गूगल क्रोम द्वारा बिना जानकारी दिए 4GB की 'Gemini Nano' एआई फाइल डाउनलोड करने पर यूजर्स ने इसे जासूसी (Spyware) करार दिया है. हालांकि, यह फाइल असल में डिवाइस पर लोकल एआई फीचर्स चलाने के लिए है, ताकि डेटा क्लाउड पर भेजने के बजाय आपके कंप्यूटर पर ही सुरक्षित प्रोसेस हो सके.
Google Chrome: Google के ब्राउजर क्रोम को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार Google कुछ लैपटॉप और डेस्कटॉप में चुपचाप 4GB का AI मॉडल डाउनलोड कर रहा है. बिना यूजर की परमिशन के Chrome AI मॉडल को सिस्टम में स्टोर कर रहा है.
Ask Gemini' बटन के जरिए आप एक ही टैब पर रहते हुए दूसरी चीजों की जानकारी ले सकते हैं. अब ब्राउजर के अंदर ही फोटो एडिट करना और इमेज ट्रांसफॉर्म करना मुमकिन होगा. प्रोम्प्ट इंजेक्शन जैसे खतरों से निपटने के लिए इन-बिल्ट सेफ्टी फीचर्स भी मिलेंगे.
Google Chrome Mac Updates: टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ बदलाव होता रहता है और इसका असर सीधे यूजर्स पर पड़ता है. खासकर उन लोगों पर जो अभी भी पुराने लेकिन भरोसेमंद डिवाइस इस्तेमाल कर रहे हैं. अब ऐसा ही एक बदलाव पुराने Mac यूजर्स के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. Google अपने लोकप्रिय ब्राउजर Chrome को लेकर बड़ा फैसला लेने जा रहा है जिससे लाखों Mac यूजर्स प्रभावित होंगे.
गूगल कंपनी ने साफ कर दिया है अब उनका Chrome ब्राउजर कुछ पुराने macOS वर्जन में सही से काम नहीं करेंगा. क्योंकि कंपनी पुराने macOS 12 Monterey डिवाइस के लिए अपडेट देना बंद करने वाली है. इससे इन मैकबुक या iMac में Chrome ब्राउजर इस्तेमाल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा.
Incognito Mode: Incognito मोड जितना प्राइवेट लगता है उतना है नहीं. यह सिर्फ आपके डिवाइस पर हिस्ट्री, कुकीज और लोकल डेटा नहीं सेव होने देता लेकिन आपकी ऑनलाइन एक्टिविटीज इससे छिपी नहीं रहती है. इसका इस्तेमाल करने से पहले जरूरी बाते जान लें.
यह कमजोरियां Mac, Windows और Linux सिस्टम्स को प्रभावित कर सकती हैं. CERT-In ने न सिर्फ खतरे की जानकारी दी है, बल्कि उसका समाधान भी बताया है. एजेंसी ने कहा कि यूजर्स को तुरंत Chrome ब्राउजर अपडेट करना चाहिए ताकि इन सिक्योरिटी लूपहोल्स को बंद किया जा सके.
CERT In Security Alert: अगर आप भी गूगल क्रोम या Firefox का इस्तेमाल करते हैं तो जरा सावधान हो जाइए! भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने इन ब्राउजरों को लेकर एक खास चेतावनी जारी की है. ब्राउजर में पाई गई खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स आपकी पर्सनल जानकारी चुरा सकते हैं. ऐसे में बिना देर किए तुरंत यह काम कर लें...
Google Chrome New Feature: Google Chrome ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और शानदार फीचर पेश किया है. इस फीचर की सहायता से क्रोम खुद यह पहचान सकेगा कि कौन सी वेबसाइट्स की नोटिफिकेशन्स आपके लिए जरूरी है और कौन से नोटिफिकेशन गैरजरूरी है. पहचान करने के बाद ब्राउजर उन अनचाही नोटिफिकेशन्स को अपने आप ब्लॉक कर देगा.
CERT-In Warns Chrome Users: CERT-In ने Google Chrome यूजर्स को चेतावनी दी है कि Windows, macOS और Linux में कई सिक्योरिटी खामियां और कमजोरियां मिली हैं. हैकर्स इनका फायदा उठाकर सिस्टम में खतरनाक कोड डाल सकते हैं. इसलिए ऑर्गेनाइजेशन ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे तुरंत क्रोम को नए वर्जन में अपडेट कर लें.
CERT-In Warning: Google Chrome और Firefox यूजर्स के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. भारत सरकार ने इन ब्राउजरों में गंभीर सुरक्षा खामियों को लेकर अलर्ट जारी किया है. एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर यूजर्स अपने ब्राउजर को तुरंत अपडेट नहीं करते हैं, तो उनके सिस्टम में क्रैश होने या हैकिंग जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
Zoho Ulaa Beats Chrome: भारतीय कंपनी Zoho का Ulaa ब्राउजर अब चर्चा का विषय बन गया है. यह ऐप गूगल क्रोम को पीछे छोड़ते हुए सीधे प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर की टॉप लिस्ट में पहुंचा है. कपनी ने इसे प्राइवेसी फर्स्ट ब्राउजर बताया है.
Google ने घोषणा की है कि Chrome ब्राउजर का वर्जन 138 इन दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम्स के लिए आखिरी अपडेट होगा. यह बदलाव 5 अगस्त 2025 से लागू होगा.
Google Chrome Support: गूगल क्रोम ब्राउजर जल्द ही Android 8.0 Oreo और Android 9.0 Pie को सपोर्ट करना बंद कर देगा. आइए आपको बताते हैं इसकी वजह क्या है और आप क्या कर सकते हैं.
Google Chrome Security Threat: भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाली इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने Chrome में कई सुरक्षा खामियां बताई हैं.
अगर आप भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले सरकार की ओर से जारी की गई वॉर्निंग के बारे में जान लीजिए. Chrome ब्राउजर यूजर्स के लिए सरकार की ओर से अलर्ट जारी किया गया है.
कुछ दिनों से क्रोम के बिकने की चर्चा थी. इंटरव्यू में जब गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से पूछा गया कि अगर गूगल को मजबूरी में क्रोम बेचना पड़ा तो क्या वह बाकी काम वैसे ही कर पाएगा, तो पिचाई ने सीधे हां या ना नहीं कहा.
Google Chrome यूजर्स के लिए खतरे की घंटी बज गई है. High risk वॉर्निंग को इंग्नोर करना यूजर्स को महंगा पड़ सकता है. जानिए इससे बचने के लिए यूजर्स को क्या करना होगा?
Google Chrome Users Alert: अगर आप कंप्यूटर पर गूगल क्रोम ब्राउजर इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने डेस्कटॉप पर Google Chrome इस्तेमाल करने वालों के लिए एक चेतावनी जारी की है.
Google Chrome New Feature: गूगल क्रोम पर नए फीचर्स आए हैं. यह खासकर उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं जिन्हें देखने में थोड़ी परेशानी होती है. आइए आपको इनके बारे में बताते हैं.
Google Chrome ब्राउजर का इस्तेमाल करना अब सेफ होने वाला है. स्कैमर्स को मुंह तोड़ जवाब देने गूगल का फीचर आने वाला है. इससे यूजर्स को सेफ ब्राउजिंग में मदद मिलेगी.
Warning for Google Chrome Users: साइबर सुरक्षा टीम ने गूगल क्रोम इस्तेमाल करने वाले कंप्यूटर यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है. इसमें ब्राउजर में मिली कुछ गंभीर सुरक्षा कमियों के बारे में बताया गया है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.