close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

music

मैं ब्रेकअप पर गाना बनाना चाहता था क्योंकि.. : अरमान मलिक

अरमान मलिक का लेटेस्ट गाना युवाओं में लोकप्रिय हो रहा है. आइए जानते हैं अरमान ने ब्रेकअप पर गाना क्यों बनाया.

Oct 6, 2019, 10:05 AM IST

Shilpa Rao: जमशेदपुर की ये लड़की कैसे बनी कामयाब सिंगर

सिंगर शिल्पा राव की आवाज़ में 'वॉर' मूवी का गाना 'घूंघरू' ट्रेंड में बना हुआ है. ज़ी न्यूज़ से ख़ास बातचीत में शिल्पा राव ने जमशेदपुर से मुंबई तक के अपने सफर के बारे में खुलकर बात की और अपने कई हिट गाने भी गाए.

Oct 4, 2019, 12:05 PM IST

आज का इतिहास: आज है 'ठुमरी की रानी' की जयंती

ठुमरी की रानी 'गिरिजा देवी' का जन्म 8 मई 1929 को वाराणसी में हुआ था. ठुमरी, चैती, टप्पा, झूला, कजरी की महान गायिका. गिरिजा देवी को पद्म विभूषण और संगीत अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया गया. देखिए, आज का इतिहास...

मई 8, 2019, 01:49 PM IST

आज का इतिहास: जो रहे 5 दशकों तक संगीत के सुहाने सफ़र के सारथी

महान संगीतकार नौशाद अली का निधन 5 मई 2006 को मुंबई में हुआ था. 65 हिन्दी फिल्मों में यादगार संगीत दिया. बैजू-बावरा, गंगा-जमुना, मदर इंडिया और मुगल-ए-आजम सरीखी फिल्मों को अपने संगीत से सजाया. 1981 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित हुए. देखिए, आज का इतिहास...

मई 5, 2019, 02:00 PM IST

आज का इतिहास: जब जन्में दार्शनिक या सूफियाना अंदाज़ वाले रागों के जादूगर

मुश्किल शास्त्रीय रागों के सबसे सहज गायक मन्ना डे का जन्म 1 मई 1919 को हुआ था. हिन्दी-बांग्ला सहित कई भाषाओं में 3000 गाने गाए. 5 दशकों में उनकी आवाज़ ने कई गीतों को अमर किया. देखिए, आज का इतिहास...

मई 1, 2019, 12:07 PM IST

आज का इतिहास: किसने बांसुरी में सुधार कर उसे स्वतंत्र पहचान दिलाई ?

आज पंडित पन्नालाल घोष की पुण्यतिथि है. 20 अप्रैल 1960 को बांसुरी के जादूगर का निधन हुआ था. बांसुरी में सुधार कर उसे स्वतंत्र पहचान दिलाई. बांसुरी में शास्त्रीय गायन को जन्म दिया. शास्त्रीय पंडित ने फिल्मों में भी संगीत दिया

Apr 20, 2019, 12:28 PM IST

आज का इतिहास: इन्होंने 4 दशकों तक की कई लाजवाब गीतों की रचना

मशहूर गीतकार आनंद बक्शी का निधन 30 मार्च 2002 को हुआ था. वह सेना में काम कर चुके थे. 4 दशकों तक कई लाजवाब गीतों की रचना की

Mar 30, 2019, 06:14 PM IST

आज का इतिहास: आज उदय हुआ था संगीत की दुनिया का 'रवि'

3 मार्च 1926 को संगीतकार रवि का जन्म हुआ था. वह बेमिसाल संगीत से भरा बॉलीवुड का खजाना, भावनाओं में डूबो देने वाले संगीत के जादूगर थे.

Mar 3, 2019, 12:35 PM IST

कलर्स ऑफ इंडिया: दिल्ली घराने की नई पीढ़ी कैसे अमीर खुसरो की विरासत के रंगों को सहेज रही है?

दिसंबर 1980 में उस्ताद चांद खान का इंतकाल हुआ. सवाल उठा दिल्ली घराने की कमान किसे सौंपी जाए. दुनिया भर से दिल्ली घराने के शागिर्द इकट्ठा हुए. महज 24 साल की उम्र के इकबाल अहमद खान को लेकर कुछ के मन में आशंका थी लेकिन उन्होंने बखूबी घराने की परंपरा को निभाया. अनेकों अवॉर्ड और मेडल जीते और फिर वो पल भी आया जब संगीत नाटक अकादमी ने उन्हें सम्मानित किया. उस्ताद इकबाल अहमद खान भी अपने उस्ताद की तरह अपने शागिर्दों को सीना-ब-सीना तालीम देते हैं. देखिए, कलर्स ऑफ इंडिया में कहानी दिल्ली घराने की

Feb 11, 2019, 09:35 AM IST

कलर्स ऑफ इंडिया: जब बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार नौशाद का ऑफर ठुकरा दिया उस्ताद इकबाल खान ने

18वीं शताब्दी में मियां अचपल ने खयाल गायकी को खास तवज़्ज़ो दी. मियां अचपल जो आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फर के दरबारी गायक थे और उनके संगीत गुरु भी. इस खानदान को दिल्ली घराना का नाम इसी दौर में मिला. आज भी दिल्ली घराने में संगीत की तालीम की शुरुआत उन्हीं की बंदिश से होती है. देखिए, कलर्स ऑफ इंडिया में कहानी दिल्ली घराने की

Feb 11, 2019, 09:14 AM IST

कलर्स ऑफ इंडिया: दिल्ली घराना में संगीत का इतिहास

अमीर खुसरो की बंदिशें आज भी दिल्ली घराना की पारंपरिक धरोहर हैं लेकिन कहते हैं दिल्ली घराने में संगीत का इतिहास अमीर खुसरो से भी पुराना है. संगीत घराने दो परंपराओं से आगे बढ़ते हैं. खानदानी परंपरा और शिष्य शागिर्द परंपरा से दिल्ली घराना संगीत परंपरा 18वीं सदी में शुरू हुई लेकिन खानदानी परंपरा में संगीत 8वीं सदी से है. जब इस खानदान के बुजुर्ग अरब से सिंध में आकर बसे. देखिए, कलर्स ऑफ इंडिया में कहानी दिल्ली घराने की

Feb 11, 2019, 08:56 AM IST

कलर्स ऑफ इंडिया: कहानी दिल्ली घराना की

भारतीय शास्त्रीय संगीत में 12 सदी के बाद से कई बदलाव आए और वो दो धड़ों में बंट गया. हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत उत्तर भारत में संगीत पर अरबी और फारसी संगीत का प्रभाव पड़ा. इस शैली को हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत कहा गया है. इसी दौरान कई परंपराएं भी बनी जिसमें से एक है घराना परंपरा. ये नाम मिला हर संगीतज्ञ की विशिष्ट शैली को. वो शैली जिसे उन्होंने विकसित किया और अपने शिष्यों के ज़रिये आगे बढ़ाया है. दिल्ली घराना इसी परंपरा का एक बेहद प्रसिद्ध नाम है. प्रसिद्ध इसलिए भी कि इस घराने का इतिहास सूफी कवि और संगीतकार अमीर खुसरो से जुड़ा है. वही अमीर खुसरो जिनकी रचनाएं आज भी बेहद शौक से सुनी जाती हैं. देखिए, कलर्स ऑफ इंडिया में कहानी दिल्ली घराना की

Feb 11, 2019, 08:28 AM IST

बाज़ार के रोहन विनोद मेहरा से एक छोटी सी बातचीत

बाज़ार फिल्म से बड़े पर्दे पर एंट्री लेने वाले रोहन विनोद मेहरा एक अच्छे गिटारिस्ट भी हैं. अपने वक्त के मशहूर अभिनेता विनोद मेहरा के बेटे रोहन फिल्मी दुनिया से काफी दूर रहे हैं. लेकिन अब वो संगीत और अभिनय से अपनी पहचान बनाने आ गए हैं

Feb 6, 2019, 06:20 PM IST

जयपुर: 24 से शुरू होगा 'धरती का सबसे बड़ा साहित्यिक शो', सिक्का जमाने पहुंचेंगी मशहूर हस्तियां

पांच दिवसीय फेस्टिवल एक दशक से ज्यादा समय से तकरीबन 2000 वक्ताओं की मेजबानी और देश और दुनियाभर के लाखों पुस्तक-प्रेमियों का स्वागत कर चुका है.

Jan 22, 2019, 10:54 PM IST

पाकिस्तान: इस विमान में Entertainment का नहीं होगा कोई इंतजाम, टीवी पर चलेंगी आयतें

इस वक्त पीआईए भारी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है. इस पर वर्तमान में 431 अरब रूपये की देनदारियां हैं. 

Jan 17, 2019, 10:47 PM IST

झारखंड में म्यूजिकल अंदाज में पढ़ाई कराने वाला टीचर

झारखंड में म्यूजिकल अंदाज में पढ़ाई कराने वाला टीचर ..ज्यादा जानने के लिए देखें वीडियो

Jan 17, 2019, 02:45 PM IST

ज़ी ख़जाना: कहानी सा रे गा मा की पहली विजेता की

सा रे गा मा की पहली विजेता संजीवनी थी. उनका बॉलीवुड डेब्यू फिल्म क़रीब के गानों से हुआ था. 'ज़ी ख़जाना' में देखिए कहानी संजीवनी की

Jan 15, 2019, 04:56 PM IST

ज़ी ख़जाना: कहानी सा रे गा मा की पहली विजेता की

सा रे गा मा की पहली विजेता संजीवनी थी. उनका बॉलीवुड डेब्यू फिल्म क़रीब के गानों से हुआ था. 'ज़ी ख़जाना' में देखिए कहानी संजीवनी की

Jan 15, 2019, 03:28 PM IST

ज़ी ख़ज़ाना: ज़ी टीवी से हुई श्रेया घोषाल के करियर की शुरुआत

श्रेया घोषाल ने अपने करियर की शुरुआत 'सा रे गा मा' से की थी. श्रेया 5 बार नेशनल अवार्ड जीत चुकी है. इनके हुनर को सबसे पहले ज़ी टीवी ने पहचाना था. देखिए 'ज़ी ख़ज़ाना' में कहानी श्रेया घोषाल की...

Jan 10, 2019, 11:42 AM IST

ज़ी ख़ज़ाना: कैसा रहा सुरों की मल्लिका श्रेया घोषाल का बॉलीवुड तक का सफर

संगीत जगत में श्रेया घोषाल का कोई मुकाबला नहीं और उनके इस हुनर को सबसे पहले ज़ी टीवी ने पहचाना था. श्रेया के बॉलीवुड तक पहुंचने और एक मुकाम हासिल करने की दिलचस्प कहानी देखिए 'ज़ी ख़ज़ाना' में

Jan 10, 2019, 11:35 AM IST