारा कौन है. अगर ऐसा हुआ तो फिर शामत आनी है. इसलिए लारा के खिलाफ एक ही प्लान होता था कि लाइन-लेंथ पर बॉलिंग करो लेकिन उन्हें कभी भी छेड़ो नहीं.’