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राजस्थान: सदन में प्रश्नकाल के मुद्दे पर BJP ने काली पट्टी बांध कर किया विरोध

बीजेपी की तरफ से विरोध लंबा खींचते देख लग रहा है कि अभी डेड-लॉक टूटने में विधानसभा के बजट सत्र में बाकी रहे पूरे प्रश्नकाल की आहुति लग सकती है.

राजस्थान: सदन में प्रश्नकाल के मुद्दे पर BJP ने काली पट्टी बांध कर किया विरोध
सदन में 18 जुलाई से बीजेपी का विरोध चल रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर की व्यवस्था को लेकर बीजेपी का विरोध तीसरे दिन भी जारी रहा. सोमवार को प्रश्नकाल में बीजेपी विधायक हाथ पर काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे. इस दौरान प्रश्नकाल के दौरान अपना नाम पुकारे जाने के बाद भी बीजेपी विधायकों ने सरकार से कोई सवाल नहीं पूछा.

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न को लेकर स्पीकर सीपी जोशी की व्यवस्था को लेकर गतिरोध बना हुआ है. बीजेपी ने इस मामले में लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान विरोध जताया. सोमवार को बीजेपी के सभी विधायक सदन में पहुंचे तो उन्होंने अपने हाथ पर विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधी हुई थी.

बीजेपी विधायकों ने नहीं किया सवाल
सदन में बीजेपी के विधायक दिनभर की कार्यवाही के दौरान काली पट्टी बांधकर ही बैठे. सोमवार को भी प्रश्नकाल में जब बीजेपी विधायकों के सवाल का नंबर आया तो उन्होनें कोई सवाल नहीं पूछा.

18 जुलाई से चल रहा विरोध
बीजेपी ने स्पीकर की व्यवस्था के खिलाफ सदन में 18 जुलाई से विरोध शुरू किया था. पहले दिन जिन विधायकों का प्रश्न शामिल था, केवल वे ही प्रश्नकाल के दौरान सदन में पहुंचे. जबकि दूसरे दिन बीजेपी के अधिकांश विधायक मौजूद तो रहे, लेकिन मुंह पर सफेद पट्टी बांधकर मौन बैठे रहे और विरोध जताया.

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विधायकों का यह है कहना
विधायक और पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग कहते हैं कि सदन में इस तरह की व्यवस्था पहली बार हुई है जब मूल प्रश्न कर्ता के अलावा अन्य कोई विधायक पूरक प्रश्न नहीं पूछ सकता. उन्होंने कहा कि इससे तो जनप्रतिनिधि रहने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता.

स्पीकर से हो चुकी है मुलाकात
विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इस मामले को लेकर स्पीकर सीपी जोशी से मुलाकात भी की. लेकिन अभी तक गतिरोध खत्म करने को लेकर कोई समाधान नहीं निकला है. बीजेपी की तरफ से विरोध लंबा खींचते देख लग रहा है कि अभी डेड-लॉक टूटने में विधानसभा के बजट सत्र में बाकी रहे पूरे प्रश्नकाल की आहुति लग सकती है.