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जयपुर: प्री-मानसून की पहली बारिश से बिगड़े राजधानी के हालात, सड़को पर भरा पानी

महज 1 घंटे तक हुई तेज बारिश के चलते पूरे जयपुर में जहां पानी भरने के बाद जाम के हालात बन गए, वहीं रिहायशी क्षेत्रों में भी सड़क के धंस जाने की वजह से ड्रेनेज सिस्टम की भी पोल खुल गई. 

जयपुर: प्री-मानसून की पहली बारिश से बिगड़े राजधानी के हालात, सड़को पर भरा पानी
करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद जयपुर के हालत खराब हो गई.

जयपुर: प्रदेश में 1 जुलाई को मानसून के दस्तक देने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून की पहली बारिश ने मंगलवार को लोगों को जमकर भिगोया. बुद्धवार को सुबह से ही हो रही हल्की बारिश के बाद सुबह 9 बजे करीब 1 घंटे तक जमकर बदरा बरसे. जिसके चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो राहत मिली, लेकिन इस तेज बारिश ने जयपुर में जैसे आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी.

महज 1 घंटे तक हुई तेज बारिश के चलते पूरे जयपुर में जहां पानी भरने के बाद जाम के हालात बन गए, वहीं रिहायशी क्षेत्रों में भी सड़क के धंस जाने की वजह से ड्रेनेज सिस्टम की भी पोल खुल गई. मंगलवार को प्री-मानसून की पहली बारिश के बाद जयपुर में हालात बद से बदतर नजर आए. करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद जयपुर के हालत खराब हो गई.

खबरों के मुताबिक, जगह-जगह पानी भरने की वजह से जहां जाम के हालात बन गए तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर सड़कें धंसने की वजह से मार्ग अवरुद्ध हो गए. जिसके चलते भी कई जगहों पर जाम के हालात बन गए. इसके साथ ही सीएमओ के पश्चिमी द्वार पर पिछले दिनों डाली गई पानी की पाइप लाइन ने भी पोल खोल दी. महज थोड़ी सी बारिश के बाद यहां करीब 200 मीटर तक सड़क धंस गई, जिसके बाद सीएमओ के पश्चिमी द्वार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिया गया.

राष्ट्रीय मौसम विभाग ने पिछले दो दिनों पहले ही राजस्थान के करीब दो दर्जन जिलो में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी. साथ ही जिला प्रशासन को अलर्ट रहने के भी निर्देश दिए थे, लेकिन उसके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाने के चलते महज 1 घंटे की बारिश में जयपुर में ये हालात बन गए.

बहरहाल, मानसून अभी करीब 10 दिन दूर है,,ऐसे में प्री-मानसून की पहली बारिश से ही जयपुर के चलते ही ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई थी. तो अब ये देखना होगा की मानसून की बारिश से प्रशासन कैसे निपटता है.