'अब तो मैंने हमेशा के लिए शराब पीनी छोड़ दी है' : AAP नेता भगवंत मान ने पंजाब की जनता को लिखी चिट्ठी

इस चिट्ठी में मान ने दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी सरकार की उपलब्धियां गिनाई है, साथ ही अपने सांसद रहते हुए संगरूर में किए गए कामकाम के बारे में भी बताया है. कामकाज के इसी उल्‍लेख के बीच उन्‍होंने चिट्ठी में एक ऐसी बात भी कह दी है, जोकि चर्चा का विषय बन गई है और आम आदमी पार्टी के लिए भी सिरदर्द बन गई है.

'अब तो मैंने हमेशा के लिए शराब पीनी छोड़ दी है' : AAP नेता भगवंत मान ने पंजाब की जनता को लिखी चिट्ठी
इस चिट्ठी में भगवंत मान ने लिखा है कि 'इसी साल 1 जनवरी से मैंने हमेशा के लिए शराब पीनी छोड़ दी'. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली/चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के प्रमुख भगवंत मान द्वारा पंजाब के लोगों के नाम लिखी एक चिट्ठी ने सियासी बवाल खड़ा कर दिया है. इस पत्र ने विपक्षी दलों को मान और उनकी पार्टी के खिलाफ बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया है. इस चिट्ठी में मान ने दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी सरकार की उपलब्धियां गिनाई है, साथ ही अपने सांसद रहते हुए संगरूर में किए गए कामकाम के बारे में भी बताया है. कामकाज के इसी उल्‍लेख के बीच उन्‍होंने चिट्ठी में एक ऐसी बात भी कह दी है, जोकि चर्चा का विषय बन गई है और आम आदमी पार्टी के लिए भी सिरदर्द बन गई है.

दरअसल, आम आदमी पार्टी के वॉलिंटियर्स लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार के दौरान ये चिट्ठी पंजाब के लोगों को डोर-टू-डोर कैंपेन के तहत बांट रहे हैं. इस चिट्ठी में भगवंत मान ने लिखा है कि 'उन्होंने पंजाब के लिए अपना अभिनय करियर और स्टैंड अप कॉमेडी का प्रोफेशन तक छोड़ दिया. वहीं शराब पीने की बुरी लत छोड़कर अब अपना पूरा जीवन पंजाब के लोगों के लिए समर्पित कर दिया है. 

भगवंत मान ने अपनी चिट्ठी के दूसरे पैरे में लिखा है कि, 'मैं पहले एक मशहूर कलाकार था और एक शो करने का लाखों रुपये लेता था. मैने पंजाब के लोगों की सेवा करने के लिए अपना काम छोड़ दिया'. उन्‍होंने आगे लिखा कि 'मैं पहले शराब पीता था... एक दिन मेरी मां ने मुझसे कहा कि जनता की सेवा करने के लिए शराब रुकावट पैदा करती है. इसलिए तुम्‍हें शराब छोड़ देनी चाहिए. मां के कहने से इसी साल 1 जनवरी से मैंने हमेशा के लिए शराब पीनी छोड़ दी. अब मेरे जीवन का एक-एक मिनट पंजाब के लोगों के लिए समर्पित है.'

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भगवंत मान की इसी बात को लेकर विरोधी दलों ने मुद्दा बना लिया है और वे उन पर सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दल कह रहे हैं कि अगर भगवंत मान अपने शराब पीने की आदत छोड़ दी है तो वह इसे कैसे अपनी उपलब्धि के तौर पर पंजाब के लोगों को बता सकते हैं?