बीसवीं बरसी: कंधार प्लेन हाइजेक अटल सरकार के सामने बड़ी चुनौती थी

आज से बीस साल पहले हुआ था यह ऐतिहासिक आतंकी अपराध जिसने परेशानी में डाला था अटल जी की सरकार को..  

बीसवीं बरसी: कंधार प्लेन हाइजेक अटल सरकार के सामने बड़ी चुनौती थी

नई दिल्ली. परेशानी में डाला था कंधार प्लेन हाइजेक ने लेकिन जिस कुशलता से अटल जी की सरकार ने इस हालत का सामना किया था वो अपने-आप में एक ऐतिहासिक यादगार है. तीन आतंकियों को छोड़ना पड़ा था लेकिन बड़ी मुसीबत से छुटकारा भी पाया था.

कंधार प्लेन हाईजैक काण्ड 

देश में थी अटल जी की सरकार और देश के इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण किया था आतंकियों ने. विमान में सवार 170 यात्रियों की जान बचाने के लिए भारतीय सरकार ने तीन आतंकियों - मसूद अज़हर, उमर शेख और मुश्ताक अहमद को छोड़ा था. यह प्लेन दिल्ली से काठमांडू के रास्ते में हाईजैक किया गया था और इसे आतंकी अफगानिस्तान के कंधार शहर ले गए थे. 

दस थे हाईजैक के आरोपी 

इस भारतीय विमान के अपहरण के लिए सीबीआई ने दस लोगों को नामजद आरोपी बनाया था. माना जाता है कि उन दस आरोपियों में से सात पाकिस्तान में हैं और इनमें विमान के पांच प्रमुख अपहरणकर्ता भी शामिल हैं.

मसूद अज़हर ने बनाया जैशे मोहम्मद 

भारत से जबरिया आज़ादी पाकर आतंकी मसूद अजहर ने अपना आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया और उसके बाद भारत पर कई बड़े आतंकी हमले किये जिनमें संसद पर हमला, मुंबई हमला और पठानकोट एयरबेस पर हमला गिनाया जा सकता है. अब यूनाइटेड नेशंस ने भी मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है लेकिन आज की तारीख में वह अस्पताल में किडनी की बीमारी से ग्रस्त हो कर ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है. 

उमर शेख ने की डेनियल पर्ल की हत्या 

दूसरे जबरिया आज़ाद आतंकी उम्र शेख ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या को अंजाम दिया. आज की तारीख में वह पर्ल की ह्त्या का सजायाफ्ता बन कर लाहौर की जेल में बंद है. कुछ दिनों बाद उसे फांसी होनी है. 

मुश्ताक अहमद ने कश्मीर पर हमले कराये 

तीसरे जबरिया आज़ाद आतंकी मुश्ताक अहमद जरगर कश्मीर का रहने वाला था जिसने हाईजैक काण्ड के बाद कश्मीर घाटी को ग्रेनेड हमलों से लहू-लुहान किया. सीआरपीएफ पर होने वाले बड़े हमले के पीछे भी उसी का हाथ माना जा रहा है. 

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