AC कमरों में बैठे लोग किसानों की हालत नहीं समझते, हमने उनके लिए नीति बनाई : पीयूष गोयल
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AC कमरों में बैठे लोग किसानों की हालत नहीं समझते, हमने उनके लिए नीति बनाई : पीयूष गोयल

उन्‍होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके शुक्रवार को बजट के बारे में जानकारी दी. उन्‍होंने बजट को किसानों के लिए हितकारी बताया. 

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को अपना आखिरी बजट पेश किया. इसके कई क्षेत्रों में रिययत दी गईं हैं. वहीं पेश होने के बाद वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बजट के बारे में जानकारी दी. उन्होंने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच के साथ बजट 2019 को पेश किया गया. समाज के हर वर्ग का ख्याल रखते हुए इस बजट को पेश किया गया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट की वजह से देश में उत्साह है.

उन्‍होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके शुक्रवार को बजट के बारे में जानकारी दी. उन्‍होंने बजट को किसानों के लिए हितकारी बताया. उन्‍होंने कहा 'जो लोग एयरकंडीशंड (एसी) कमरों में बैठते हैं, उन्‍हें छोटे किसानों की समस्‍या और हालत से कोई फर्क नहीं पड़ता है. इसी को अपने ध्‍यान में रखते हुए हमने उनके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि स्‍कीम लागू की है. यह एक ऐतिहासिक निर्णय है.'

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट में भ्रष्टाचार रोधी लोकपाल के लिए बजट आवंटन में कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के लिए परिव्यय में थोड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. हालांकि अभी लोकपाल की स्थापना नहीं हुई है. इसके लिए 2018-19 में 4.29 करोड़ रुपये दिए थे और वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए भी इसे 4.29 करोड़ रुपये का ही आवंटन किया गया है.

पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके कहा 'देश में 27 किलोमीटर हाइवे का प्रतिदिन बनाये जा रहें है, दुनिया में सबसे तेज़ सड़क निर्माण भारत में हो रहा है.' वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है.

बजट में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह रकम लोकपाल की स्थापना संबंधी खर्चों के लिए आवंटित की गई है. गोयल ने कहा 'हमने देश के सैनिकों को सम्मान दिया है. 40 साल से लंबित वन रैंक वन पेंशन को लागू किया है. हमारी सरकार ने 35000 करोड़ रुपए पिछले वर्षों में वन रैंक वन पेंशन के तहत दिए हैं.'

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 के तहत केंद्रीय स्तर पर लोकपाल गठित होगा जबकि हरेक राज्य में लोकायुक्त बनेगा जो सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करेगा. सीवीसी के लिए अगले वित्त वर्ष के वास्ते 35.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. 2018-19 के लिए सीवीसी को अनुमानित 34 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.

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