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साल 2019 में ये बीमारियां पहुंचा सकती हैं सेहत को नुकसान, ऐसे करें बचाव

अगर आपने  छोटी-बड़ी बातों पर ध्यान नहीं दिया तो यह 2019 में आपके स्वास्थ्य के लिए और भी नुकसानदेय हो सकती हैं.

साल 2019 में ये बीमारियां पहुंचा सकती हैं सेहत को नुकसान, ऐसे करें बचाव
जरूरी है कि आप अपनी सेहत की तरफ ध्यान दें और इन बिमारियों के प्रति थोड़ा सजग रहें. फाइल फोटो

नई दिल्लीः गुजरा हुआ साल 2018 सेहत के नजरिए से कुछ ज्यादा खास नहीं रहा. डिप्थीरिया से लेकर लेप्टोस्पायरोसिस तक कई बिमारियों ने 2018 में हमारे और आपके स्वास्थ्य को प्रभावित किया, जिनमें से कुछ बीमारियों को तो खुद हमने ही बुलावा दिया है. ऐसे में अगर इनकी रोकथाम के लिए सही उपाय नहीं किए गए तो ये कहीं न कहीं नए साल (2019) में भी आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं. अगर हम रोज की भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा सा वक्त भी अगर अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए निकालते हैं तो आप इन बीमारियों से बच सकते हैं, लेकिन अगर आपने इन छोटी-बड़ी बातों पर ध्यान नहीं दिया तो यह 2019 में आपके स्वास्थ्य के लिए और भी नुकसानदेय हो सकती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी ही बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो 2019 में आपको अपनी गिरफ्त में ले सकती हैं. जरूरी है कि आप अपनी सेहत की तरफ ध्यान दें और इन बिमारियों के प्रति थोड़ा सजग रहें.

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मलेरिया
विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल दुनिया भर में मलेरिया के 200 मिलियन से अधिक मामलों का अनुमान लगाता है. मलेरिया कितनी घातक बीमारी है इसका अंदाजा हम इसी बात से लगा सकते है कि पूरी दुनिया में इससे अभी तक 4,00,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं. यह मुख्य रूप से फीमेल मच्छरों के काटने से फैलता है. इस मच्छर में एक विशेष तरह का जीवाणु होता है जिसे प्लाज्मोडियम कहते हैं और जब यह प्लाज्मोडियम नाम का जीवाणु किसी व्यक्ति के शरीर के अंदर चला जाता है तो यह लिवर, रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करने लगता है. बता दें मलेरिया कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है, इसलिए कोशिश करें कि अगर आपको ज्यादा समय से बुखार, पसीने, शरीर में दर्द और उल्टी की समस्या हो रही है तो मलेरिया की जांच कराएं और आस-पास गंदगी और पानी इकठ्ठा न होने देने पर इस मच्छर को पनपने से रोका जा सकता है.

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जीका वायरस
साल 2018 में जीका वायरस ने हजारों लोगों को अपनी चपेट में लिया. यह वायरस इतना खतरनाक है कि अगर किसी गर्भवति महिला को हो जाए तो यह पल भर में गर्भ में पल रहे बच्चे को अपनी चपेट में ले लेता है. जिसके चलते न सिर्फ बच्चे का विकास रुक जाता है बल्कि कई बार इसके चलते बच्चे की मौत भी हो जाती है. बता दें जीका वायरस का कोई टीका या कोई इलाज नहीं है. इसका एक मात्र इलाज बचाव और सावधानी है.

फूड प्वॉइजनिंग
दूषित खाना खाने से हर साल लगभग लाखों लोग बीमार पड़ते हैं. सामान्य तौर पर लोग फूड प्वॉइजनिंग को काफी हल्के रूप में लेते हैं, लेकिन यह कई बार कितना घातक हो सकता है इसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. मतली, उल्टी, पेट में ऐंठन और दस्त फूड प्वॉइजनिंग के आम लक्षण हैं. अधिकांश मामलों में लोगों को फूड प्वाइजनिंग के दौरान इलाज की जरूरत नहीं होती और एक-दो दिनों में व्यक्ति खुद ही ठीक हो जाता है, लेकिन गर्भवति महिला, बच्चे और बुजुर्गों के मामले में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.

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डेंगू
डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो डेंगू वायरस द्वारा मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू  एडीज एजिप्टी नामक मादा मच्छर के चलते फैलता है जो कि चिकनगुनिया, जीका वायरस और jaundice जैसी बीमारियों का भी कारण है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल डेंगू 3 लाख से भी अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है, जिनमें से अधिकतर केस में इतनी देर हो जाती है कि मरीज को अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है. बता दें डेंगू से बचने का एकमात्र उपाय साफ-सफाई और सावधानी है. क्योंकि अधिकतर मामलों में ये मच्छर गंदी और अस्वच्छ जगह पर पाए जाते हैं.

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डिप्थीरिया
डिप्थीरिया एक गंभीर जीवाणु संक्रमण रोग है. 2018 के अंतिम कुछ महीनों में यह बीमारी एक महामारी के रूप में फैली हुई थी. डिप्थीरिया मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है. यह बीमारी शरीर में मुख्यतः गले और नाक को प्रभावित करता है. डिप्थीरिया मानव जाति में बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है. डिप्थीरिया मुख्य रूप से गंदगी से फैलने वाली बीमारी है. हमारे आस-पास की दूषित वस्तुएं भी डिप्थीरिया को फैलाने में अहम भूमिका निभाती हैं. डिप्थीरिया से संक्रमित व्यक्ति बैक्टीरिया विष नामक खतरनाक पदार्थ छोड़ते हैं. हमारे वातावरण की सफाई ही डिप्थीरिया को रोकने का एक प्रमुख उपाय है.