निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर नई बेंच करेगी सुनवाई, चीफ जस्टिस हुए अलग

निर्भया कांड के दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर बुधवार (17 दिसंबर) को जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की बेंच सुनवाई करेगी. जस्टिस भानुमति और जस्टिस भूषण इससे पहले 3 दोषियों की याचिका खारिज करने वाली बेंच का हिस्सा रहे हैं.

निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर नई बेंच करेगी सुनवाई, चीफ जस्टिस हुए अलग

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे ने निर्भया मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है. दोषियों ने मामले पर समीक्षा याचिका दायर की है. प्रधान न्यायाधीश ने अपने भतीजे अर्जुन बोबडे के पीड़िता की ओर से उपस्थित होने के चलते मामले से खुद को अलग कर लिया है, इसलिए नई बेंच बनी है.

इस वजह से अब निर्भया कांड के दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर बुधवार (17 दिसंबर) को जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की बेंच सुनवाई करेगी. जस्टिस भानुमति और जस्टिस भूषण इससे पहले 3 दोषियों की याचिका खारिज करने वाली बेंच का हिस्सा रहे हैं.

निर्भया कांड : तिहाड़ में 'फांसी-घर' तैयार, मुजरिमों पर पाबंदियां बढ़ी
उधर, कानूनी फाइलों में बंद 'फांसी के फैसले' पर अंतिम मुहर लगने में भले ही अभी वक्त है, मगर तिहाड़ जेल के भीतर निर्भया कांड को लेकर शुरू हुई हलचल ने मुजरिमों के दिल की धड़कन बढ़ा दी है. धड़कन बढ़ने की प्रमुख वजहें हैं. निर्भया के मुजरिम पवन कुमार गुप्ता को दिल्ली की मंडोली जेल से तिहाड़ जेल में बेहद गोपनीय तरीके से रातों-रात शिफ्ट कर दिया गया है. मुजरिम पवन कुमार गुप्ता के मंडोली जेल से तिहाड़ जेल में पहुंचते ही पहले से ही यहां (तिहाड़) कैद निर्भया के तीन अन्य हत्यारों (अक्षय कुमार सिंह, विनय कुमार शर्मा और मुकेश कुमार) पर अचानक सख्ती कर दी गई है.

तिहाड़ जेल के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, "मंडोली जेल से पवन कुमार गुप्ता के तिहाड़ जेल पहुंचते ही इन चारों की आपस में बातचीत पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे पहले तक तिहाड़ में बंद निर्भया के तीनों हत्यारे दिन के वक्त आपस में मिलने पर थोड़ी बहुत बातचीत कर लेते थे."

फिलहाल, इन चारों को फांसी पर लटाने के फरमान पर अंतिम मुहर की फाइलें एक देहरी से दूसरी देहरी पर (अदालतों में) भटक रही हैं, लेकिन तिहाड़ जेल प्रशासन अपने स्तर से गुपचुप तैयारियों में जुट गया है.

तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक, "तिहाड़ जेल में मौजूद फांसी घर की युद्ध स्तर पर शुरू की गई साफ-सफाई प्रक्रिया को भी यूं ही नजरंदाज नहीं किया जा सकता है. फांसी घर की साफ-सफाई के साथ ही उसके तख्तों (जिन पर मुजरिम को फांसी पर लटकाने से ठीक पहले ले जाकर खड़ा किया जाता है) की जेल के काबिल कैदी बढ़इयों द्वारा मरम्मत कराया जा रहा है. फांसी घर पर हलचल और उसकी सुरक्षा में जेल सुरक्षाकर्मियों की तादाद अचानक बढ़ा दिया जाना भी काफी कुछ इशारा कर रहा है."

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