जयराम शुक्ल

पद्मश्री बाबूलाल दाहिया : देसी अन्नों का देहाती विश्वामित्र

पद्मश्री बाबूलाल दाहिया : देसी अन्नों का देहाती विश्वामित्र

  चिलचिलात इया घाम, पसीना हमरे बद है दिन निकरत से काम, पसीना हमरे बद है कूलर, पंखा, छाँह, बैहरा सब तोहरैं ता हमी अराम हराम, पसीना हमरे बद है.

लोकतंत्र की पीठ पर शनि की साढ़ेसाती

लोकतंत्र की पीठ पर शनि की साढ़ेसाती

अपने देश की हर समस्या के इलाज के लिए टोने टोटके हैं. कठिन से कठिन समस्या का समाधान उसी से निकलता है.

मध्य प्रदेश चुनाव 2018: इस बार किसी ने नहीं कहा- 'एमपी में लहर है'

मध्य प्रदेश चुनाव 2018: इस बार किसी ने नहीं कहा- 'एमपी में लहर है'

अब यदि 11 दिसंबर तक अखबारों में वर्ग पहेली न भी छपे, तो पाठकों को कोई ऐतराज नहीं होगा. चुनाव आयोग ने बैठे-ठाले गुणा-भाग लगाने का मौका दे दिया है.

बघेलखंड और बुंदेलखंड में करवट बदल रहें हैं सियासी समीकरण

बघेलखंड और बुंदेलखंड में करवट बदल रहें हैं सियासी समीकरण

चुनाव के आखिरी दौर की रिपोर्टिंग और आंकलन सबसे ज्यादा माथापच्ची का काम है.

मप्र चुनाव 2018: चित्रकूट में उग आए महिला-पुरुष डकैतों का गोपन रहस्य

मप्र चुनाव 2018: चित्रकूट में उग आए महिला-पुरुष डकैतों का गोपन रहस्य

कोई 45 साल पहले मैं अपनी दादी के साथ दीपावली मनाने चित्रकूटधाम गया था. दादी ने बताया था कि मंदाकिनी में दीपदान करने से सरग (स्वर्ग) का दरवाजा सीधे खुल जाता है.

MP विधानसभा चुनाव 2018: इस बार दल नहीं, दिल देखकर वोटर करेगा फैसला

MP विधानसभा चुनाव 2018: इस बार दल नहीं, दिल देखकर वोटर करेगा फैसला

मध्यप्रदेश में राजनीति का बैरोमीटर बता रहा है कि इस बार हवा ठहरी हुई है.

श्रद्धांजलि अन्नपूर्णा देवी: मैहर के सुरबहार का यूं खामोश हो जाना

श्रद्धांजलि अन्नपूर्णा देवी: मैहर के सुरबहार का यूं खामोश हो जाना

इन दिनों मां शारदा की पवित्र नगरी मैहर में भक्तिभाव का समागम है. मां शारदा ज्ञान की देवी हैं, वे वीणावादिनी संगीत की देवी भी हैं.

कृष्णा राजकपूर: जिन्होंने बालीवुड में घोली रीवा की संस्कृति की महक

कृष्णा राजकपूर: जिन्होंने बालीवुड में घोली रीवा की संस्कृति की महक

पिछले महीने ही जब यह खबर आई कि राजकपूर के बेटों ने तय किया है कि वे अब आरके स्टूडियो बेंच देंगे तो यह अनुमान लगाने लगा कि बेटों के इस निर्णय पर कृष्णा कपूर को क्या गुजरी होगी..?

''जा पर विपदा परत है ते आवहिं एहि देस''

''जा पर विपदा परत है ते आवहिं एहि देस''

चित्रकूट की महिमा को लेकर एक दोहा मशहूर है-  चित्रकूट मा बसि रहें रहिमन अवध नरेश, जा पर विपदा परत है ते आवत एंहि देश..