नया साल और घूमने की शौख रखने वाले लोगों के लिए नई नई जगहों की तलाश बंद नहीं होती. हर साल लोग अपने नए साल की शुरुआत धमाकेदार बनाना चाहते हैं. ऐसे में अगर आप भी उन लोगों में से जो हर बार अपनी ट्रिप पर नई और सुंदर जगहों की तलाश में रहते हैं, तो आज हम आपको बताने वाले हैं हमारे हिमाचल और उत्तराखंड की खूबसूरत 5 जगहों के बारे में.
Bhagwan Narsingh Mandir: उत्तराखंड के जोशीमठ में भगवान नृसिंह का एक ऐसा मंदिर है जिसका संबंध सृष्टि के विनाश से माना जाता है. आइए जानते हैं कि क्या इस प्रतिमा का इतिहास और सृष्टि के अंत से कैसे है इसका संबंध?
जोशीमठ के बाद अब चमोली का नंदानगर घाट भी खतरे में है. लगातार बारिश और भूस्खलन ने पूरे कस्बे को तबाही की कगार पर पहुंचा दिया है. शुक्रवार रात अचानक ज़मीन धंसी और 8 घर मलबे में तब्दील हो गए. 34 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए, और बाजार की 40 दुकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है. क्या नंदानगर अगला 'धंसता शहर' बन रहा है? उत्तराखंड के पहाड़ क्यों टूट रहे हैं? क्या 49 साल पुरानी चेतावनी को फिर से नज़रअंदाज़ किया गया है? इस वीडियो में जानिए कि जोशीमठ और नंदानगर की त्रासदी में क्या समानता है. 1976 की मिश्रा कमेटी रिपोर्ट में क्या चेतावनी दी गई थी. GSI की ताज़ा रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ.
उत्तराखंड में PWD ने राज्य के सभी पुलों, लैंडस्लाइड एरिया और सड़कों पर एक स्टडी की है...और इस स्टडी की जो रिपोर्ट तैयार की है...वो रेड अलर्ट है...कि उत्तराखंड में कभी भी प्रलय आ सकती है...उत्तराखण्ड में 200 से ज्यादा Landslide Prone Zone की पहचान की गई है..यानी वो इलाके..जहां कभी भी लैंडस्लाइड हो सकता है.
Landslide in Joshimath: जोशीमठ में बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर आज पहाड़ी से भयानक लैंडस्लाइड हो गया. मलबे के साथ बड़े-बड़े बोल्डर पहाड़ी से गिरने लगे. देखते ही देखते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया. इस दौरान वहां से आवाजाही कर रहे तीर्थयात्री और मॉर्निंग वॉक को गए स्थानीय लोग बाल-बाल बच गए. वीडियो देखें
Joshimath News: सीबीआरआई रुड़की की टीम की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच के दौरान 300 मिलीमीटर तक चौड़ी और 3 से 4 मीटर तक गहराई की करीब 40 दरारें पाई गई और इन्हीं दरारों के आसपास अधिकांश भवनों को नुकसान हुआ है. करीब 700 भवनों की मरम्मत की जानी है.
Video: देवभूमि उत्तराखंड में जल्द ही मॉनसून दस्तक देने वाला है. इससे पहले बाशिंदों के साथ-साथ सरकार की चिंता भी बढ़ गई है. ड्रेनेज प्लान पर जारी काम पूरा नहीं हो पाया है. जिससे हालात बिगड़ने की संभावना जताई जा रही है. उत्तराखंड में बारिश के कारण अच्छा खासा नुकसान होता है. बरसात में यहां नदी नाले उफान पर आ जाते हैं. पहाड़ी जिलों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं. जहां पूरा प्रदेश मॉनसून का इंतजार कर रहा है, वहीं, जोशीमठ के रहवासी बारिश के ख्याल से सिहर गये हैं. वीडियो देखें
Joshimath name change: चमोली जिले के जोशीमठ का नाम बदला गया है. धामी सरकार ने यह फैसला लिया है. इसे अब ज्योतिर्मठ के नाम से जाना जाएगा.
गर्मियों में कहां घूमने जाएं? अगर ये सवाल आपके भी दिमाग में आ रहा है और कोई नया आइडिया नहीं मिल रहा तो, इस बार आप अपनी गर्मी की छुट्टियां यहां बिता सकते हैं. आइए बताते हैं ऐसे टूरिस्ट प्लेस के कुछ जगहों के बारे में.
Chamoli Avalanche Video: चमोली के जोशीमठ विकासखंड के नीती घाटी क्षेत्र का दूरस्थ गांव द्रोणागिरी में बर्फबारी और बर्फीले तूफान से लोग परेशान हैं. यहां इस बर्फीले तूफान के चलते घरों की छत में लगी टिनें उखड़ने के साथ ही कई घरों को नुकसान पहुंचा है. लगातार बर्फबारी से सुबह तक लगभग 1 से 2 फिट बर्फ जम गई. द्रोणागिरी पहुंचने का एकमात्र पैदल मार्ग भी कई जगह पर बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है. वीडियो देखें
जम्मू कश्मीर के रामबान जिले में जमीन के धंसने से पचास से ज्यादा मकान गिर गए है. और कुछ मकानों को नुकसान पंहुचा है. 300 लोगो को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. जोशी मठ की घटना को अभी भूले भी नहीं है ठीक उसी तरह के हालत जम्मू कश्मीर के रामबन में भी देखने को मिल रहा हैं. अजीब सी इस प्रकृतिक घटना के चपेट में आकर जमीन में और सड़को पर बड़ी बड़ी दरारें आ गयी हैं.
DNA on Joshimath Land Subsidence: उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की वजह से एक साल पहले लोगों से घर खाली करा लिए गए थे. अब एक साल बाद फिर से उन्हीं घरों में लौटकर रहने को मजबूर हो गए हैं.
DNA: ठीक एक साल पहले जोशीमठ में उस समय Tension High हो गई थी, जब सैंकड़ों घरों में दरार आ गई थी। तब सरकार ने जरूरी कदम उठाते हुए सैंकड़ों लोगों को अस्थाई तौर पर शिफ्ट किया था, लेकिन सालभर के अंदर प्रशासनिक इंतजाम धराशाई हो गए और जोशीमठ के हज़ारों लोग फिर से खतरनाक घोषित किये गये घरों में रहने को मजबूर हैं। इस बीच GSI यानी Geological Survey of India और CBRI यानी Central Building Research Institute की Report आई है। जिसमें बताया गया है कि जोशीमठ के 1200 से ज्यादा घर खतरनाक स्थिति में है। इन घरों को तत्काल खाली कराने का सुझाव दिया गया है। तो क्या बीते एक साल में जोशीमठ में कुछ नहीं बदला.
उत्तराखंड के चमोली जनपद में बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूट कर सड़क पर भरभराते गिरा. इससे राजमार्ग बंद हो गया.शनिवार को जोशीमठ से करीब 15 किलोमीटर आगे टैया पुल के पास घटना हुई.
Joshimath Report : जोशीमठ आपदा को लगभग साल भर होने के बाद भी वहां मकानों में दरारें बढ़ती जा रही हैं. इस बीच हादसों की वजह पर केंद्रित रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है. इसमें NTPC को क्लीनचिट दिया गया है.
Chamoli Landslide Video: चमोली जोशीमठ विकास खंड के पगनो गांव में बारिश से काफी नुकसान हुआ है. बारिश की वजह से लगातार भूस्खलन हो रहा है. पगनो गांव के 50 परिवारों के घर भूधंसाव की जद में हैं. वीडियो में देखिये ग्रामीणों के आशियाने ताश के पत्तों की तरह आंखों के सामने कैसे गिर रहे हैं.
Joshimath News: उत्तराखंड के जोशीमठ में संकट फिर गहरा गया है. यहां के कई गांवों में ताजा भूस्खलन के बाद मकानों के गिरने की घटना से हड़कंप मचा हुआ है. वो सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
Uttarakhand Building Collapse: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने कहा कि इमारत में रहने वाले सात लोग अलकनंदा नदी के तट पर पास की क्रशर इकाई में काम करते थे.
Joshimath news: जोशीमठ के पंगनो गांव से लगभग 5 किलोमीटर ऊपर रेडोकुंडा जंगलों में 24 जुलाई को बदल फटने की घटना हुई थी. इससे गांव के ऊपर से लगातार भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है.
Joshimath News : मानसून शुरू होने के बाद जोशीमठ के सिंहधार वार्ड, मनोहर बाग वार्ड, और गांधी नगर वार्ड के समीप अलग-अलग भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं थी. अब जोशीमठ के रेड जोन एरिया में एक बार फिर से भूस्खलन शुरू हो गया है.
Joshimath News: जोशीमठ में जनवरी महीने में जो दरारें हल्की पड़ी थी वह धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. जिससे स्थानीय लोगों की दिन और रात दहशत और चिंता में कट रही है. लोग डर के साये में जीवन जीने के लिए मजबूर हैं.
Joshimath News: जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव के बाद सरकार की ओर से जोखिम के आकलन का कार्य जारी है. इसी बीच एक बार फिर एक खेत में 6 फीट की दरार देखने को मिली है, जिसके बाद से स्थानीय निवासी दहशत में हैं.