मुद्रा योजना के तहत अब तक बांटे गए 7.23 लाख करोड़ रुपए : पीयूष गोयल

मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता के साथ लोन बांटे गए हैं.

मुद्रा योजना के तहत अब तक बांटे गए 7.23 लाख करोड़ रुपए : पीयूष गोयल
उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ कनेक्शन बांटे गए. (फोटो साभार IANS)
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नई दिल्ली: वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 7.23 लाख करोड़ रुपए के 15.56 लाख कर्ज मंजूर किए हैं और इनका लाभ पाने वालों में बड़ा हिस्सा महिलाओं का है. गोयल ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि मुद्रा योजना लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं.  उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मुहैया कराने और प्रधानमंत्री मातृत्व योजना समेत कई कदम उठाए हैं. 

गोयल ने नि:शुल्क गैस कनेक्शन मुहैया कराने वाली उज्ज्वला योजना को ‘‘सफलता की उल्लेखनीय कहानी’’ करार देते हुए कहा कि उज्ज्वला के तहत आठ करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन में से गरीब महिलाओं को पहले की छह करोड़ कनेक्शन मुहैया कराए जा चुके हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 30 लाख रुपए की गई है. उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत स्टार्टअप का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है.

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उन्होंने इस बात को रेखांकित किया अब कारोबार करना आसान हो गया है. उन्होंने कहा कि अब 59 मिनट के भीतर एक करोड़ रुपए का रिण लिया जा सकता है. गोयल ने बताया कि सरकार के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत एक करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है.  उन्होंने ढांचागत सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में अब 100 हवाईअड्डे काम कर रहे हैं और पिछले पांच साल में यात्रियों का आवागमन दोगुना हुआ है. गोयल ने कहा कि भारत राजमार्ग विकसित करने के मामले में दुनिया में सबसे आगे है. देश में प्रतिदिन 27 किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि दशकों से अटकी योजनाएं पूरी की गई हैं और सागरमाला जैसी योजना से कारों के आयात एवं निर्यात को तेज करने में मदद मिलेगी. गोयल ने कहा कि भारतीय रेल के लिए यह इतिहास में सबसे सुरक्षित साल है और ब्रॉड गेज नेटवर्क में सभी मानवरहित क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्रीय कृत्रिम मेधा पोर्टल’ जल्द विकसित किया जाएगा और प्राथमिकता के लिए नौ क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है.

(इनपुट-भाषा)