जातिगत जनगणना को लेकर BJP-JDU के बीच बढ़ी कड़वाहट! नीतीश कुमार पर टिकी सबकी निगाहें

जातिगत जनगणना (caste census) पर केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. केंद्र सरकार की ना के बाद सबकी निगाहें CM नीतीश कुमार पर टिक गई हैं. सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार अब राज्य स्तर पर जातिगत जनगणना कराएंगे. लेकिन इस बीच BJP का एक और बड़ा फैसला आ गया है.

जातिगत जनगणना को लेकर BJP-JDU के बीच बढ़ी कड़वाहट! नीतीश कुमार पर टिकी सबकी निगाहें
नीतीश कुमार पर टिकी सबकी निगाहें (फाइल फोटो)

Patna: जातिगत जनगणना (caste census) पर केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. केंद्र सरकार की ना के बाद सबकी निगाहें CM नीतीश कुमार पर टिक गई हैं. सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार अब राज्य स्तर पर जातिगत जनगणना कराएंगे. लेकिन इस बीच BJP का एक और बड़ा फैसला आ गया है. BJP ने राज्य स्तर पर भी जातिगत जनगणना को सपोर्ट करने से इंकार कर दिया है. इधर JDU ने चेतावनी दे डाली है कि जो सरकार जातिगत जनगणना से इंकार करेगी, वो जाएगी. 

 'जातिगत जनगणना कराना व्यवहारिक नहीं'

जातिगत जनगणना को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ने लगा है. JDU BJP के बीच अब तक रिश्ते में तल्लखी नहीं दिख रही थी. लेकिन केद्र सरकार की न के बाद JDU के रूख आक्रामक होने लगे हैं. दरअसल, BJP ने जातिगत जनगणना राज्य स्तर पर भी कराने से साफ इंकार कर दिया है.

 BJP राज्य स्तर पर भी जातिगत जनगणना नहीं चाहती है. पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय झा (Mrityunjay Jha) ने कहा है कि राज्य स्तर पर जातिगत जनगणना कराना CM नीतीश कुमार  (Nitish Kumar) का अधिकार है, लेकिन राज्य स्तर पर भी जातिगत जनगणना सफल नहीं रहा है. 

हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर 4 लाख से ज्यादा जातियां समाने आ जा रही हैं. बिहार में तो ओबीसी से जुड़ी 106 जाति उपजाति हैं, जिसे जनगणना कॉलम में शामिल कराने में कठिनाई होगी. इसके साथ ही जातिगत जनगणना विभेद का बड़ा कारण बन जाएगी इसलिए ये उचित नहीं है. 

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'जातिगत जनगणना के लिए केंद्र पर दबाव बनाएं'

बीजेपी के इस फैसले के बाद विपक्ष ने सीएम नीतीश कुमार को टारगेट करना शुरु कर दिया है. RJD MLC रामबली चंद्रवंशी ने कहा है कि ये बिल्कुल सही है कि जातिगत जनगणना राज्य सरकार के बस की बात नहीं है। फैसला अब नीतीश कुमार को लेना है. जेडीयू ने जातिगत जनगणना को लेकर काफी मुहीम भी चलाई हैं. अब नीतीश कुमार या तो NDA से बाहर निकलें या फिर केंद्र सरकार पर जातिगत जनगणना के लिए दबाव बनाएं. 

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 'कुर्सी के कारण जातिगत जनगणना पर चुप्पी'
 
इधर कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड ने भी नीतीश कुमार की मनसा पर सवाल खड़े किये हैं. राजेश राठौड ने कहा है कि जातिगत जनगणना पर फैसला तो नीतीश कुमार को ही करना है. नीतीश कुमार राज्य स्तर पर जनगणना कराएंगे या नहीं ये बताएं. लेकिन हमें लगता है कि नीतीश कुमार बीजेपी के डर और कुर्सी के कारण अब जातिगत जनगणना पर मौन हो जाएंगे.

'जो सरकार जातिगत जनगणना रोकेगी वो जाएगी'
 
जातिगत जनगणना को लेकर JDU की मनसा पर उठते सवालों को लेकर पार्टी परेशान नजर आ रही है. कल तक जातिगत जनगणना पर उम्मीदों का दामन थामें रहने का दावा करने वाले नेता अब सीधे चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. JDU एमएलसी गुलाम गौस ने बड़ा बयान दे दिया है. गुलाम गौस ने कहा है कि कांग्रेस की मिसाल हम लोगों के सामने है. जातीगत जनगणना और सच्चर कमिटी ने नाम पर कांग्रेस ने जनता को धोखा देने का काम किया आज नतीजा सबके सामने है। जातिगत जनगणना आज किसी राज्य की नहीं बल्कि पूरे देश की जरूरत है. सरकार किसी की भी हो जातिगत जनगणना कोई रोक नहीं सकता है. जो रोकेगा, वो जाएगा.