बद्रीनाथ यात्रा लोगों को दे रही सुकून, ब्लैक बियर और ग्लेशियर बने आकर्षण का केंद्र

भालू अकेले ही पहाड़ी पर घूम रहा है. जिसके चलते यह यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. भालू लगातार अकेले में ही कभी इधर कभी उधर दौड़ता रहता है. कभी खड़े होकर चलने लगता है, इस पहाड़ी पर या भालू ज्यादातर दोपहर के बाद हर समय दिखाई दे रहे हैं. 

बद्रीनाथ यात्रा लोगों को दे रही सुकून, ब्लैक बियर और ग्लेशियर बने आकर्षण का केंद्र
फाइल फोटो

(पुष्कर चौधरी)/नई दिल्लीः बद्रीनाथ यात्रा इस वर्ष देशी और विदेशी यात्रियों को सुकून का एहसास करा रही है, जहां इस समय देश का कोना-कोना तपती गर्मी की चपेट में है, वहीं उत्तराखंड में बद्रीनाथ आए श्रद्धालुओं को यहां मौसम बढ़ती गर्मी से राहत दे रहा है, जिससे यात्रियों की यात्रा रोमांचित साबित हो रही है. बद्रीनाथ मार्ग पर इन दिनों सड़क के दूसरी तरफ पहाड़ी काला भालू दिखाई दे रहा है यह भालू अकेले ही पहाड़ी पर घूम रहा है. जिसके चलते यह यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. भालू लगातार अकेले में ही कभी इधर कभी उधर दौड़ता रहता है. कभी खड़े होकर चलने लगता है, इस पहाड़ी पर या भालू ज्यादातर दोपहर के बाद हर समय दिखाई दे रहे हैं. 

इसके साथ ही राज्य पक्षी मोनाल भी यहां इन दिनों यात्रियों के लिए रोमांचित साबित हो रहा है. यह इसलिए हो रहे हैं क्योंकि यह प्रजाति आसानी से दिखाई नहीं देती है, लेकिन बद्रीनाथ मार्ग पर इन दिनों आसानी से ब्लैक बियर और मोनाल जैसे पक्षी दिखाई दे रहे हैं. जहां सड़क के उस पार यात्रियों को जानवरों का कौतूहल देखकर मजा आ रहा है, वहीं सड़क के इस तरफ ग्लेशियर पर रुक कर यात्री घंटो ग्लेशियर के बर्फ से खेल रहे हैं. अब देश के कोने-कोने से यात्री बद्रीनाथ धाम पहुंचने लगे हैं, लेकिन इस वर्ष यात्रा के दौरान यात्रियों को जहां बड़े-बड़े हिमखंड के दर्शन हो रहे हैं और यात्री जमकर ग्लेशियरों से खेल रहे हैं.

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इन सबके बीच चार धाम यात्रा के साथ देश और दुनिया से आए यात्रियों के लिए बद्रीनाथ यात्रा पूरी एडवेंचर से भरी हुई दिखाई दे रही है मई के महीने में यात्रियों को ग्लेशियरों की बर्फ से खेलना बहुत भा रहा है क्योंकि इस समय उत्तर भारत मैं पारा लगातार चढ़ता जा रहा है जिस कारण यात्री यहां ग्लेशियरों से खेल रहे हैं. बता दें पहाड़ी भालू का दिमाग इंसान जैसा ही होता है और पहाड़ों में अधिकतर लोगों पर हमला भी हर साल करता रहता है. इसका खाने का तरीका भी इंसान के जैसा ही है यह बड़ी तेजी से पेड़ों पर चढ़ता है और दो पैरों पर भी चल सकता है. 

Badrinath Yatra gives comfort to people, black beer and glacier center of attraction

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हालांकि भालू सामने हो तो बहुत बड़ा खतरा भी साबित होता है पेड़ हो या पहाड़ बड़ी तेजी से चढ़ता है और सबसे ज्यादा फल खाता है. बर्फीले इलाके में जब लोग अपने घरों को छोड़ निचली जगह पर आते हैं तो यह भालू लोगों के घरों की छत फाड़ कर घरों में घुसकर आटा चावल जो भी सामान मिला उसे खाकर चौपट कर देता है. लोगों के घरों को दुकानों को बहुत ज्यादा नुकसान भी पहुंचाता है, लेकिन इस समय बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की दूसरी तरफ यह भालू पर्यटकों का और यात्रियों का आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.