Karnataka Hijab Row:उडुपी जिले के गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के छात्रों के एक समूह ने आरोप लगाया था कि कॉलेज के प्रिंसिपल बी जी रामकृष्ण ने उन्हें हिजाब पहनकर कॉलेज कैंपस में एंट्री करने पर रोक लगा दिया है. इसके बाद प्रदेश समेत देशभर में हिजाब विवाद लेकर काफी विरोध हुआ था. कुछ दिन पहले मौजूदा कांग्रेस सरकार ने प्रिंसिपल बी जी रामकृष्ण को शिक्षक दिवस के मौके पर "सर्वश्रेष्ठ शिक्षक" पुरुस्कार देने का ऐलान किया था. अब सरकार ने मुस्लिम समुदाय के विरोध के बाद इस फैसले फिलहाल रोक लगा दिया है.
कोलकाता के एक Private Law College में एक शिक्षिका ने अचानक हिजाब पहनकर आना शुरू कर दिया। पूछे जाने पर उसने इस्लामिक मान्यताओं का हवाला दिया। इस लॉ कॉलेज की प्रोफेसर संजीदा कादेर, पिछले काफी समय से कानून की पढ़ाई करने वाले बच्चों को पढ़ा रही हैं। इस दौरान वो एक professor की तरह Formal कपड़ों में विद्यार्थियों को पढ़ाने आती रहीं। लेकिन अचानक इस वर्ष रमज़ान के खत्म होने के बाद, वो हिजाब पहनकर कॉलेज आने लगीं थी। कॉलेज प्रशासन ने आपत्ति जताई तो उन्होंने इस्ताफा दे दिया।
Rajasthan News: राजस्थान के जोधपुर से एक मामला सामने आया है, जहां पीपाड़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुछ मुस्लिम बच्चियों को स्कूल में एंट्री नहीं मिली. दरअसल वह सभी बच्चियां हिजाब पहनकर स्कूल पहुंची थी. बच्चियों को हिजाब में देखकर स्कूल के टीचर भड़क गए और बच्चियों को स्कूल में आने से मना कर दिया. इस बात की जानकारी जब बच्चियों के अभिभावकों को हुई तो वह टीचर के खिलाफ स्कूल में हंगामा करने लगे. टीचर का कहना है कि स्कूल का जो यूनिफॉर्म है, बच्चे सिर्फ उसी ड्रेस में आए. देखें वीडियो
राजस्थान के एक स्कूल में हिजाब पहनकर आने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य, जयपुर के गंगापोल गर्ल्स स्कूल के वार्षिक समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्कूल की बच्चियों को अलग-अलग यूनिफॉर्म में देखा। मतलब ये कि स्कूल की कुछ बच्चियों ने हिजाब पहना हुआ था। इसको लेकर उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से सवाल किए। यहीं से हंगामा शुरू हो गया.
Karnataka Hijab Row: कर्नाटक में हिजाब विवाद जारी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने हिजाब से पाबंदी हटाने का ऐलान किया था. लेकिन अब इसमें नई अड़चन आ गई है. आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.
Muslim students hijab in Karnataka: कर्नाटक में एक बार फिर से हिजाब का मुद्दा तूल पकड़ने लगा है. कर्नाटक सरकार ने मुस्लिम बच्चियों को हिजाब पहनने की अनुमति दे दी है. सरकार की ओर से कहा गया है कि मुस्लिम छात्राएं इग्जाम देने हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र जा सकती हैं. ऐसे में एक बार फिर से ये मुद्दा राजनीतिक रूप लेना शुरू कर चुका है. आपको बता दें कि पिछले साल कर्नाटक में हिजाब को लेकर काफी बवाल देखने को मिला था. कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर द्वारा जारी इस आदेश का हिंदू समर्थक समूहों ने विरोध किया है. और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने की धमकी दी है.
India News in Hindi: त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के दसवीं कक्षा के छात्र ने कथित तौर पर अन्य छात्रों के साथ मिलकर प्रधानाध्यापक के कमरे में तोड़फोड़ की. खबरों की मानें तो जब संस्थान में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने का कथित तौर पर समर्थन करने पर भीड़ ने उस पर हमला कर दिया.
Kerala News: तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज के छात्राओं ऑपरेशन थिएटर के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगी है. छात्राओं ने प्रिंसपल को पत्र लिखकर अपनी मांगे रखी है. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्कॉल करें.
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के एक कॉलेज में हिजाब बैन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है. छात्राओं ने हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ नारेबाजी की है.
गाज़ियाबाद में गेमिंग एप और यू-ट्यूब चैनलों के ज़रिये बच्चों के धर्मांतरण पर नए खुलासे हो रहे हैं. साज़िश का दायरा अब 6 राज्यों तक बढ़ चुका है. श्रीनगर में प्रिंसिपल ने अबाया पहनने से नहीं रोका था बल्कि ये कहा था कि यूनिफार्म की तरह एक जैसा पहनो. एमपी के दमोह में हिन्दू लड़कियों को हिजाब पहनने पर मजबूर करने और नमाज़ पढ़वाने का आरोप है. Taal Thok Ke में देखिए कट्टरता के ये प्रयोग क्यों?
श्रीनगर में एक कॉलेज ने हिजाब पहनकर आने वाली महिला छात्रों को एंट्री की अनुमति नहीं दी. जिसके बाद छात्रों ने नारेबाजी की और कहा क्यों निकालूं हिजाब ये हमारे अल्लाह ताला का फरमान है.
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के एक कॉलेज में हिजाब बैन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है. छात्राओं ने हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ नारेबाजी की है.
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के एक कॉलेज में हिजाब बैन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है. छात्राओं ने हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ नारेबाजी की है.
कर्नाटक के स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध के संबंध में राज्य के शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस सरकार ऐसा फैसला लेगी, जिससे सभी छात्रों को लाभ होगा.
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनते ही राज्य में सरकार हिजाब पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए पूरी तरह तैयार है. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि नई सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को पूरा करने का इंतजार कर रही है. इसके बाद हिजाब पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाएगा.
Karnataka Hijab Case: कर्नाटक में भाजपा की सरकार के दौरान स्कूलों में हिजाब पहनने का मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था और पाबंदी लगा दी गई थी लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने रिजर्वेशन खत्म करने की बात कही है, साथ ही रिजर्वेशन भी वापस दिलाने की मांग की बात कही गई है.
Karnataka Election: कर्नाटक में हिजाब का जमकर विरोध करने वाले और कुरान व बाइबल को लेकर विवादित बयान देने वाले शिक्षा मंत्री बीसी नागेश (BC Nagesh) को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. इससे पहले हुए चुनाव में उन्होंने 25 हजार से भी ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी.
Hijab News: तमिलनाडु में एक महिला से जबरदस्ती हिजाब उतरवाने का मामला सामने आय है. पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
कर्नाटक के मंगलुरु में बुर्का विवाद का एक और मामला सामने आया है. जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज(Joseph Engineering College) में छात्रों ने बुर्का पहनकर डांस किया. इसको लेकर कड़ी कार्रवाई करते हुए सभी छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया.
कर्नाटक के मंगलुरु में बुर्का विवाद का एक और मामला सामने आया है। जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज में पांच मुस्लिम छात्रों ने बुर्का पहनकर भद्दा डांस किया। इसको लेकर कड़ी कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया गया है।
Iran News: इस लेटर में उन्होंने लिखा है, ‘मुझे लगता है कि अब यह घोषणा करना उचित है कि मैं अपने भाई के कार्यों का विरोध करती हूं और मैं खुमैनी के समय से लेकर अली खमेनेई के निरंकुश खिलाफत के वर्तमान युग तक इस्लामिक गणराज्य के अपराधों का शोक मनाने वाली सभी माताओं के साथ अपनी सहानुभूति व्यक्त करती हूं.
Iran Hijab Row: ଇସଲାମିକ ନିୟମ ଲାଗୁ କରିବା ପାଇଁ ଇରାନରେ ଏକ ନୈତିକତା ପୋଲିସ କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଛି। ହିଜାବ ନ ପିନ୍ଧି ଗିରଫ ହୋଇଥିବା ମହସା ଆମିନୀଙ୍କୁ ନୈତିକତା ପୋଲିସ ନିର୍ଦ୍ଦୟ ଭାବରେ ନିର୍ଯାତନା ଦେଇଥିଲା। ମହସା ଆମିନୀଙ୍କୁ ଏତେ ମାଡ ଦିଆଯାଇଥିଲା ଯେ, ସେ ପୋଲିସ ହେପାଜତରେ ମୃତ୍ୟୁ ବରଣ କରିଥିଲେ। ମହସା ଆମିନୀଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁ ପରେ ଇରାନର ମହିଳାମାନେ ହିଜାବ ଆଇନ ଏବଂ ଇରାନ ସରକାର ବିରୋଧରେ ବିରୋଧ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଥିଲେ।