close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

टेरर फंडिंग मामला: ज़हूर वटाली के जमानत के खिलाफ याचिका पर SC में सुनवाई आज

टैंरर फ़ंडिंग मामले में जम्मू कश्मीर के व्यापारी ज़हूर वटाली को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली ज़मानत के खिलाफ NIA की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा.

टेरर फंडिंग मामला: ज़हूर वटाली के जमानत के खिलाफ याचिका पर SC में सुनवाई आज
सुप्रीम कोर्ट ने वटाली को ज़मानत देने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी.

नई दिल्ली: टैंरर फ़ंडिंग मामले में जम्मू कश्मीर के व्यापारी ज़हूर वटाली को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली ज़मानत के खिलाफ NIA की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने वटाली को ज़मानत देने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने NIA की याचिका पर वटाली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. दरअसल, NIA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वटाली की जमानत रद्द करने की मांग की है. दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल सितंबर माह में जहूर वटाली को जमानत दी थी. हाईकोर्ट ने वटाली को दो लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी थी.

आपको बता दें कि अगस्त 2017 में एनआईए ने टेरर फंडिंग मामले में कश्मीर के कारोबारी जहूर वटाली को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने कारोबारी और अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर छापे भी मारे थे.एनआईए के मुताबिक छापेमारी में कई संदिग्ध चीजें मिली थी जिनमें जहूर वटाली कोविदेशी स्रोतों से मिले धन की रसीद और इस राशि को कश्मीर के आतंकियों तथा अलगाववादियों में वितरण के सबूत भी शामिल हैं. एनआईए ने 3 जून को श्रीनगर में वटाली के घर की तलाशी ली थी और वित्तीय लेनदेन तथा जमीन के सौदे से संबंधित संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए थे. प्रापर्टी केदस्तावेज से ही पता चला था कि खरीद-बिक्री के लिए बड़ी राशि का नकद लेनदेन हुआ है.

NIA ने 2017 के कश्मीर टेरर फंडिंग केस में 12 लोगों को नामजद किया था. इनमें हिज्बुल मुजाहीदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और 26/11 का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भी शामिल थे. सलाहुद्दीन और हाफिज को छोड़ दस अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था. दक्षिण कश्मीर के फोटोग्राफरकामरान यूसुफ समेत दो आरोपियों को ही जमानत मिल चुकी है. कश्मीर टेरर फंडिंग केस में दुख्तराने मिल्लत का नाम एफआईआर में आया था लेकिन जांच एजेंसी ने इसकी प्रमुख आसिया अंद्राबी से अभी पूछताछ नहीं की थी. अलगाववादी नेता आसिया और उसकी दो सहयोगियों को देशद्रोह से जुड़े अन्य मामले में हाल में 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. तीनों पर हिंसा भड़काने, जम्मू और कश्मीर को अलग करने की कथित तौर पर मांग करने और देशद्रोह जैसे आरोप हैं.