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उन्‍नाव सड़क हादसे का केस ट्रांसफर करने पर SC ने लगाई रोक, CBI ने मांगी विधायक की हिरासत

सीबीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए मांग की कि जब तक उन्‍नाव रेप पीडि़ता से जुड़े सड़क हादसे की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले को दिल्‍ली ट्रांसफर ना किया जाए.

उन्‍नाव सड़क हादसे का केस ट्रांसफर करने पर SC ने लगाई रोक, CBI ने मांगी विधायक की हिरासत
सुप्रीम कोर्ट का फैसला. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन्‍नाव रेप केस से संबंधित मामलों की जांच कर रही सीबीआई की अर्जी पर सुनवाई की. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसले को बदलते हुए उन्‍नाव रेप केस से संबंधित पांच में से 1 मामले (उन्‍नाव एक्‍सीडेंट) को लखनऊ से दिल्‍ली ट्रांसफर करने पर रोक लगा दी है. सर्वोच्‍च न्‍यायालय की ओर से यह रोक 15 दिनों तक लगाई गई है. 

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सीबीआई ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कोर्ट ने पांचों केसों में एक्सीडेंट का केस भी दिल्ली कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है, जिसकी वजह से सीबीआई एक्‍सीडेंट केस में आरोपियों की यूपी की निचली कोर्ट से रिमांड नहीं मांग पा रही है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सात से 14 दिनों में जांच पूरी करने का आदेश दे रखा है.

सीबीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए मांग की कि जब तक उन्‍नाव रेप पीडि़ता से जुड़े सड़क हादसे की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले को दिल्‍ली ट्रांसफर ना किया जाए. साथ ही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्‍य आरोपियों से पूछताछ करने संबंधी याचिका भी दायर की है.

बात दें कि 1 अगस्‍त को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उन्‍नाव रेप केस से संबंधित सभी पांच मामलों को यूपी से दिल्‍ली ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे. ये पांच मामले इस प्रकार हैं. पहला मामला- पीड़िता से रेप, दूसरा मामला- पीड़िता से गैंगरेप, तीसरा मामला- पीड़िता के पिता की झूठे केस में गिरफ्तारी और पिटाई. चौथा मामला- पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत. पांचवां मामला-रोड एक्सिडेंट.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि दिल्‍ली में एक विशेष जज मामले की रोजाना सुनवाई करेगा. साथ ही इस मामले का ट्रायल 45 दिन में पूरा करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सड़क दुर्घटना की जांच को 7 दिन में पूरा करने का आदेश दिया है.