बर्फबारी से बढ़ तो गई ठंड, लेकिन सेब किसानों के चेहरे खिले

उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हो रही है. जिससे ठंड बढ़ गई है और लोग कंपकंपा रहे हैं. लेकिन सेब किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दे रही है. 

बर्फबारी से बढ़ तो गई ठंड,  लेकिन सेब किसानों के चेहरे खिले

नैनीताल: इस साल भीषण ठंड पड़ रही है. जिसकी वजह से देवभूमि उत्तराखंड के ज्यादातर इलाके बर्फ से ढंक गए हैं. लगातार बर्फबारी और ठंड की वजह से आम लोगों के जीवन में काफी परेशानी आ रही है. 

किसानों को हो रही है खुशी
लेकिन बर्फबारी की वजह से उत्तराखंड के किसान बेहद खुश हैं. क्योंकि लगभग 15 सालों के बाद नैनीताल में हुई भारी बर्फबारी हुई है. जिसकी वजह से सेब काश्तकारों के चेहरे खिले हुए है. 13 और 14 दिसम्बर की बर्फबारी से जिले के मुक्तेश्वर,रामगढ़,धनाचूली इलाके में सेब की खेती के लिए मुफीद मानी जा रही है. सेब के बागवानों का कहना है कि इस साल जबरदस्त बर्फबारी होने की वजह से उत्तराखंड में सेब का उत्पादन भी बढ़ जाएगा. जिससे उन्हें ज्यादा मुनाफा होने की उम्मीद है. 

सेब की फसल के लिए अच्छी होती है बर्फबारी
सेब एक ऐसा फल है, जिसके लिए बहुत की देखरेख की जरूरत होती है. दरअसल सेब की फसल को ज्यादा सुंदर और मीठा होने के लिए लगभग 3 महीने का कूलिंग पॉइंट चाहिए. यानी ज्यादा ठंड की जरुरत पड़ती है. इस साल नैनिताल जिले की फ्रूट बेल्ट में सेब, आड़ू, खुबानी, कीवी, जैसी फसलों के लिए लिए बर्फबारी काफी फायदेमंद दिखाई दे रही है. 

बर्फबारी बिल्कुल सही समय पर हो रही है
खास बात ये है कि इस साल जो बर्फबारी हो रही है. वो बिल्कुल सही समय पर हो रही है. ये संयोग पिछले 15 सालों के बाद बना है. जब सही समय पर इतनी बर्फबारी हो रही हो. जिले के मुक्तेश्वर और रामगढ़ में करीब एक फ़ीट तक बर्फबारी हुई जिससे कीड़े भी खत्म हो गए हैं. 

कम बर्फबारी सेब की फसल के लिए नुकसानदेह
दरअसल जब कम बर्फबारी होती है तो इसका असर भी सेब के उत्पादन पर पड़ता है. सिर्फ सेब ही नही बल्कि अन्य फसलों और सब्जियों के लिए भी बर्फबारी काफी फायदेमंद मानी जाती है. क्योंकि बर्फबारी के बाद जमीन में नमी कई दिनों तक बनी रहती है. 
इस साल उत्तराखंड में हर्षिल, रानीखेत, मुनस्यारी, चकराता ,टिहरी, धनौल्टी, जोशीमठ में भी अच्छी बर्फबारी हुई है. इस बर्फबारी का सबसे ज्यादा फायदा सेब की फसल को होगा.  क्योंकि अब सेब के पेड़ों में बीमारी नही लगेगी और फूल भी सही समय पर आ जाएंगे. 

उत्तराखंड के रामगढ़ में स्थित सरकारी सेब के बगीचे में ही करीब 15 हजार सेब के पेड़ है जो प्रदेश का सबसे बड़ा उद्यान है. यहां बर्फ गिरने की वजह से काश्तकारों के चेहरे खिले हुए हैं. 

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