ठंड के कहर के बीच मौसम विभाग ने की बड़ी भविष्यवाणी

पूरे उत्तर भारत में ठंड का सितम जारी है. दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान में भीषण सर्दी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 31, 2019, 12:58 PM IST
    • पूरे उत्तर भारत में ठंड का सितम जारी
    • दिल्ली में सदी की सबसे भयंकर ठंड
    • बुधवार-बृहस्पतिवार को हो सकती है बारिश
ठंड के कहर के बीच मौसम विभाग ने की बड़ी भविष्यवाणी

दिल्ली: भीषण शीतलहर और कंपकंपाती सर्दी से पूरा उत्तर भारत बेहाल है. इस बीच मौसम विभाग ने बड़ी भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने दावा किया कि इस बार दिसंबर से भी भीषण सर्दी का प्रकोप जनवरी में झेलना पड़ सकता है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनवरी में दिसम्बर से भी ज्यादा शीत लहर और कोहरा पड़ेगा जिससे जनवरी दिसंबर से भी अधिक ठंडी होगी. 

दिल्ली में सदी की सबसे भयंकर ठंड

मौसम विभाग ने आज दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ठंड का रेड अलर्ट जारी किया है. 1 से 3 जनवरी के बीच गरज के साथ बारिश भी हो सकती है. दिल्ली के इतिहास में ये दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शायद ही किसी ने सोमवार जैसी ठिठुरन अपने जीवन में देखी हो. पखवाड़े भर से कंपकंपा देने वाली ठंड ने 119 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.

बुधवार-बृहस्पतिवार को हो सकती है बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र दिल्ली के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को राहत मिलने के आसार नहीं हैं. पश्चिमी विक्षोभ के असर से बुधवार व बृहस्पतिवार को बारिश होने से रात का तापमान बढ़कर 7-8 डिग्री, जबकि दिन में 15-16 डिग्री जा सकता है. सोमवार का दिन ही नहीं, बल्कि पूरा दिसंबर 1901 के बाद सबसे ठंडा महीना रहा है. अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे गिरकर 9.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया.

शीतलहर की चपेट में 18 दिन से है उत्तर भारत  

आपको बता दें कि लगातार शीतलहर चलने के मामले में भी दिल्ली में 119 साल का रिकॉर्ड टूटा है. मौसम विभाग के मुताबिक इससे पहले दिसंबर 1997 में 17 तक दिन तक शीतलहर चली थी, जबकि इस बार 18 दिन हो चुके हैं. 1919, 1929, 1961 और 1997 में दिल्ली का दिसंबर माह का औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री से कम था. इस साल 30 दिसंबर तक यह 18.57 डिग्री रहा। शुक्रवार तक यह और गिरकर 18.5 डिग्री से नीचे चला जाएगा. सन् 1919 के बाद ये दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर है.

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