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ZEE जानकारी: संघ का इतिहास पढ़ाए जाने से किसे है दिक्कत?

नागपुर विश्व विद्यालय ने B.A. यानी Graduation में इतिहास के विषय में संघ के इतिहास को पढ़ाने का फैसला किया है . अब कांग्रेस और विपक्ष के कुछ नेताओं को विश्व विद्यालय का ये फैसला भी पसंद नहीं आ रहा है 

Jul 10, 2019, 11:13 PM IST

24 जूनः भारतीय क्रिकेट टीम के नाम दर्ज है सबसे कम स्कोर का रिकॉर्ड, बनाए थे महज इतने रन

1974 में वह 24 जून का ही दिन था, जब भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ लॉडर्स टेस्ट मैच की दूसरी पारी में मात्र 42 रन पर सिमट गई थी

Jun 24, 2019, 09:36 AM IST

ZEE जानकारी: स्कूली किताबों में इतिहास के साथ राजनीति का विश्लेषण

हर देश के अपने आदर्श पुरुष और महापुरुष होते हैं और वहां के लोग इऩ महापुरुषों में आस्था रखते हैं, इन्हें लेकर विवाद और राजनीति नहीं करते. लेकिन हमारे देश में महापुरुषों को लेकर भी विवाद होते हैं.

मई 14, 2019, 11:30 PM IST

इतिहास में टीपू सुल्तान के 'अर्धसत्य' का संपुर्ण DNA विशलेषण

इतिहास में टीपू सुल्तान के 'अर्धसत्य' का संपुर्ण DNA विशलेषण. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो...

मई 7, 2019, 10:20 PM IST

आज का इतिहास: जब सत्यजीत रे ने भारत को दिलवाया था ऑस्कर

30 मार्च 1992 को सत्यजीत रे को ऑस्कर मिला था. अपनी फिल्मों को कभी ऑस्कर के लिए नहीं भेजा. ऑनरेरी अवॉर्ड फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला.

Mar 30, 2019, 06:07 PM IST

क्या इतिहास दौरा पायेगी पिंक सिटी ?

राजस्थान कब कब होगा मतदान और क्या है पिंक सिटी का राजनीतिक समीकरण...जानिये खास रिपोर्ट में...

Mar 11, 2019, 02:06 PM IST

इतिहास बनाने में नाकाम रहने वाले इसमें छेड़छाड़ की कोशिश करते हैं: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इतिहास को उसके वास्तविक रूप में स्वीकार करने एवं किसी विचारधारा द्वारा इसमें छेड़छाड़ नहीं करने देने की जरूरत पर बल दिया.

Mar 7, 2019, 11:12 PM IST

आज का इतिहास: आज के दिन टाटा स्टील की हुई थी औपचारिक शुरूआत

स्वामी विवेकानंद से प्रेरित जमशेदजी टाटा के बेटे दोराबजी टाटा ने 1 मार्च 1917 को टाटा स्टील की औपचारिक शुरूआत की थी. भारत में औद्योगिक-क्रांति का जनक टाटा-स्टील को कहा जाता है. जानें आज का इतिहास में.

Mar 1, 2019, 11:56 AM IST

जानिए गणतंत्र दिवस का इतिहास

जानिए गणतंत्र दिवस का इतिहास, महत्‍व और तथ्‍य..जानने के लिए देखें वीडियो..

Jan 26, 2019, 07:20 AM IST

आज का इतिहास: नेता जी सुभाष चंद्र बोस की आज़ादी की आवाज जब पहुंची सरहद पार

आज के दिन नेता जी सुभाष चंद्र बोस ब्रिटिश नज़रबंदी से निकले थे. 17 जनवरी 1941 को बोस कलकत्ता से निकले थे और आज़ादी की 'आवाज़' को सरहद के पार पहुंचाया था. कलकत्ता से पेशावर, फिर बर्लिन और टोक्यो तक पहुंची थी आज़ादी की ये 'आवाज़'.

Jan 17, 2019, 10:07 AM IST

राजा दाहिर सेन ने बौद्ध की जगह हिन्दू धर्म को किया था राजधर्म घोषित

राजा दाहिर सेन के पिता चच ने सिंहासन पर बैठते ही सिंध की प्रमुख जातियों लोहाणों, गुर्जरों और जाटों को राजदरबार के महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया था. दाहिर सेन ने राजकाज संभालते ही अपने पिता के इस गैरवाजिब फैसले को पलट दिया. इन जातियों की मुख्यधारा में न सिर्फ वापसी की बल्कि उन्हें समुचित सम्मान भी दिया. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'वीरगाथा' रविवार शाम 7.25 बजे

Jan 12, 2019, 11:21 PM IST

पटेल नीति के सामने टिक न सका हैदराबाद का निजाम, 48 घंटे में हुई थी हार

जून में माउंटबेटन के जाने का समय आ गया था. दूसरी तरफ हैदराबाद से बातचीत की सारी कोशिश खत्म हो चुकी थीं. हैदराबाद में निज़ाम की निजामशाही और उसके जमींदारों के खिलाफ आम जनता का विद्रोह भड़क उठा था. इस विद्रोह का नेतृत्व भारत की कम्युनिस्ट पार्टी कर रही थी. इससे हैदराबाद में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका था. लगातार हैदराबाद से हालात बिगड़ने की खबरे आ रही थीं. इसी दौरान 21 जून 1948 को माउंटबेटन अपने पद से रिटायर हुए और उनकी जगह चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को नया गवर्नर जनरल बनाया गया. माउंटबेटन के पद से हटते ही पटेल का रास्ता साफ हो गया था. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'.... देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Jan 10, 2019, 09:56 PM IST

बायोग्राफी : कश्मीर पर थी जिन्ना की ना'पाक' नजर, पटेल ने दिया था करारा जवाब

राजा हरि सिंह से मिलने लार्ड माउंटबेटन पहुंचते हैं. मुलाकात के दौरान माउंटबेटन ने हरि सिंह को साफ कह दिया, अगर कश्मीर पाकिस्तान के साथ गया तो भारत से मदद की उम्मीद छोड़ दी जाए. उसी वक्त महात्मा गांधी उम्मीद जताए बैठे थे कि कश्मीर भारत के साथ जरूर आएगा. वो दो राष्ट्रों के बीच नहीं झूलेगा. महात्मा गांधी के इतने भरोसे की वजह सिर्फ और सिर्फ सरदार पटेल थे जो जूनागढ़, जोधपुर और हैदराबाद को शामिल करने के लिए अपने तेवर दिखा चुके थे. लेकिन इसी वक्त में कश्मीर पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तान ने एक ऐसी चाल चली जिसने जिन्ना के मंसूबों को जाहिर कर दिया. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 10, 2019, 04:56 AM IST

बायोग्राफी : पटेल नीति के सामने टिक न सका हैदराबाद का निजाम, 48 घंटे में हुई थी हार

जून में माउंटबेटन के जाने का समय आ गया था. दूसरी तरफ हैदराबाद से बातचीत की सारी कोशिश खत्म हो चुकी थीं. हैदराबाद में निज़ाम की निजामशाही और उसके जमींदारों के खिलाफ आम जनता का विद्रोह भड़क उठा था. इस विद्रोह का नेतृत्व भारत की कम्युनिस्ट पार्टी कर रही थी. इससे हैदराबाद में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका था. लगातार हैदराबाद से हालात बिगड़ने की खबरे आ रही थीं. इसी दौरान 21 जून 1948 को माउंटबेटन अपने पद से रिटायर हुए और उनकी जगह चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को नया गवर्नर जनरल बनाया गया. माउंटबेटन के पद से हटते ही पटेल का रास्ता साफ हो गया था. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 10, 2019, 04:49 AM IST

बायोग्राफी : जोधपुर पर थी जिन्ना की बुरी नजर, पटेल ने यूं फेरा था मंसूबों पर पानी

देश की सबसे समृद्द रियासत हैदराबाद ने तो अपनी आजादी का ऐलान 12 जुलाई 1947 को कर दिया था. हैदराबाद के निजाम के तेवर अभी भी नहीं बदले थे. भोपाल के नवाब का बगावती रुख उन्हें कभी पाकिस्तान की तरफ खींच रहा था और पश्चिम में जूनागढ़ और जोधपुर ने नींद हराम कर रखी थी. जोधपुर तो वो रियासत थी जिसकी सीमा प्रस्तावित पाकिस्तान से लगती थी. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 10, 2019, 04:35 AM IST

बायोग्राफी : किसी भी कीमत पर जूनागढ़ को पाना चाहता था पाकिस्तान, पटेल के आगे जिन्ना की एक ना चली

साल 1947 में भारत आजाद होने वाला था. नेहरू पहले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले थे. उससे पहले भारतीय गणराज्य को 565 टुकड़ों में बांटने की एक बड़ी चाल जिन्ना ने रियासतदारों के साथ मिलकर चली थी. लेकिन सरदार पटेल ने सारे मंसूबे को नाकाम कर दिया. जूनागढ़ का नवाब मुहब्बत खां रसूल खान जी अपने अजीबोगरीब शौक के लिए जाना जाता था. कुत्तों का शौकीन नवाब मुहब्बत खां ने अपनी रियासत को पाकिस्तान में मिलाने का एलान कर दिया था जिसके लिए जिन्ना ने एक प्लानिंग की थी. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 10, 2019, 04:35 AM IST

बायोग्राफी : हैदराबाद छीनने की जिन्ना की नापाक साजिश, पटेल नीति के आगे पाक हुआ था चारों खाने चित

आजाद भारत की सबसे बड़ी रियासत हैदराबाद में हालात बदतर थे. हैदराबाद की आवाम पर ज़ुल्म ढहाया जा रहा था. हत्या, बलात्कार, और लूटपाट जैसी घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था. ऐसी खबरे पढ़कर प्रधानमंत्री पंडित नेहरु विचलित होते और सरदार पटेल गुस्से से लाल हो जाते. निज़ाम मीर उस्मान अली ने इन घटनाओं को रोकने की कोशिश नहीं की क्योंकि इन घटनाओं के पीछे एक शातिर दिमाग था कासिम रज़वी जिसे समझाने के लिए सरदार पटेल ने दिल्ली बुलाया. हैदराबाद के निजा़म मीर उस्मान अली खां के प्रतिनिधि कासिम रिज़वी दिल्ली में रियासत विभाग के मंत्री सरदार पटेल से मिलने आए हुए थे. दिल्ली के सर्द मौसम में सरदार पटेल के तेवर गर्म थे. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 10, 2019, 04:35 AM IST

बायोग्राफी : पटेल ना होते तो 565 टुकड़ों में बंटा होता आज का भारत, जानें लौहपुरुष की कहानी

1947 का दौर, आजादी से पहले भारत 565 छोटी-बड़ी रियासतों में बंटा था. भारत में विलय के लिए इन रियासतों को राजी करने की जिम्मेदारी सरदार पटेल को सौंपी गयी थी. उन दिनों सरदार पटेल अंतरिम सरकार में गृहमंत्री थे. रियासतों को एकसूत्र मे बांधने की जिम्मेदारी को सरदार पटेल ने न निभाया होता, तो शायद भारत का इतिहास ही नहीं बदलता, नक्शा भी बदल सकता था. भारत, आजाद नहीं हुआ था लेकिन तय था कि आजादी के साथ ही भारत और पाकिस्तान दो मुल्क बनेंगे. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 10, 2019, 04:07 AM IST

हैदराबाद छीनने की जिन्ना की नापाक साजिश, पटेल नीति के आगे पाक हुआ था चारों खाने चित

आजाद भारत की सबसे बड़ी रियासत हैदराबाद में हालात बदतर थे. हैदराबाद की आवाम पर ज़ुल्म ढहाया जा रहा था. हत्या, बलात्कार, और लूटपाट जैसी घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था. ऐसी खबरे पढ़कर प्रधानमंत्री पंडित नेहरु विचलित होते और सरदार पटेल गुस्से से लाल हो जाते. निज़ाम मीर उस्मान अली ने इन घटनाओं को रोकने की कोशिश नहीं की क्योंकि इन घटनाओं के पीछे एक शातिर दिमाग था कासिम रज़वी जिसे समझाने के लिए सरदार पटेल ने दिल्ली बुलाया. हैदराबाद के निजा़म मीर उस्मान अली खां के प्रतिनिधि कासिम रिज़वी दिल्ली में रियासत विभाग के मंत्री सरदार पटेल से मिलने आए हुए थे. दिल्ली के सर्द मौसम में सरदार पटेल के तेवर गर्म थे. देखें हमारी खास पेशकश 'बायोग्राफी'....

Jan 9, 2019, 07:49 PM IST

किसी भी कीमत पर जूनागढ़ को पाना चाहता था पाकिस्तान, पटेल के आगे जिन्ना की एक ना चली

साल 1947 में भारत आजाद होने वाला था. नेहरू पहले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले थे. उससे पहले भारतीय गणराज्य को 565 टुकड़ों में बांटने की एक बड़ी चाल जिन्ना ने रियासतदारों के साथ मिलकर चली थी. लेकिन सरदार पटेल ने सारे मंसूबे को नाकाम कर दिया. जूनागढ़ का नवाब मुहब्बत खां रसूल खान जी अपने अजीबोगरीब शौक के लिए जाना जाता था. कुत्तों का शौकीन नवाब मुहब्बत खां ने अपनी रियासत को पाकिस्तान में मिलाने का एलान कर दिया था जिसके लिए जिन्ना ने एक प्लानिंग की थी.

Jan 8, 2019, 09:14 PM IST