लोकसभा चुनाव से पहले ओडिशा में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, इस दिग्‍गज ने छोड़ा साथ

लोकसभा चुनाव से पहले ओडिशा में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, इस दिग्‍गज ने छोड़ा साथ

अपने इस्‍तीफे में किशोर दास ने राहुल गांधी को लिखा है कि मेरे क्षेत्र के लोग और वोटर्स चाहते हैं कि मैं अगला चुनावा बीजेडी के टिकट पर लड़ूं. बता दें कि ओडिशा में कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है. हाल में हुए पंचायत चुनावों में उसका प्रदर्शन खिसककर तीसरे नंबर पर चला गया था.

लोकसभा चुनाव से पहले ओडिशा में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, इस दिग्‍गज ने छोड़ा साथ

नई दिल्‍ली : लोकसभा चुनावों की घोषणा में डेढ़ महीने से ज्‍यादा का वक्‍त नहीं है. ऐसे में सभी पार्टियां हर राज्‍य में अपने आपको मजबूत करने में जुटी हैं. लेकिन ओडिशा में कांग्रेस को ऐसे अहम वक्‍त में बड़ा झटका लगा है. ओडिशा कांग्रेस वर्किंग प्रेसिडेंट और झरसुगुंडा एमएलए नाबा किशोर दास ने कांग्रेस से इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है.

इसके साथ ही उन्‍होंने साफ कर दिया है कि वह आने वाले चुनावों में किस पार्टी में शामिल होंगें. अपने इस्‍तीफे में किशोर दास ने राहुल गांधी को लिखा है कि मेरे क्षेत्र के लोग और वोटर्स चाहते हैं कि मैं अगला चुनावा बीजेडी के टिकट पर लड़ूं. बता दें कि ओडिशा में कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है. हाल में हुए पंचायत चुनावों में उसका प्रदर्शन खिसककर तीसरे नंबर पर चला गया था.

ओडिशा में पिछले 19 साल से बीजू जनता दल का शासन है. नवीन पटनायक इस प्रदेश में दो दशक से अजेय बने हुए हैं. 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के बावजूद इस प्रदेश में 21 में से बीजेपी एक सीट जीत पाई थी, बाकी की सभी 20 सीटें बीजेडी ने जीती थीं. हाल के पंचायत चुनावों में जरूर बीजेपी ने बीजेडी को अपने शानदार प्रदर्शन से चौंका दिया था.

ओड‍िशा में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव भी होने हैं. इस समय 147 सदस्‍यों वाली ओडिशा विधानसभा में बीजेडी के 118 सदस्‍य हैं. कांग्रेस के 15 विधायक हैं. वहीं बीजेपी के 10 विधायक हैं. वर्ष 2000 में सत्‍ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस को अब तक ओडि‍शा में सत्‍ता नसीब नहीं हुई है. उससे पहले 1979 से लगातार कांग्रेस सत्‍ता में थी.

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