मोदी सरकार की पूरी दुनिया में 'जय-जय', 'सबसे कमजोर देशों'' से निकालकर रचा इतिहास

 प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच साल पहले दुनिया भारत को घोटालों से जानती थी लेकिन अब नजरिया बदल चुका है.

मोदी सरकार की पूरी दुनिया में 'जय-जय', 'सबसे कमजोर देशों'' से निकालकर रचा इतिहास
मोदी ने कहा कि नौ करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है.(फाइल फोटो)

मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश ‘‘सबसे कमजोर पांच देशों’’ से निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शुमार हो गया है. भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘पहले भारत की सरकारें घोटालों की वजह से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहती थी. इन दिनों घोटालों पर नहीं, नई योजनाओं पर चर्चा होती है.’’ उन्होंने कहा कि देश पिछले पांच साल में घोटालों को पीछे छोड़कर योजनाओं की तरफ बढ़ गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच साल पहले दुनिया भारत को ऐसे देश के तौर पर देखती थी जहां से सिर्फ घोटालों, बिजली की किल्लत और वित्तीय संकट की खबरें आती थीं.

लेकिन अब नजरिया बदल चुका है और दुनिया भारत को विश्वास के साथ देखती है. माओवादी हिंसा के मुद्दे पर मोदी ने कहा कि यह बहुत बड़ी समस्या थी, लेकिन अब इस पर काबू पा लिया गया है और यह कुछ ही जिलों तक सीमित रह गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल में सुरक्षा बलों की बहादुरी और जनता के समर्थन से यह सुनिश्चित किया गया है कि राष्ट्र माओवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई जीते.

उन्होंने कहा कि पांच साल पहले सुर्खियां होती थीं कि देश में पर्याप्त शौचालय नहीं हैं, जिससे महिलाओं को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है. मोदी ने कहा कि नौ करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है और देश में स्वच्छता का दायरा 2014 में 38 फीसदी से बढ़कर 98 फीसदी तक पहुंच गया है.

उन्होंने कहा कि एक वक्त ऐसा था जब उत्तरी (बिजली) ग्रिड की नाकामी के कारण 70 करोड़ लोगों को बिजली के बगैर रहना होता था, लेकिन आज हर घर में बिजली का कनेक्शन है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पहले महंगाई और धीमी वृद्धि की चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब महंगाई कम है और वृद्धि दर ऊंची है. यह पिछले साढ़े चार साल में हुआ है. मोदी ने सोशल मीडिया में चल रहे #5ईयरचैलेंज की पृष्ठभूमि में बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से यह संवाद किया.

इनपुट भाषा से भी